देश एक चालान अलग-अलग, ठीक से लागू नहीं हो पा रहा नया मोटर व्हीकल एक्ट

भारी जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी राज्य ने केंद्र सरकार के प्रावधानों को ठीक वैसा ही लागू करने का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है

News18Hindi
Updated: September 12, 2019, 7:31 PM IST
देश एक चालान अलग-अलग, ठीक से लागू नहीं हो पा रहा नया मोटर व्हीकल एक्ट
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Updated: September 12, 2019, 7:31 PM IST
नईदिल्ली. देश भर में एक सितंबर, 2019 से संशोधित मोटर वाहन कानून (Motor Vehicle Act 2019) के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. कुछ लोगों का तो एक लाख रुपए से भी ज्यादा का चालान काटा गया है. सरकार के इस फैसले से देश के अलग-अलग राज्यों में लोग नाराज है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी इसे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. भारी जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी राज्य ने केंद्र सरकार के प्रावधानों को ठीक वैसा ही लागू करने का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है. ज्यादातर राज्यों में अभी भी जुर्माने की पुरानी राशि ही ली जा रही है. जब कि दिल्ली और हरियाणा में, जहां राज्य सरकार का नोटिफिकेशन मिले बिना ही ट्रैफिक पुलिस नई जुर्माना राशि पर चालान काट भी रही है, तो वो चालान भी सीधा कोर्ट में जा रहा है.

बीजेपी सरकार वाले राज्य भी पीछे हट रहे
नई जुर्माना राशि को लागू करने से वो राज्य भी पीछे हटते दिख रहे हैं, जहां खुद बीजेपी की सरकार है. गुजरात सरकार ने हाल में पारित किए गए नए मोटर वाहन अधिनियम में निर्धारित दंड राशि को काफी कम कर दिया है. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि नए अधिनियम में निर्धारित जुर्माना अधिकतम सुझाया गया था, जिसे प्रदेश सरकार ने काफी विचार-विमर्श के बाद कम कर दिया है. साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जुर्माना राशि को कम करने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है. हालांकि गडकरी का कहना है कि मैंने राज्यों से जानकारी ली है. अभी तक कोई ऐसा राज्य नहीं है, जिसने कहा हो कि इस एक्ट को लागू नहीं करेंगे. कोई भी राज्य इससे बाहर नहीं जा सकता. साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर राज्य सरकारें जुर्माने की रकम को घटाना चाहती हैं तो ठीक है, लेकिन क्या ये सच्चाई नहीं है कि लोग न तो कानून को मानते हैं और न ही इससे डरते हैं.



केंद्र और राज्यों के बीच गतिरोध
आजतक की खबर के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच जुर्माना रेट पर जारी गतिरोध से राज्यों की ट्रैफिक पुलिस भी कन्फ्यूज है. पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किस नियम के उल्लंघन पर कितना चालान काटा जाए. गाजियाबाद के सीओ, ट्रैफिक महिपाल सिंह का कहना है कि अभी शासन की ओर से लिखा-पढ़ी में कुछ नहीं आया है. जिसके चलते जुर्माने की पुरानी राशि ही ली जा रही है. मामले को थोड़ा समझें तो चालान की चार तरह की दरें नजर आती हैं. एक केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई दरें, दूसरी गुजरात की दरें, तीसरी उत्तराखंड और चौथी पुरानी दरें. नए कानून के तहत जहां बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं गुजरात में दुपहिया वाहनों के मामले में इसे 2000 रुपए और फोर-व्हीलर वाहनों के मामले में 3000 रुपए कर दिया गया है. ऐसे ही उत्तराखंड में भी बगैर लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 5 हजार की जगह 2500 रुपए चालान कर दिया गया है. इससे इन राज्यों में पुलिस और लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. प्रशासन को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उन्हें किस नियम के तहत कितना जुर्माना वसूल करना है.

नए नियम एक सितंबर से लागू
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सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) कानून 2019 के 63 प्रावधानों को अधिसूचित (नोटिफाई) किया था. इसमें यातायात के नियमों के उल्लंघन को लेकर अधिक जुर्माना लगाने का प्रावधान शामिल है. नए प्रावधान एक सितंबर, 2019 से प्रभाव में आ चुके हैं. कुछ समय पहले ही मोटर वाहन (संशोधन) बिल को राज्यसभा और लोकसभा से हरी झंडी मिली थी. इस बिल का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से लोगों को रोकने का है.



लगेगा इतना जुर्माना
नए कानून में बिना लाइसेंस के वाहनों के अनधिकृत उपयोग के लिए 1,000 रुपए तक के जुर्माने को बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है. वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने को लेकर पहले अपराध के लिए 6 महीने की जेल और/ 10,000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. जबकि दूसरी बार के अपराध के लिए दो साल तक जेल और 15,000 रुपए के जुर्माना का प्रावधान किया गया है. ओवरस्पीड के लिए पहले 400 रुपए देने पड़ते थे, वहीं अब LMV के लिए 1000 रुपए और मीडियम पैसेंजर व्हीकल के लिए 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

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First published: September 12, 2019, 6:11 PM IST
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