Maruti कर रही है 50 प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्टिंग, लागत कम रखना बड़ी चुनौती

मारुति (Maruti) अगले साल अपना इलेक्ट्रिक वाहन पेश कर सकती है. लेकिन कंपनी को लगता है कि लोगों में इसकी स्वीकार्यता बढ़ाना बड़ी चुनौती है.

News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 3:41 PM IST
Maruti कर रही है 50 प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्टिंग, लागत कम रखना बड़ी चुनौती
मारुति (Maruti) अगले साल अपना इलेक्ट्रिक वाहन पेश कर सकती है. लेकिन कंपनी को लगता है कि लोगों में इसकी स्वीकार्यता बढ़ाना बड़ी चुनौती है.
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Updated: September 2, 2019, 3:41 PM IST
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत उसकी लागत और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही. गौरतलब है कि मारुति की योजना देश में अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन अगले साल पेश करने की है.

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (इंजीनियरिंग) सी वी रमन ने कहा, 'जब तक कि लागत में ठीक से कमी नहीं आती तब तक इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक तौर पर आगे बढ़ाना मुमकिन नहीं होगा.' उनसे पूछा गया था कि कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन को पेश करने की योजना कहां तक पहुंची है. कंपनी ने पिछले साल सितंबर में राष्ट्रीय स्तर पर इसकी टेस्टिंग शुरू की थी. कंपनी को ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाने और इसके लिए कारोबारी मॉडल अपनाने में भी दिक्कत आ रही है.

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रमन ने कहा, 'अभी टेस्टिंग चल रही है. हम रेंज, टेंपरेचर और चार्जिंग में लगने वाले वक्त के बारे में ठीक से समझने की कोशिश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि इस मामले में तीन खास मुद्दे हैं- लागत, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और कस्टमर्स की स्वीकार्यता.'

मारुति फिलहाल 50 प्रोटोटाइप ईवी के फ्लीट का परीक्षण कर रही है. यह परीक्षण जापान में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन द्वारा विकसित वैगन आर मॉडल के प्लेटफार्म पर आधारित है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों में ज्यादातर इलेक्ट्रिक वाहन की लागत इसी तरह के परंपरागत इंजन वाले वाहन की तुलना में करीब ढाई गुना बैठेगी.

चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रमन ने कहा कि हमारी स्टडी के मुताबिक 60 फीसदी लोगों के पास अपनी पार्किंग नहीं है. वे किसी भी तरीके से चार्जिंग नहीं कर सकते. वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे. टैक्सी के रूप में वाहन चलाने वालों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदा लागत सीएनजी या डीजल वाहन की तुलना में आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं बैठेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने की अपनी योजना पर धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेगी, रमन ने कहा, 'हम अभी इस पर काम कर रहे हैं. इलेक्ट्रिक वाहन ऐसी प्रौद्योगिकी जिस पर गौर किए जाने की जरूरत है.'

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First published: September 2, 2019, 3:37 PM IST
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