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  • PETROL PRICE WILL BE LESS THAN INDIGENOUS FUEL 20 PERCENT ETHANOL WILL BE MIXED IN PETROL BY 2025 KANND

स्वदेशी ईंधन से कम होगी पेट्रोल की कीमत, 2025 तक पेट्रोल में मिलाया जाने लगेगा 20 प्रतिशत एथेनॉल

एथेनॉल से पेट्रोल की कीमत पर किया जाएगा नियंत्रण.

कार्बन कटौती का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश में 2025 तक पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाने लगेगा. इससे पेट्रोल की कीमत तो कम होगी ही. साथ में किसानों की आमदनी बढ़ाने का मौका भी मिलेगा. क्योंकि एथेनॉल मुख्य तौर पर गन्ने से निकाला जाता है.

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    नई दिल्ली. विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथेनॉल आधारित पेट्रोल का उपयोग करने के भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के निर्णय की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की समय सीमा पांच साल कम कर 2025 कर दी गयी है. पहले यह लक्ष्य 2030 तक पूरा किया जाना था.

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अब इथेनॉल 21वीं सदी के भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बन गया है. इथेनॉल पर ध्यान देने से पर्यावरण के साथ-साथ किसानों के जीवन पर भी बेहतर प्रभाव पड़ रहा है.” गन्ने और गेहूं, टूटे चावल जैसे खराब हो चुके खाद्यान्न तथा कृषि अवशेषों से एथेनॉल निकाला जाता है. इससे प्रदूषण भी कम होता है और किसानों को अलग आमदनी कमाने का एक जरिया भी मिलता है. इससे भारत को वाहनों के प्रदूषक उत्सर्जन को कम करने के अलावा ईंधन आयात बिल में किए गए खर्चों को बचाने में मदद मिलेगी.

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    अभी पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है 8.5 प्रतिशत एथेनॉल
    उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में, पेट्रोल के साथ लगभग 8.5 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि वर्ष 2014 में इस सम्मिश्रण का स्तर 1-1.5 प्रतिशत ही था. उन्होंने कहा कि अधिक एथनाम सम्मिश्रण से एथेनॉल की खरीद सालाना 38 करोड़ लीटर से बढ़कर अब 320 करोड़ लीटर हो गई है. उन्होंने कहा, ” जब 20 प्रतिशत सम्मिश्रण होने लगेगा तो एथेनॉल खरीद की मात्रा और बढ़ जाएगी.”

    2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य
    पिछले साल तेल कंपनियों ने एथेनॉल खरीद पर 21,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे. इस सप्ताह की शुरुआत में, तेल मंत्रालय ने एक अप्रैल, 2023 से पेट्रोल में एथेनॉल के 20 प्रतिशत तक का सम्मिश्रण को शुरू करने के लिए एक गजट अधिसूचना जारी की थी. देश में बेचे जाने वाले सभी पेट्रोल में वर्ष 2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है.

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    किसानों की आय का बड़ा स्रोत है एथेनॉल
    भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, जो अपनी 85 प्रतिशत से अधिक मांग को पूरा करने के लिए विदेशों से आयात पर निर्भर है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि एथेनॉल पर ध्यान केंद्रित करने से पर्यावरण के साथ साथ किसानों के जीवन पर भी बेहतर प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि यह किसानों को आय का एक और स्रोत उपलब्ध कराता है.
    Published by:Kanhaiya Pachauri
    First published: