1 अप्रैल से लागू होगी स्क्रैपेज पॉलिसी, पुराने वाहन वाले ग्रीन टैक्स देने के लिए रहें तैयार

स्क्रैपेज पॉलिसी के लागू होने के बाद सरकारी विभाग में 15 साल से अधिक पुरानी गाड़ियां नहीं रहेंगी.

स्क्रैपेज पॉलिसी के लागू होने के बाद सरकारी विभाग में 15 साल से अधिक पुरानी गाड़ियां नहीं रहेंगी.

सरकारी विभागों में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को सर्विस से हटाया जाएगा. स्क्रैपेज पॉलिसी को मंजूरी दिए जाने को लेकर सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है. पुराने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाते समय ग्रीन टैक्स भी देना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 12:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने स्क्रैपेज पॉलिसी (Scrappage Policy) को मंजूरी दे दी है. इसके बाद अब 15 साल से अधिक पुरानी सरकारी गाड़ियां सर्विस में नहीं रहेंगी. सड़क, परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस बारे में जानकारी दी है. CNBC-TV18 ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि नई स्क्रैपेज पॉलिसी को 1 अप्रैल 2021 से लागू कर दिया जाएगा. इसके बाद सरकारी विभाग की गाड़ियां 15 साल पूरा होने पर सर्विस से बाहर निकाल दी जाएंगी. सितंबर महीने में ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा था कि सरकार के लिए स्क्रैपेज पॉलिसी प्रमुख वरीयता में से एक है. सरकार के इस कदम से केवल वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर (Automobile Sector) में डिमांड बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने अगस्त 2019 में ही बताया था कि नई स्क्रैपेज पॉलिसी पर काम किया जा रहा है. 26 जुलाई 2019 को सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव आया था, जिसमें 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का भी जिक्र था. पिछले साल जुलाई में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) ने पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए गाइडलाइंस जारी करने में देरी को लेकर परिवहन मंत्रालय की लताड़ लगाई थी.

यह भी पढ़ें: Second Hand कार पर सस्ता लोन दे रहे ये 20 बैंक, फटाफट चेक कर लें पूरी लिस्ट...!

ऑटो सेक्टर के रिवाइवल के अहम है स्क्रैपेज पॉलिसी
उम्मीद की जा रही है स्क्रैपेज पॉलिसी के लागू करने के बाद बाजार में वाहनों की मांग भी बढ़ेगी, जिसपर कोरोना संकट का बुरा असर पड़ा है. महामारी से करीब एक साल पहले से ही ऑटो सेक्टर की स्थिति खराब है. ऐसे में यह पॉलिसी ऑटो सेक्टर के रिवाइवल के लिए भी अहम होगी.

पुराने वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने की व्यवस्था

पुराने वाहनों को रखने वालों के लिए भी कुछ ​कठिन प्रावधानों पर चर्चा की गई. इसमें 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर अधिक फिटनेस सर्टिफिकेट फीस की भी व्यवस्था होगी. ग्रीन टैक्स पॉलिसी के तहत इसकी घोषणा की जा चुकी है. मंत्रालय ने वायु प्रदूषण करने वाले वाहनों के लिए ग्रीन टैक्स के प्रस्ताव पर भी मंजूरी प्राप्त कर ली है. इस प्रस्ताव को अब लागू करने से पहले एक बार राज्यों को भेजा जाएगा.



यह भी पढ़ें: 24 और नए शहरों में शुरू होगी Bajaj Chetak की बुकिंग, मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स

ग्रीन टैक्स के लिए इन प्रमुख बातों का ध्यान रखा जाएगा:

>> 8 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराने के समय पर ग्रीन टैक्स चार्ज किया जा सकता है. इसके लिए टैक्स दर रोड टैक्स के 10 से 25 फीसदी पर होगा.

>> अगर व्यक्तिगत वाहन 15 साल से अधिक पुराना है तो फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू करने के समय पर ग्रीन टैक्स देना होगा.

>> बस समेत अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों पर कम ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा.

>> अधिक प्रदूषण वाले शहरों में रजिस्टर किए गए वाहनों से ज्यादा ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा. यह रोड टैक्स के करीब 50 फीसदी तक हो सकता है.

>> हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन समेत सीएनजी, इथनॉल आदि जैसे वैकल्कि ईंधन वाले वाहनों को छूट मिलेगी.

>> खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाहनों को भी इस छूट मिलेगी.

>> ग्रीन टैक्स से प्राप्त रेवेन्ये एक अलग अकाउंट में रखा जाएगा और प्रदूषण कम करने के उपायों पर इसका खर्च किया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज