होम /न्यूज /ऑटो /महिंद्रा ने अमेरिका में बंद की ऑफ-रोड यूटिलिटी वाहन Roxor की मैन्युफैक्चरिंग, जानें क्या है मामला?

महिंद्रा ने अमेरिका में बंद की ऑफ-रोड यूटिलिटी वाहन Roxor की मैन्युफैक्चरिंग, जानें क्या है मामला?

महिंद्रा के रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन किया

महिंद्रा के रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन किया

अमेरिका के एक व्यापार नियामक ने भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) को फिएट क्रिसलर ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. अमेरिका के एक व्यापार नियामक ने भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) को फिएट क्रिसलर आटोमोबाइल्ज (Fiat Chrysler Automobiles) के जीप ब्रांड के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने का दोषी बताने वाले एक पुराने फैसले को सही ठहराया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इसकी जानकारी दी. कंपनी ने शुक्रवार की रात शेयर बाजारों को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग (ITC) ने प्रशासकीय कानून के न्यायाधीश के फैसले को सही ठहराया है. प्रशासकीय कानून के न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा था कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑफ-रोड यूटिलिटी वाहन रॉक्सर (Mahindra Roxor off-roader) ने फिएट क्रिसलर के जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल कर बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन किया है. ट्रेड ड्रेस का तात्पर्य इस बात से होता है कि कोई उत्पाद कैसा दिखता है. यह उत्पाद के दिखने की नकल पर रोक लगाता है.

    हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा इस बात पर अडिग है कि रॉक्सर ने जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल नहीं की है. उसने कहा, कंपनी और अमेरिकी अनुषंगी महिंद्रा ऑटोमोटिव नॉर्थ अमेरिका (एमएएनए) इस बात पर कायम है कि रॉक्सर ने जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल नहीं की है. कंपनी ने कहा कि एमएएनए आईटीसी के निर्णय के खिलाफ अपील करने और समीक्षा की याचिका दायर करने के विकल्पों पर गौर कर रही है.

    ये भी पढ़ें- Yamaha, Royal Enfield के साथ इन 4 शानदार बाइक के मॉडल हो सकते हैं 15 दिन में लॉन्च

    एस आईटीसी के एक न्यायाधीश ने नवंबर 2019 में पाया था कि रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के जीप के ट्रेड ड्रेस का उल्लंघन किया है. उसने रॉक्सर (Roxor) के पहले से आयात किये गये किसी भी कल पुर्जे के आयात और बिक्री पर रोक लगाने की सिफारिश की थी. फिएट क्रिसलर ने मिशिगन के पूर्वी जिला न्यायालय के समक्ष मामला दायर किया था. उसने रॉक्सर के विनिर्माण या बिक्री पर स्थायी रोक लगाने तथा रॉक्सर की बिक्री से महिंद्रा एंड महिंद्रा को हुए लाभ में हिस्सा देने की मांग की थी. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा कि जिस वाहन (रॉक्सर) को लेकर मुकदमा चल रहा है, उसका विनिर्माण 2018 और 2019 में हो रहा था. अब इस वाहन का विनिर्माण नहीं हो रहा है.

    रॉक्सर का डिजाइन 2020 मॉडल वर्ष के लिये बदला गया था और सामान्य डिजाइन चक्र के हिसाब से अन्य डिजायन परिवर्तन को लेकर भी काम चल रहा है. उसने कहा कि अमेरिकी अनुषंगी एमएएनए रॉक्सर ब्रांड, उसके कर्मचारियों और उसके डीलरों को लेकर प्रतिबद्ध है. रॉक्सर वाहन को दो मार्च 2018 को बाजार में उतारा गया था. इस वाहन की बिक्री अमेरिका और कनाडा में की जाती है. एमएएनए मिशिगन के ऑबर्न हिल्स में स्थित संयंत्र में रॉक्सर का विनिर्माण करती है.

    महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अमेरिका के परिचालन को तैयार करने में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है और अभी डिट्रॉयट में कई संयंत्रों का परिचालन कर रही है. कंपनी के अमेरिका में 400 से अधिक कर्मचारी हैं. कंपनी के पास अमेरिका में 400 से अधिक डीलर व आपूर्तिकर्ता हैं.

    ये भी पढ़ें- अब आप अपनी कार की सर्विस का EMI में करें पेमेंट, बस करना होगा ये आसान काम

    Tags: Auto, Auto News, Automobile, Car Bike News, Mahindra and mahindra

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें