ड्राइवरों का ध्यान भटका रहा कार में लगा Infotainment सिस्टम, सर्वे में सामने आए हैरान करने वाले आंकड़े

इन्फोटेनमेन्ट सिस्टम

इन्फोटेनमेन्ट सिस्टम

कारों में आधुनिक सुविधाएं देने की होड़ ने डैशबोर्ड में लगे इन्फोटेनमेन्ट सिस्टम में जबरदस्त बदलाव किया है. लेकिन, अब अधिकतर ड्राइवरों का इससे मोहभंग हो रहा है. उनका कहना है कि इसकी कुछ सुविधाएं अनुपयोगी हैं और इनसे ड्राइविंग से ध्यान भटकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 9:35 PM IST
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नई दिल्ली. लंबा सफर, सड़कों पर भारी जाम और बेहाल सड़कें मंजिल तक पहुंचने से पहले सफर को उबाऊ बना देते हैं. ऐसे में जिन लोगों का ज्यादा समय सिर्फ ड्राइविंग में ही बीतता है उनके लिए तकलीफें और भी बढ़ जाती है. ऐसे में इन सब बातों को ध्यान में रखकर कंपनियों ने कारों को इन्फोटेनमेन्ट सिस्टम (Infotainment System) से लैस किया है जो नेविगेशन, रियर कैमरा व्यू और मनोरंजन की जरुरतों को पूरा करते हैं. लेकिन, एक सर्वे के अनुसार इन्फोटेनमेन्ट सिस्टम चालकों के लिए मनोरंजन का साधन कम और उन्हें ड्राइविंग करते समय ध्यान भटकाने का काम ज्यादा कर रहा है.

इन्फोटेनमेन्ट मार्केट का दायरा बढ़ा

ऑटोमोबाइल सेक्टर में इन्फोटेनमेन्ट मार्केट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. जिसमें प्री-ऑर्डर के जरिए शॉपिंग सेवा का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही कार में बैठे-बैठे डिनर के लिए भी प्री-ऑर्डर बुकिंग कर सकते हैं. यह सिस्टम कई वर्चुअल गेम की भी सुविधा से लेस है, लेकिन ब्रिटेन के चालक असल में इस नई तकनीक का कितना उपयोग करते हैं, आइए जानते हैं? बता दें कि एक हजार ब्रिटिश चालकों पर किए गए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं.

10 में से 6 चालकों को नहीं इस सिस्टम पर भरोसा
हजार चालकों पर किए गए इस सर्वे में जब उनसे पूछा गया कि क्या सफर के दौरान इंन्फोटेनमेन्ट सिस्टम उनके लिए मददगार साबित होता है तो 10 में से 6 चालकों ने माना कि उनका इस सिस्टम पर अब कोई भरोसा नहीं रहा है.

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3 में से 1 ने बताई सिस्टम के फेल होने की बात



इन्फोटेन्मेन्ट सिस्टम डैशबोर्ड से चालकों का मोहभंग इसलिए भी हो रहा है क्योंकि कभी-कभी यह सिस्टम काम नहीं कर पाता है. सर्वे में 3 में से 1 चालक ने सिस्टम के फेल होने की बात कबूली है. बता दें कि इसमें वॉयस रिकॉग्निशन (आवाज पहचानना), एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कार्ड प्ले कनेक्टिविटी, टचस्क्रीन, नेवीगेशन सिस्टम, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को लेकर समस्याएं आती रहती हैं.

वहीं, रोड सेफ्टी चैरिटी ब्रेक ने बताया कि 49 फीसदी चालकों का इंफोटेनमेंट सिस्टम से ध्यान भटका है और 63 फीसदी चालक इस बात से सहमत हैं कि इसे वाहन चलाते समय प्रतिबंधित कर देना चाहिए।

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इन्फोटेन्मेन्ट सिस्टम का कौन सा फीचर ज्यादा अनुपयोगी

4 में से एक चलाक ने माना कि इस सिस्टम में एआर सेट नव्स (AR sat navs) उनका ध्यान भंग करता है. वहीं, स्मार्टफोन के बढ़ते बाजारों की वजह से वाहनों में इन कनेक्टिविटी का ज्यादा चलन हो गया है.

चालकों के लिए यह सिस्टम कितना उपयोगी

37 फीसदी ब्रिटिश चालकों का मानना है कि इस डैशबोर्ड में ट्रैफिक अलर्ट सबसे उपयोगी फीचर है. वहीं 19 फीसदी चालकों ने एआर सेट नव्स (AR sat navs) फीचर को उपयोगी बताया है. इनमें से 3 फीसदी चालकों ने कहा है कि हैंड्स फ्री गेम्स फीचर उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करता है. वहीं, चालक डेशबोर्ड में मौजूद शॉपिंग सेवाओं पर भी बिल्कुल दिलचस्पी नहीं रखते हैं.

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16 फीसदी चालकों को पसंद वॉयस-कंट्रोल डैशबोर्ड

अब मर्सिडीस कारों की तरह अन्य कारों में भी वॉयस कंट्रोल सिस्टम (Voice Control System) की सुविधा मिलती है, लेकिन सर्वे के मुताबिक ब्रिटिश चालकों को डेशबोर्ड में वॉयस कंट्रोल सिस्टम बिल्कुल भी नहीं भाता है. केवल 16 फीसदी चालक ही इस सुविधा को सही मानते हैं. वहीं इससे ज्यादा 38 फीसदी चालक बटन दबाने और 46 फीसदी टचस्क्रीन का इस्तेमाल करने के अपने पुराने तरीकों से खुश हैं.
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