इतिहास में पहली बार-देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti की अप्रैल में नहीं बिकी एक भी कार

Maruti ने बदल दिया कार बेचने का तरीका
Maruti ने बदल दिया कार बेचने का तरीका

देश में कंज्यूमर सेंटीमेंट (Consumer Sentiment) कमजोर रहने और BS4 से BS6 ट्रांसमिशन के चलते ऑटो कंपनियां पहले से दबाव में थीं. अब लॉकडाउन (Lockdown) ने कंपनियों की कमर तोड़ दी है. देश में चल रहे लॉकडाउन से ऑटो इंडस्ट्री पर बड़ी मार पड़ी है.

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नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने अप्रैल में एक भी कार नहीं बेची है. ऐसा पहली बार हुआ कि अप्रैल में मारुति सुजुकी ने एक भी गाड़ी नहीं बेची. इससे पहले देशव्यापी लॉकडाउन का असर आटो कंपनियों मार्च बिक्री पर भी दिखा था, जब हर कैटिगरी में ऑटोमोबाइल सेल्स के आंकड़े खराब हुए थे. मार्च में मारुति सुजुकी की बिक्री 47.4 फीसदी घटकर 76,420 यूनिट पर आ गई थी. आपको बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 40 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है.

Maruti Suzuki की जीरो सेल्स- मारुति सुजुकी की अप्रैल बिक्री जीरो रहने की वजह लॉकडाउन है. क्योंकि मारुति ने 22 मार्च के बाद से ही देश भर में अपना आपरेशन बंद किया हुआ है. ऐसा सरकार के लॉकडाउन के आदेश के बाद किया गया. 22 मार्च से ही देश में लॉकडाउन पार्ट 1 की घोषणा हुई थी. पहले 21 दिनों का लॉकडाउन था, जिसे बढ़ाकर 40 दिन कर दिया गया है, जो 3 मई को खत्म होगा.

एक साल में मारुति ने बेची 14.1 लाख कारें
Maruti ने वित्त वर्ष 2019-20 में घरेलू बाजार में 14.1 लाख गाड़ियों की बिक्री की थी. हालांकि कंपनी ने कहा था कि मार्च 2020 के दौरान बिक्री की मार्च 2019 में बिक्री से तुलना नहीं की जा सकती है क्योंकि 22 मार्च को लॉकडाउन की वजह से ऑपरेशन ठप हो गया था.
>> मार्च में मारुति की छोटी कारों ऑल्टो और वैगनआर की बिक्री 15,988 यूनिट रही, जो पिछले साल इसी महीने में 16,826 यूनिट थी.



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>> छोटी कारों की बिक्री में 5 प्रतिशत की कमी आई थी. स्विफ्ट, सेलेरियो, इग्निस, बलेनो और डिजायर जैसे मॉडल वाले कॉम्पैक्ट की बिक्री 50.9 फीसदी घटकर 40,519 यूनिट रही थी.

>> विटारा ब्रेज़ा, एस-क्रॉस और एर्टिगा जैसे यूटिलिटी वाहनों की बिक्री 53.4 फीसदी कम हुई थी. इस दौरान निर्यात में 55 फीसदी की कमी आई थी.

मई में भी सेल्स नहीं है सुधरने की उम्मीद- CNBC TV18 की खबर के मुताबिक, मई महीने में भी बिक्री में सुधार की उम्मीद नहीं है. इस वजह से ऑटो सेक्टर को लंबे समय तक संकट का सामना करना पड़ सकता है.मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि मई में भी इसी तरह के हालात रहने की उम्मीद है. और यह पूरी तरह से कोरोनावायरस पर ही निर्भर करता है.

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