टाटा नैनो से ज्यादा मर्सिडीज खरीद रहे हैं भारतीय

News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 6:07 PM IST
टाटा नैनो से ज्यादा मर्सिडीज खरीद रहे हैं भारतीय
सितंबर 2017 में केवल 124 यूनिट्स नैनो की बिक्री हुई है. घटती सेल्स के बीच कंपनी के शेयरहोल्डर्स इसकी इकनॉमिक वायबिलिटी को लेकर चिंतित हैं.
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Updated: October 13, 2017, 6:07 PM IST
टाटा मोटर्स की लखटकिया कार नैनो को लगातार कस्टमर्स से कमजोर रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालिया महीनों में नैनो की बिक्री में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सितंबर 2017 में टाटा नैनो की सेल्स अब तक सबसे कमजोर रही है. सितंबर में केवल 124 यूनिट्स नैनो की बिक्री हुई है. घटती सेल्स के बीच कंपनी के शेयरहोल्डर्स इसकी इकनॉमिक वायबिलिटी को लेकर चिंतित हैं. टाटा मोटर्स को नैनो की मैन्युफैक्चरिंग में काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. जून 2017 में नैनो की केवल 167 यूनिट्स की ही बिक्री हुई थी.

मर्सिडीज की ई-क्लास से भी कम बिक रही नैनो
सितंबर को खत्म हुए छह महीने के दौरान नैनो की सेल्स महज 1,436 यूनिट्स रही है. नैनो की यह बिक्री मर्सिडीज बेंज की ई-क्लास से भी कम है. मर्सिडीज बेंज भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी कार है. हालांकि, टाटा मोटर्स ने गुजरात के साणंद में नैनो का प्रॉडक्शन करने वाले प्लांट को रीइंजीनियर्ड किया है. टाटा मोटर्स ने टियागो और टिगोर जैसे दूसरे मॉडल्स को भी यहां शामिल किया है. हालांकि, कंपनी ने नैनो का प्रॉडक्शन बंद करने को लेकर कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी है.

नैनो के प्रॉडक्शन पर करीब 4% घाटा

टाटा मोटर्स के टियागो, टिगोर, हेक्सा और नेक्सॉन जैसे नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल्स की कंपनी के मंथली वॉल्यूम में 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है. ऐसे में नैनो, इंडिका, इंडिगो और सुमो जैसे पुराने और लो-वॉल्यूम प्रॉडक्ट्स को मार्केट से बाहर किया जा सकता है. टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा था कि नैनो को घाटा बहुत कम (करीब 4 फीसदी) है और प्रॉडक्ट को जारी रखने में बहुत ज्यादा इनवेस्टमेंट की जरूरत नहीं होगी.
First published: October 13, 2017
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