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इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग का झंझट खत्म, इंडियन ऑयल लाने जा रहा ये खास सुविधा

इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग का झंझट खत्म, इंडियन ऑयल लाने जा रहा ये खास सुविधा

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 1 जुलाई 2020 से 50 नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया है. वहीं, 336 प्रोजेक्‍ट पर पहले से ही काम चल रहा है.

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 1 जुलाई 2020 से 50 नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया है. वहीं, 336 प्रोजेक्‍ट पर पहले से ही काम चल रहा है.

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल (IOCL) इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंस्टैंट बैटरी रिचार्ज की सुविधा पेश करने जा रही है. इसके लिए IOCL ने सन मोबिलिटी के साथ पार्टनरशिप किया है. कंपनी की इस पेशकश इसे इन वाहनों की चार्जिंग समय घट जाएगी.

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    नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल (Indian Oil) अब इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) के लिए एक खास कदम उठाने जा रही है. इंडियन ऑयल ने बीते शुक्रवार को घोषणा की कि वो जल्द ही पेट्रोल पम्प पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग (EV Battery Swaping) की सुविधा पेश करेगी. इंडियन ऑयल की इस सुविधा के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इन पेट्रोल पम्प पर आसानी इंस्टैंट बैटरी रिचार्ज (Instan Battery Recharge) की सुविधा मिल सकेगी.

    इंडियन ऑयल ने इस नये प्लान को सन मोबिलिटी (Sun Mobility) के साथ पार्टनरशिप में शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका नाम 'क्विक इंटरचेंज स्टेशन' (QIS) रखा गया है. कंपनी के चेयरमैन संजीव सिंह का कहना है कि इंडियन ऑयल सबसे पहले चंडीगढ़ में इंस्टैंट बैटरी स्वैपिंग की सुविधा शुरू करेगी, जिसके बाद इसे 20 स्टेशनों तक विस्तार दिया जाएगा. पायलट प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़, अमृतसर और बेंगलुरु में तीन अन्य स्टेशन सेटअप किये जाएंगे. पायलट प्रोजेक्ट में नई दिल्ली, गुरुग्राम व अन्य शहरों तक इस सुविधा को पहुंचाया जाएगा.

    चूंकि, बैटरी चार्जिंग फैसिलिटीज अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए इनपर चार्जिंग के लिए बहुत समय लगता है. इसी को देखते हुए इंडियन ऑयल स्वैपिंग तकनीक को पेश करना चाहता है ताकि घंटों की वेटिंग टाइम (Battery charge waiting time for EV) को घटाकर महज कुछ मिनट तक कर दिया जाए. शुरुआती दौर में इस मॉडल के जरिए कॉमर्शियल वाहनों को टार्गेट किया जा रहा है, जिसमें इलेक्ट्रिक ऑटो, रिक्शा और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को शामिल किया जाएगा.

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    कैसे काम करेगी इंडियन ऑयल की सुविधा?
    >> बैटरी चालित कोई भी वाहन इंडियन ऑयल के क्विक इंटरचेंज स्टेश (Quick Interchange Station) पहुंचकर पूरी तरह से डिस्चार्ज बैटरी को डिस्पेंसिंग स्टेशन पर छोड़कर फुल चार्ज बैटरी को महज 1 से 2 मिनट में प्राप्त कर सकते हैं.

    >> इस QIS सभी 3 या 4 बैटरी का रिप्लेस किया जा सकता है. पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद बैटरी चार्ज करने का बिल जेनरेट कर दिया जाएगा.

    >> पहले QIS 14 बैटरी को सपोर्ट करेगा. इसे प्रीलोडेड कार्ड्स को स्वैप करने के लिए टचस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें एक इलेक्ट्रिक सबमीटर भी लगा होगा.

    >> चेयरमैन संजीव सिंह ने दावा किया है कि पिछले कुल 35 लाख में से करीब 4,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों की बैटरी चार्ज करने में लगने वाला ज्यादा समय ही एक कारण है, जिसकी वजह से कम इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हो रही है.

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    उन्होंने कहा, 'कुछ ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए तैयारी भी होंगे लेकिन बैटरी चार्जिंग की प्रक्रिया की वजह से वो अंतिम फैसला नहीं ले पा रहे हैं. इसीलिए बैटरी स्वैपिंग की सुविधा उनके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.' उन्होंने आगे कहा, 'बैटरी चार्जिंग से केवल समय ही नहीं बचता बल्कि, इससे वाहनों में लगने वाले बैटरी साइज कम करने में भी मदद मिलेगी. साथ ही उन्हें ज्यादा रनटाइम भी मिल सकेगा.' (एजेंसी इनपुट के साथ)undefined

    Tags: Auto News, E-Vehicle, Electronic Vehicles, Indian Oil, Motor vehicles act

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