Research : सड़क किनारे पैदल चलने वालों को प्रदूषण से मिलेगी राहत, इस तरह के बैरियर से होगा बचाव

सड़क किनारे प्रदूषण को कम करेंगे ये बैरियर.

Anti-pollution barriers के लिए दो रिसर्च पहले भी हो चुके है. जो कि जर्मनी और नीदरलैंड में हुए थे. कोलिन्स का रिचर्स भी इन्हीं रिसर्च से प्रभावित है. जिसमें उन्होंने घुमावदार बैरियर को यूज किया है.

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    नई दिल्ली. सड़क किनारे चलने वाले लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सकती है. ब्रिटेन के एक रिसर्चर ने रिसर्च किया है. जिसमें उन्होंने सड़क किनारे फुटपाथ पर घुमावदार बैरिकेट लगाए जो सड़क पर वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण के महीन कणों को वापस सड़क पर भेज देते है और किनारे चलने वाले लोग पूरी तरह प्रदूषण से सुरक्षित रहते हैं. आइए जानते है रिसर्च के बारे में..

    आखिर किस वजह से किया रिसर्च-  इम्पीरियल कॉलेज लंदन में सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल पॉलिसी के रिसर्चर टिली कोलिन्स ने देखा की उनका बच्चा सड़क किनारे स्कूल के मैदान में खेल रहा है और प्रदूषण से परेशान है. तब उन्होंने इस समस्या के निदान के लिए रिसर्च करने की ठानी. कोलिन्स ने जब रिसर्च शुरू किया तो उन्होंने पाया कि, वाहनों से पैदा उत्सर्जित होने वाले महीन कण सड़क किनारे की दीवारों के पास भंवर की तरह फंस जाते है. जिससे जो लोग सड़क किनारे पैदल चलते है वो उनकी सांस के साथ फेफंडे तक पहुंच जाते है और उन्हें बीमार कर देते हैं.

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    महीन कणों का बच्चों पर पड़ता है ज्यादा असर - कोलिन्स के अनुसार सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है. इसलिए उन्होंने सड़क किनारे महीन कणों से होने वाले प्रदूषण को दूर करने के लिए प्रयास शुरू किया. जिसमें उनके साथी वुडवर्ड ने सहयोग किया और दोनों ने मिलकर अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिसर्च करना शुरू किया. जो महीन कणों की हवा से दूर करके उसे स्वच्छ बना सकें.

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    इस तरह के दो रिसर्च पहले भी हो चुके हैं- आपको बता दें anti-pollution barriers के लिए दो रिसर्च पहले भी हो चुके है. जो कि जर्मनी और नीदरलैंड में हुए थे. कोलिन्स का रिचर्स भी इन्हीं रिसर्च से प्रभावित है. जिसमें उन्होंने घुमावदार बैरियर को यूज किया है. हालांकि कोलिन्स ने प्रोटोटाइप तैयार किया है. जिसमें काफी बदलाव की उम्मीद की जा सकती है. वहीं इसका दूसरे देशों में अलग-अलग अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रयोग होना बाकी हैं.

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