सस्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए हो जाएं तैयार, नितिन गडकरी ने कंपनियों से की ये अपील

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Photo : PTI)
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Photo : PTI)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं से सस्ते ई-वाहन (E-Vehicles) बनाने और कुछ समय तक मुनाफे के बारे में नहीं सोचने का आह्वाहन किया है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के बाद वाहन​ निर्माताओं को फायदा होने लगेगा.

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नई दिल्ली. भारत में इले​क्ट्रिक वाहनों (E-Vehicles) की ​बिक्री बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने मैन्युफैक्चरर्स से कहा है कि वो सस्ते ई-वाहन (E-Vehicles) बनाएं. उन्होंने कहा कि वाहन निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत घटाएं. उन्होंने कुछ समय तक मुनाफ कमाने को भूल जाने का आह्वाहन किया भी किया है. गडकरी ने कहा, जब तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी डिमांड नहीं पैदा होती है, तब तक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस (Automobile Manufacturers) को लाभ के बारे में नहीं सोचना चाहिए. भारत के पास वर्ष 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहन का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है.

डिमांड बढ़ने पर ​वाहन निर्माताओं को होगा फायदा
फिक्की के वर्चुअल कार्यक्रम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कॉन्फ्रेंस 2020 (Electric Mobility Conference 2020) को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, जब तक इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत कम नहीं होगी, तब तक बाजार में इसकी डिमांड नहीं बढ़ेगी और वाहन निर्माताओं को फायदा भी नहीं होगा. लेकिन एक बार बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तेज हो गई तो फिर ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस को पीछे मुड़कर नहीं देखना होगा. लेकिन शुरुआत में उन्हें इसे बढ़ावा देने के लिए मुनाफा छोड़ना होगा और घाटा उठाकर भी सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचने के लिए तैयार रहना होगा.

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सरकार हर संभव मदद देने को तैयार


गडकरी ने कहा, कच्चे तेल के आयात (Crude Oil Import) को कम करने और देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस को हर संभव मदद देने को तैयार है. गडकरी ने बताया कि दिवाली के बाद देश के चीफ जस्टिस के सामने ई-वाहन पर घंटेभर लंबी प्रस्तुति देने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई है. गडकरी ने कहा, ई-ट्रांसपोर्ट भविष्य में सबसे सस्ते यातायात के साधन होंगे. इसलिए ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस के लिए यह आर्थिक रूप से व्यावहारिक है, लेकिन अभी उनमें इसकी लागत कम करने की इच्छा नहीं दिखती है.

लागत घटाने पर जोर
गडकरी ने कहा, लागत घटाने से शुरुआत में कुछ नुकसान हो सकता है, लेकिन अंत में यह बहुत अधिक लाभ लेकर आएगा. बाजार रणनीति के तौर पर आपको ग्राहकों की संख्या हासिल करने के लिए लागत घटानी ही होगी. उन्होंने कहा कि देश में अगले पांच साल में दुनिया का सबसे बड़ा ई-वाहन विनिर्माता बनने की क्षमता है. लेकिन भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस वेट एंड वॉच की नीति पर चलते हैं जिससे वे ग्लोबल कॉम्पिटिशन में पिछड़ जाते हैं.

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गडकरी ने कार बनाने वाली कंपनियों से कहा कि आगे आने का सही समय है. देश में कच्चा माल उपलब्ध है और बिजली की दरें कम हो रही हैं. आपके दोनों हाथों में लड्डू हैं. उन्होंने कंपनियों को नौकरशाही की उलझनों से बचने के लिए भी आगाह किया. गडकरी ने कहा बैटरी, चार्जिंग की सुविधा और अन्य मुद्दे ग्राहकों को ई-वाहन अपनाने से रोकेंगे, लेकिन इन मुद्दों का समाधान तेजी से किया जा रहा है.
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