गडकरी ने बताई वजह- क्यों ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाया भारी जुर्माना

भाषा
Updated: September 7, 2019, 1:08 PM IST
गडकरी ने बताई वजह- क्यों ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाया भारी जुर्माना
नितिन गडकरी

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि संशोधित मोटर वाहन कानून (Motor Vehicle Act 2019) के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने के पीछे मकसद सड़कों पर अनुशासन कायम कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है

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नई दिल्ली: केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि संशोधित मोटर वाहन कानून (Motor Vehicle Act 2019) के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने के पीछे मकसद सड़कों पर अनुशासन कायम कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा लोगों पर भारी जुर्माना लगाने की नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन कायम करने की है. जिससे कि दुर्घटनायें कम हों और मानव जीवन की रक्षा की जा सके.

मोटर वाहन कानून (2019) एक सितंबर से लागू हुआ है. उसके बाद से भारी जुर्माना लगाने से संबंधित कई खबरें आई हैं. गुरुग्राम में एक टू-व्हीलर चालक पर 23,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. वहीं एक ट्रक चालक को 59,000 रुपए का चालान थमाया गया है. गडकरी ने एक कार्यक्रम के मौके पर इस संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि जुर्माना राशि बढ़ाने का मकसद जुर्माने से धन जुटाना कतई नहीं है.

मोटर वाहन कानून में संशोधन के जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माने में भारी बढ़ोतरी की गई है. देश के विभिन्न हिस्सों से खबरें आ रही हैं कि यातायात पुलिस ने उल्लंघनों के लिए बढ़े हुए जुर्माने को वसूलना शुरू कर दिया है. गडकरी ने कहा कि लोगों में नए कानून को लेकर कुछ गलत धारणाएं हैं. अगर वो कानून का पालन करेंगे तो उन पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा. कानून जुर्माना वसूलने के लिए नहीं लागू किया गया है. इसका मकसद ये है कि लोग यातायात नियमों को गंभीरता से लें और उनका उल्लंघन करने से बचें.

उन्होंने शराब पीकर थ्री-व्हीलर चलाने वाले एक चालक का जिक्र करते हुए कहा, 'यदि कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?' मंत्री ने कहा कि नए कानून के क्रियान्वयन के बाद यातायात नियमनों के अनुपालन को लेकर जागरूकता बढ़ी है. उन्होंने कहा कि एक बार लोगों ने कानून का अनुपालन शुरू कर दिया तो जुर्माना लगाने की जरूरत नहीं होगी. परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है. उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर मोटर वाहन कानून में संशोधन सफल रहा है. बेहतर जागरूकता के बाद चालान की संख्या कम होगी.

इस तरह की खबरों कि कुछ गैर भाजपा शासित राज्यों ने कहा है कि वे संशोधित मोटर वाहन कानून लागू नहीं करेंगे, गडकरी ने कहा कि इस तरह की कोई स्थिति नहीं है और ये विषय संविधान की समवर्ती सूची में है. उन्होंने कहा कि ये विधेयक सभी राज्य सरकारों के साथ गहन विचार विमर्श के बाद लाया गया है. संसद ने जुलाई में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया था. सरकार ने एक सितंबर से मोटर वाहन संशोधन कानून, 2019 के 63 प्रावधानों को अधिसूचित किया है. ये 63 प्रावधान जुर्माने, लाइसेंस, पंजीकरण और राष्ट्रीय परिवहन नीति से संबंधित हैं. नए कानून के तहत बिना लाइसेंस के अनधिकृत तरीके से वाहन चलाने पर जुर्माना 1,000 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है.

वहीं, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर अब 500 रुपए के बजाए 5,000 रुपए का जुर्माना देना होगा. संशोधित कानून के तहत शराब पीकर वाहन चलाने पर जुर्माना राशि 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए की गई है जबकि खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के लिए जुर्माना 1,000 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए किया गया है.

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First published: September 7, 2019, 1:08 PM IST
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