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एक्सीडेंट के वक्त जान बचाते हैं ये सेफ्टी फीचर्स, नई कार खरीदते समय रखें ध्यान

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 5:54 AM IST
एक्सीडेंट के वक्त जान बचाते हैं ये सेफ्टी फीचर्स, नई कार खरीदते समय रखें ध्यान
एक्सीडेंट के वक्त काम आने वाले सेफ्टी फीचर्स

देश में जो गाड़ियां आज सबसे ज्यादा बिक रही हैं, उन्हें ही ग्लोबल एनसीएपी सेफ्टी टेस्टिंग स्टैंडर्ड्स में 0 मिला है. हमने अभी तक जो गलती की है, उसे आगे नहीं दोहराना चाहिए

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  • Last Updated: November 6, 2019, 5:54 AM IST
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नई दिल्ली: दुनिया के अन्य देशों में जहां, गाड़ियों की सेफ्टी को लोग अपनी पहली प्राथमिकता मानते हैं. वहीं हमारे देश में आज भी कार की कीमत को उसकी सेफ्टी से ज्यादा महत्व दिया जाता है. हमें अपनी ये सोच बदलने की जरूरत है, क्योंकि जितनी सुरक्षित हमारी कार होगी, उतना ही सेफ हम उसमें ट्रेवल भी कर सकेंगे. भारतीय बाजार में कई कार कंपनियां कॉस्ट कटिंग के चक्कर में सेफ्टी से कॉम्प्रोमाइज करती हैं. यहां तक की देश में जो गाड़ियां आज सबसे ज्यादा बिक रही हैं, उन्हें ही ग्लोबल एनसीएपी सेफ्टी टेस्टिंग स्टैंडर्ड्स में 0 मिला है. हमने अभी तक जो गलती की है, उसे आगे नहीं दोहराना चाहिए. ऐसे में आप अब जब भी कोई नई कार खरीदें, तो ये एक बार जरूर चेक कर लें कि उसमें नीचे दिए गए सेफ्टी फीचर्स हैं या नहीं...

ISOFIX
अगर आपके घर में कोई छोटा बच्चा है, तो आपको वही कार लेनी चाहिए जिसमें ये सेफ्टी फीचर हो. हम अक्सर यही मानते हैं कि बच्चा गोद में सुरक्षित रहता है. लेकिन ऐसा हमारा मानना गलत है. ISOFIX आपको बच्चे को सीट बेल्ट के साथ सिक्योर सीट पर बैठाने का फीचर देता है. अगर कार का एक्सीडेंट होता भी है, तो भी ये सीट मूव नहीं करती है.



Seat Belt Pre-Tensioner
एक्सीडेंट के समय सीट बेल्ट पैसेंजर को काफी बचाती है. ये क्रैश के वक्त पैसेंजर की लोवर बॉडी को स्थिर रखती है, लेकिन अक्सर बॉडी का ऊपरी हिस्सा खतरे में रहता है. इस स्थिति में प्री-टेंशनर्स आपके काम आते हैं. प्री-टेंशनर्स जोर से ब्रेक लगाने के वक्त सीट बेल्ट को टाइट कर देते हैं. ऐसे में आपकी बॉडी का ऊपरी हिस्सा भी आगे नहीं जाता है.

ABS-EBD
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एंट्री लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) और इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) बड़े काम की चीज है. ये सेफ्टी फीचर्स एक्सीडेंट की स्थिति में गाड़ी को स्किड होने से रोकते हैं. अगर कार में एबीएस है, तो अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी के पहिये लॉक नहीं होते और कार भी बिना स्किड किए कम दूरी पर ही रुक जाती है. जिन गाड़ियों में एबीएस और ईबीडी सिस्टम नहीं होता है, उनका स्टियरिंग भी पहिये जाम होने के कारण मुड़ नहीं पाता है. ABS पहियों को जाम होने से रोकता है और स्टियरिंग पर भी आपका कंट्रोल बनाए रखने में मदद करता है. वहीं EBD सिस्टम वजन और रोड कंडीशन के हिसाब से गाड़ी के अलग-अलग पहियों को अलग-अलग ब्रेक फोर्स प्रदान करता है, जिससे गाड़ी तेज ब्रेक लगाने की परिस्थिति में भी कंट्रोल में रहती है.



Airbags
पैसेंजर्स की सेफ्टी के लिए कार में एयरबैग होना बेहद जरूरी है. सरकार ने भी कार निर्माता कंपनियों से स्टैंडर्स सेफ्टी फीचर्स के रूप में एयरबैग्स को जरूर से देने को कहा है. एक्सीडेंट के वक्त ये बड़े काम आते हैं ड्राइवर व को-पैसेंजर के सिर और सीने को स्टियरिंग व डैशबोर्ड में टकराने से बचाते हैं. जब भी इम्पैक्ट तेज होता है, एयरबैग अपने आप खुल जाता है.

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First published: November 6, 2019, 5:54 AM IST
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