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कार-बाइक चालकों के लिए जरूरी खबर! गाडियों के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर नियम में सरकार करने वाली है ये बदलाव

कार-बाइक चालकों के लिए जरूरी खबर! गाडियों के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर नियम में सरकार करने वाली है ये बदलाव

साल 2021 तक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए.

साल 2021 तक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए.

अगर आपके पास भी कार बाइक है या आप खरीदने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. सरकार ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर की प्रक्रिया में संशोधन करने का प्रस्ताव रखा है. जानिए क्या है यह प्रस्ताव और कैसे होगा इससे आपको फायदा.

    नई दिल्ली. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर की प्रक्रिया को और अधिक सुचारू बनाने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 (Central Motor Vehicle Rules, 1989) में संशोधन करने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव के तहत वाहनों के रजिस्ट्रेशन (RC) के समय नॉमिनी को शामिल करना प्रस्तावित किया गया है. परिवहन मंत्रालय द्वारा गुरूवार को एक अधिसूचना जारी कर इस बात की जानकारी दी गई. इस प्रस्ताव के तहत बैंक के खातों की तर्ज पर नामित व्यक्ति को बिना किसी परेशानी का सामना किए, वाहन स्वामित्व का हस्तांतरण किया जा सकेगा. हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदक बाद में भी ऑनलाइन माध्यम से नामांकित व्यक्ति का नाम जोड़ सकता है.

    इस तरह मिलेगा सुविधा का लाभ
    इससे वाहन मालिक के परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत मिलेगी, खास तौर पर उस समय जब मालिक की मौत हो जाती है. मसौदा नियम के मुताबिक वाहन मालिक को वैरिफिकेशन के लिए नॉमिनी के कुछ पहचान प्रमाण पेश करने होंगे. इसके लिए नॉमिनी को पंजीकरण के नए प्रमाण पत्र के लिए अपने निवास स्थान या राज्य में पंजीकरण प्राधिकारी को पोर्टल के माध्यम से सूचित करना होगा.साथ ही पोर्टल वाहन मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा.

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    परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना या अचानक मौत हो जाने की स्थिति में कार, बाइक, स्कूटर समेत अन्य वाहनों के मालिकाना हक को दूसरे के नाम ट्रांसफर करने में परिजनों को कई तकलीफों का सामना करना पड़ता है. एक लंबी प्रक्रिया के तहत परिवार के सभी सदस्यों से एनओसी लेने के बाद ही वाहन स्वामित्व का हस्तांतरण हो पाता है. इन परेशानियों को देखते हुए जीवन की सुगमता को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठया जा रहा है. इसके साथ ही हर राज्य में वाहन स्वामित्व हस्तांतरण से जुड़े नियम अलग हैं.

    परिवारवालों को करना पड़ता है इन दिक्कतों का सामना
    मौजूदा कानूनी प्रक्रिया के अनुसार 90 दिनों के अंदर गाड़ी के मालिकाना हक का हस्तांतरण हो जाना चाहिए. इस समय अवधि के भीतर ऐसा नहीं होने पर हर महीने 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है. वहीं ज्यादा समय बीत जाने पर जुर्माना राशि हजारों में पहुंच जाती है. ऐसी परिस्थिति में परिवार के सामने गाड़ी को कबाड़ में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है. इस पूरी प्रक्रिया में व्यवसायिक वाहनों के हस्तांतरण में ज्यादा दिक्कतें पेश आती हैं.

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    पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी होगा आसान
    एक अन्य फैसले के तहत मंत्रालय ने 50 वर्ष से ज्यादा पुराने दोपहिया और चार पहिया वाहनों के पंजीकरण को आसान बनाने के लिए इसे "विंटेज वाहन" के रूप में पंजीकृत करने का प्रस्ताव दिया है. ऐसे वाहनों के मालिक 10 साल के लिए 20,000 रुपये देकर ऐसे वाहनों का पहला पंजीकरण करवा सकते हैं और नवीनीकरण शुल्क (रीन्यूल फीस) 5,000 रुपये होगी.

    Tags: Car Bike News, Four Wheeler Auto, Motor Vehicle Act

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