Uber ड्राइवर को हेयरकट कराना पड़ा महंगा, जानिए क्यों गंवानी पड़ी नौकरी

उबर ड्राइवर की अजीब वजह से गई नौकरी.

उबर ड्राइवर की अजीब वजह से गई नौकरी.

Uber की ट्रिप स्टार्ट करने से पहले ड्राइवर को सेल्फी भेजना होता है. ये सबकुछ ऐप में फीड होता है. उबर AI फिर इसकी पहचान करता है और फिर ड्राइवर को टैक्सी चलाने की परमिशन देता है.

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नई दिल्ली. Uber कैब में काम करने वाली श्रीकांत को मालूम होता कि, उनके लिए बाल कटवाना मुसीबत बन जाएगा. तो शायद वो कभी अपने बाल ही नहीं कटवाते. दरअसल श्रीकांत तेलंगाना में रहते है और वह इसी राज्य में उबर की कैब सर्विस में काम करते है. बीते दिनों श्रीकांत दक्षिण के प्रसिद्ध मंदिर तिरुपति बालाजी में दर्शन करने गए थे. जहां मान्यता के अनुसार उन्होंने अपने बालों को दान कर दिया. लेकिन ये उनके लिए मुसीबत बन गया और उनको अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. आइए जानते है इसके बारे में...

Uber ड्राइवर की इसलिए गई नौकरी - श्रीकांत एक उबर ड्राइवर हैं और ट्रिप स्टार्ट करने से पहले उन्हें कुछ सेल्फी भेजना होता है. ये सबकुछ ऐप में फीड होता है. उबर AI फिर इसकी पहचान करता है और फिर ड्राइवर को टैक्सी चलाने की परमिशन देता है. लेकिन श्रीकांत के लिए ये सबकुछ उस दौरान बदल गया जब ऐप ने उनके सेल्फी से उन्हें नहीं पहचाना क्योंकि वो तिरुपति बालाजी में अपने बालों का दान कर आए थे. बाल छोटे और दाढ़ी कटने के बाद उबर ने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया. उन्होंने इसके बाद कई बार दोबारा कोशिश की जिसके बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया.

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वहीं श्रीकांत ने बताया कि, उन्होंने इसके लिए कंपनी से कई बार संपर्क किया लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया. दूसरी और उबर कैब का दावा है कि श्रीकांत को बाल की वजह से नहीं निकाला. वो बार-बार कंपनी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहे थे. जिसके चलते उन्हें कंपनी ने निकाला हैं.
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सोशल मीडिया पर वायलर हुआ मामला - इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप आधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के महासचिव शैक सलाउद्दीन ने श्रीकांत की आपबीती को सोशल मीडिया पर शेयर किया. तेलंगाना फोर व्हीलर ड्राइवर संघ की ओर से जारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलाउद्दीन ने कहा कि ऐसे सिस्टम बनाने की जरूरत है जो अपनी तकनीकी खराबी के लिए अपने कर्मचारियों को नौकरी से ना निकाले बल्कि खराबी को दूर करने की कोशिश करें.
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