मरीजों के लिए शुरू की फ्री ऑटो सर्विस, फोन कॉल पर कोरोना मरीज को भी ले जाते है अस्पताल

15 अप्रैल से वह लगातार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं

15 अप्रैल से वह लगातार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं

रवि ने बताया कि वो 15 अप्रैल से वह लगातार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये फैसला मैंने तब लिया जब 15 अप्रैल को एक कोविड संक्रमित महिला को कोई भी अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ, जबकि वो अस्पताल जाने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 7:21 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. कोरोना (corona) के इस लहर में जहां हर कोई खुद को बचाने में लगा है तो वहीं झारखंड के रांची (Ranchi) में एक ऐसा भी शख्स है बिना खुद की परवाह किए मरीजों को दिन रात अस्पताल(Hospital) पहुंचाने में लगा है वो भी बिना किसी से एक रुपये भी लिए.  आपदा की इस घड़ी में जहां कुछ लोग पैसा कमाने से भी नहीं चूक रहे वहीं रांची के रवि के इस प्रयास की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. उन्होंने पूरी तरह से अपने ऑटो (Auto)का इस्तेमाल मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में करना शुरू कर दिया है यहां तक की उन्होंने अपने ऑटो में भी लिखवा लिया है आपातकालीन परिस्थिति में नि:शुल्क सेवा. उनका यह प्रयास इसलिए भी बेहद काम का है क्योंकि मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कई बार एबुलेंस तक मिलना मुश्किल हो जाती है.  



न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में रवि ने बताया कि वो 15 अप्रैल से वह लगातार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये फैसला मैंने तब लिया जब 15 अप्रैल को एक कोविड संक्रमित महिला को कोई भी अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ, जबकि वो अस्पताल जाने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार थी. मुझे नहीं पता था कि वो कोविड पीड़ित थी या नहीं लेकिन मैंने उन्हें राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस (रिम्स) ले जाने के लिए हामी भरी और इसके लिए उनके द्वारा दिए जाने वाले पैसे भी नहीं लिए. बकौल रवि मुझे एहसास हुआ कि इस तरह के कई लोग है जिन्हें अस्तपाल तक पहुंचने के लिए भी साधन नहीं मिल रहा है और तभी मैंने सोच कि मैं जितनी हो सके इनकी मदद करूंगा. उन्होंने साथ ही ये भी बताया कि मैंने सोशल मीडिया पर अपना नंबर शेयर किया जिससे लोग मुझसे संपर्क कर सकें और उन्हें अस्पताल जाने-आने में परेशानी हो तो मैं उनकी मदद कर सकूं



ये भी पढ़ें -  टिक टॉक के वायरल वीडियो ने खोला सीक्रेट! फ्लाइट में यह काम भी करते है केबिन क्रू






कई लोगों के कॉल आने लगे 



रवि बताते है कि मुझे कॉल आने शुरू हो गए. कई लोगों को लगता था कि मैं किसी विशेष अस्पताल से जुड़ा हुआ हूं तो वो मुझसे वहां पर ऑक्सीजन और बेड की स्थिति के बारे में भी पूछते. मुझे कई ऐसे लोगों के फोन भी आए जिन्होंने बताया कि वो कोरोना पॉजीटिव है जिसके चलते कोई भी उन्हें अस्पताल लेकर नहीं जा रहा है.  





सिर्फ कोरोना नहीं ऐसे भी करूगा मदद 



रवि कहते है कि सिर्फ कोरोना की बात नहीं है लोग जिन्हें इसके अलावा भी किसी इमरजंसी में अस्पताल जाना है मैं मदद करूंगा. रवि अब तक 16 लाेगाें की मदद कर चुके है और वो कहते है कि वे जरूरत पढ़ने पर किसी को भी मना नहीं करेंगे. 


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज