7 राज्यों में बनेंगे 6,100 करोड़ रुपये से हाईवे, सरकार ने दी मंजूरी, जानें क्या आपका शहर भी है इसमें शामिल

देश में बनेगे 22 ग्रीन एक्सप्रेस वे.

National Highway : 7 लाख करोड़ रुपये की लगात से बनने वाले ग्रीन एक्सप्रेसवे पर प्रदूषण तो कम होगा ही. साथ ही इन एक्सप्रेस वे से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी कम होगी.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 6,100 करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूदी दे दी है. ये हाईवे महाराष्ट्र, असम और लद्दाख सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैयार होंगे. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि, इस परियोजना में हाईवे को अपग्रेड और नया निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही इस राशि से हाईवे प्रोजेक्ट में पुनर्वास परियोजना भी शामिल है. वहीं मंत्रालय के अनुसार इस हाईवे प्रोजेक्ट में लाद्दाख में 779 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश में 810 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में 2,801.33 करोड़ रुपये और असम में 1,259 करोड़ रुपये के हाईवे का निर्माण किया जाएगा.

    7 लाख करोड़ रुपये से बनेंगे ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे - सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने PHD चैम्बर के कार्यक्रम में बताया कि, सरकार आधुनिक तकरनी के जरिए देश में 7 लाख करोड़ रुपये के ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण करेगी. इन ग्रीन एक्सप्रेस वे से प्रदूषण में तो कमी आएंगी ही साथ ही स्मार्ट परिवहन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं अगले साल तक 1 लाख करोड़ रुपये से तैयार होने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तैयार होने की संभावना है और आने वाले एक दो महीने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा.

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    कैसे होंगे ग्रीन एक्सप्रेसवे- 7 लाख करोड़ रुपये की लगात से बनने वाले ग्रीन एक्सप्रेसवे पर प्रदूषण तो कम होगा ही. साथ ही इन एक्सप्रेस वे से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी कम होगी. नितिन गडकरी ने बताया की, ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके आधुनिक तकनीक से ग्रीन एक्सप्रेस वे का निर्माण करेगी.

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    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से बचेंगे 12 घंटे -  अभी दिल्ली और मुंबई के बीच बाय सड़क ट्रैवल में 40 घंटे का समय लगता है. लेकिन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के बनने के बाद इस समय में 12 घंटे की बचत होगी. वहीं देश में 111 लाख करोड़ रुपये से National Infrastructure Pipeline पर भी जोर दिया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में लॉजिस्टिक, एनर्जी, वाटर एंड सैनिटेशन, कम्यूनिकेशन, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाएगा.