TESLA की एंट्री से EV सेगमेंट में बढ़ा रोमांच, क्या पेट्रोल कारों का बीत गया जमाना? जानिए सबकुछ

टेस्ला की भारत में एंट्री से रोमांच बढ़ा है.

टेस्ला की भारत में एंट्री से रोमांच बढ़ा है.

TESLA ने भारत में बंगलुरू में सब्सिडियरी बनाई है और तीन डायरेक्टरों की नियुक्ति की है. Social media पर TESLA की चर्चा है. इस बारे में बी एस येदियुरप्पा ने ट्वीट किया था. बाद में येदियुरप्पा ने ट्वीट हटा लिया. नितिन गडकरी ने भी कहा था TESLA भारत आएगी.

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  • Last Updated: January 21, 2021, 5:38 AM IST
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नई दिल्ली. टेस्ला की भारत में एंट्री की घोषणा के बाद EV सेगमेंट में जबरदस्त रोमांच बढ़ गया है. टेस्ला ने भारत में अपनी सब्सिडियरी कंपनी बनाई है और तीन डायरेक्टर्स को भी नियुक्त कर दिया है. जो भारत के परिस्थिति के अनुरूप टेस्ला के बिजनेस प्लान का आगे बढ़ाएंगे. आपको बता दें टेस्ला अमेरिका की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी है. जो कि क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में काम करती है. टेस्ला इस समय पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक कारों के अलावा बैटरी स्टोरेज, सोलर पैनल और इसी तरह के दूसरे प्रोडक्ट बना रही है. 

दूसरी ओर टेस्ला में सबसे ज्यादा हिस्सा एलन मस्क के पास है जो कि इस समय सबसे बड़े न्यूजमेकर बने हुए हैं. वहीं एलन मस्क को अपनी जिद्द और नयी सोच के लिए भी जाना जाता है. बीते सालों में यदि उनके रिकॉर्ड को देखा जाए तो एलन मस्क ने जिस काम की भी शुरुआत की है उसे पूरा करके ही छोड़ा है. इसलिए टेस्ला की भारत में एंट्री को इलेक्ट्रिक कारों के युग के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय बाजार आने वाले दिनों में सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होगा. जहां इस समय जो कंपनी अपने पैर जमा लेगी. उसे आने वाले दिनों में उतनी ही ज्यादा कामयाबी मिलने की उम्मीद रहेंगी.

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भारत में TESLA की एंट्री! - TESLA ने भारत में बंगलुरू में सब्सिडियरी बनाई है और तीन डायरेक्टरों की नियुक्ति की है. सोशल मीडिया पर TESLA की चर्चा है. इस बारे में  बी एस येदियुरप्पा ने  ट्वीट किया था. बाद में येदियुरप्पा ने ट्वीट हटा लिया. नितिन गडकरी ने भी कहा था TESLA भारत आएगी.
टेस्ला की कारों की खासियत- TESLA कारों की खासियत पर नजर डालें तो ये फुल चार्ज में सबसे ज्यादा रेंज देती हैं. कम समय में इनकी बैटरी चार्ज हो जाती है. 15 मिनट चार्ज पर 250 km का सफर किया जा सकता है. इसके खुद के 20,000 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट हैं. इसकी EV में स्पोर्ट्स कार की तरह स्पीड मिलती है. सभी TESLA कारों में 4-व्हील ड्राइव है. इनकी टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप सबसे कम है.

टेस्ला की कारों की कीमत- TESLA की S Plus Model की कीमत 74,990  डॉलर और रेंज 647  किमी है. वहीं, X Plus Model की कीमत 79,990  डॉलर और रेंज 565  किमी है.  Model S की कीमत 94,990 डॉलर और रेंज 560 किमी है. Model 3 की रेंज 518  किमी और कीमत 46,990 डॉलर है. Model Y की रेज 509 किमी और कीमत 49,990 डॉलर है. Model X की रेंज 491 किमी और कीमत 99,990 डॉलर है. Model 3 LR की रेंज 481 किमी और कीमत 54,990 डॉलर है. Model Y की रेंज 468 किमी और कीमत 59,990 डॉलर है.

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भारत में मिलने वाली EV - भारत में मिलने वाली दूसरी EV की बात करें तो यहां HYUNDAI KONA, MG ZS EV, TATA NEXON EV, MAHINDRA eVERITO और MAHINDRA e2o मिलती हैं. 

HYUNDAI KONA - इसकी कीमत 23.75-23.94 लाख रुपए है. ये 9.7 सेकेंड में 100 km/hr की स्पीड पकड़ सकती है. पावर  136 bhp है. फुल चार्ज में ये 452 km का सफर तय कर सकती है. इसमें DC फास्ट चार्जर से 1 घंटे में 80 फीसदी बैटरी चार्ज कर देता है. नॉर्मल चार्जर से फुल चार्ज के लिए 6-10 घंटे का समय लगता है. बैटरी पर 8 साल की वारंटी मिलती है.

MG ZS EV- इस कार कीमत 20.88 लाख रुपये से शुरू होकर 23.58 लाख रुपये तक जाती है. वहीं ये कार फुल चार्ज में 340 किलोमीटर तक का सफर कर सकती है. वहीं इसकी बैटरी पावर 142bhp की है जो 8.5 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकने में सक्षम है. इस कार को आप फास्ट चार्जर से 1 घंटे में 80 फीसदी तक चार्ज कर सकते हैं.

TATA NEXON EV- टाटा नेक्सान ईवी की शुरुआती कीमत 13.99 लाख रुपये से शुरू होकर 16.25 लाख रुपये तक जाती है. इस कार को फुल चार्ज करने पर 312 किलोमीटर तक का सफर किया जा सकता है. वहीं टाटा ने इस कार में 127bhp पावर की बैटरी दी है जो फास्ट चार्जर से 1 घंटे में 80 फीसदी तक चार्ज की जा सकती है. इसके साथ ही टाटा इस कार की बैटरी की 8 साल तक वांरटी देती है.

इलेक्ट्रिक कार के फायदे - इलेक्ट्रिक कार के फायदे की बात करें तो इनसे एयर पॉल्यूशन से छुटकारा मिलता है. इनसे Noise पॉल्यूशन से भी छुटकारा मिलता है. इनमें फ्यूल भरवाने की जरूरत नहीं होती. पैसे की बचत, मेंटेनेंस कॉस्ट कम होती है.

इलेक्ट्रिक कार के नुकसान - इलेक्ट्रिक कार पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले महंगी होती हैं. फिलहाल चार्जिंग प्वाइंट कम हैं. एक चार्ज में रेंज की कमी भी है. बैटरी चार्ज में ज्यादा समय लगता है. 5 से 8 साल में बैटरी बदलना बड़ी मुसीबत है. स्पीड की कमी की शिकायत मिलती है.
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