सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले जानें ये जरूरी बातें, नहीं तो हर महीने करने होंगे हजारों रुपये खर्च!

सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले जानें ये जरूरी बातें, नहीं तो हर महीने करने होंगे हजारों रुपये खर्च!
सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले सावधानी से जांच कर लेना चाहिए.

देश में हर साल बाढ़ और भारी बारिश की वजह से लाखों कारें डैमेज्ड हो जाती हैं. इनमें से 80 फीसदी कारें सेकेंड हैंड कार बाजार में उतार दी जाती हैं. ऐसे में सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले आपको कई बातों के बारे में सही तरीके से चांज करन लेना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 10:23 AM IST
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नई दिल्ली. आज के समय में न केवल ब्रांड न्यू कार बल्कि सेकेंड हैंड कारों (Second Hand Car) का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है. सेकेंड हैंड कार खरीदने के पीछे कई कारण होता है. हो सकता है कि आप वित्तीय तौर पर नई कार खरीदने के लिए तैयार नहीं हो, लेकिन जरूरत को ध्यान में रखते हुए आप सेकेंड हैंड कार खरीदने का विकल्प चुनते हैं. ऐसे में आपको सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले कई तरह की बातों को ध्यान में रखना होता है. ​किसी भी सेकेंड हैंड कार को खरीदने से पहले कई बातों को सही तरह से जांच करना जरूरी होता है. ये जांच केवल ड्राइविंग टेस्ट करने से ही नहीं पूरा होता है.

बाढ़ और पानी से डैमेज्ड कारों की संख्या सेकेंड हैंड मार्केट में सबसे अधिक
दरअसल, देश में हर साल बाढ़ और भारी बारिश की वजह से लाखों कारें खराब हो जाता हैं. सेकेंड हैंड मार्केट में इन कारों की सबसे अधिक बिक्री होती है. जानकारों का मानना है कि बाढ़ की वजह से क्षतिग्रस्त कार के सेकेंड हैंड कार मार्केट में पहुंचने की सबसे अधिक संभावना रहती है. बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदा में डैमेज्ड कारों में 80 फीसदी सेकेंड हैंड कार मार्केट में पहुंच जाती हैं. इनमें से अधिकतर कारों को इंश्योरेंस से मिलने वाली रकम से रिपेयर कर सेकेंड हैंड बाजार में उतार दिया जाता है.

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जानकारों का कहना है कि पानी की वजह क्षतिग्रस्त कारों को ठीक से रिपेयर करना संभव नहीं है. ऐसे में अगर आप भी सेकेंड हैंड कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इसके लिए आपको सही तरीके से जांच कर लेने के बाद ही कोई कार खरीदने का फैसला लेना चाहिए.



ऐसे पहचाने पानी की वजह से खराब हुई कार

1. ​अगर किसी कार की कारपेट और सीट कवर से बदबू आ रही है तो समझ जाना चाहिए कि वो कार पानी की वजह से डैमेज्ड है.

2. बाहर से दिखने वाले स्क्रू पर जंग के निशान, सीट के रेल चैनल या दरवाजे के कब्जे पर जंग के निशान हों.

3. कार की वायरिंग पर कीचड़ या मलबा जमा हो.

4. फ्यूज बॉक्स के कवर पर कीचड़ या जंग होना. सेंट्रल कंसोल पैनल और गियर लीवल पैनल या दरवाजे की बीड पर कीचड़ या जंग.

5. ईंजन के आसपास पानी के लाइन बने हों या वायरिंग कड़ी और बेतरतीब हो.

6. अगर कार का इंटीरियर या उसका डैशबोर्ड कार की उम्र के हिसाब से मेल नहीं खाता हो तो इसका मतलब हो सकता है कि वह कार पानी से डैमेज्ड हो.

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सर्टिफाइड यूज्ड कार पर करें भरोसा
पानी डैमेज्ड कार को सेकेंड हैंड मार्केट की बजाय आपको किसी अधिकृत विक्रेता से ही सेकेंड हैंड कार खरीदनी चाहिए. बेहतर होगा कि आप 6 से 12 महीनों के लिए सर्टिफाइड यूज्ड कार ही खरीदना चाहिए. आपको अख़बार या किसी अन्य माध्यम से बेहद ही कम कीमत वाले विज्ञापन देखकर भ्रमित नहीं होना चाहिए. किसी भी कार डीलर से सेकेंड हैंड कार नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि उनके पास गुणवत्ता चेक करने का कोई पैमाना नहीं होता है.

इन बातों को भी ध्यान में रखें
किसी भी कार को फिजिकली चेक करने के अलावा आपको कार का बीमा कागज भी चेक करना चाहिए. आपको बीमा कंपनी से पता लगाना चाहिए कि कोई बड़ा क्लेम तो नहीं किया गया है. आपको कार की सर्विस हिस्ट्री के बारे में भी पता करनी चाहिए और उसे सावधानी से पढ़नी चाहिए. अगर कोई कार पानी या बाढ़ की वजह से खराब हुई है तो सर्विस के लिए जरूर गई होगी.

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