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महिंद्रा का इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स के लिए फॉक्सवैगन से करार, इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत कम रखने में मिलेगी मदद

महिंद्रा ने फॉक्सवैगन से मिलाया हाथ.

महिंद्रा ने फॉक्सवैगन से मिलाया हाथ.

एमईबी इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म और इसके कंपोनेंट ऑटो कंपनियों को अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को  जल्दी और लागत प्रभावी ढंग से विस्तार करने में सक्षम बनाते हैं. एमईबी तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और लागत प्रभावी दोनों है. यह तेजी से ई-मोबिलटी के लिए प्रमुख खुले मंच में बदल रहा है.

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    नई दिल्ली. घरेलू वाहन कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स के लिए ग्लोबल ऑटो कंपनी फॉक्सवैगन से करार किया है. दोनों कंपनियों ने बॉर्न इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म में मॉड्यूलर इलेक्ट्रिक ड्राइव मैट्रिक्स (MEB) कंपोनेंट के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    महिंद्रा की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के मुताबिक, महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने बॉर्न इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म में एमईबी इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स जैसे इलेक्ट्रिक मोटर्स, बैटरी सिस्टम कंपोनेंट आदि को शामिल करने की योजना बना रहा है. उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के बीच बाध्यकारी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट 2022 के अंत तक हो जाएगा.

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    इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत कम रखने में मिलेगी मदद
    एमईबी इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म और इसके कंपोनेंट ऑटो कंपनियों को अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को  जल्दी और लागत प्रभावी ढंग से विस्तार करने में सक्षम बनाते हैं. फॉक्सवैगन ग्रुप कंपोनेंट्स के सीईओ थॉमस श्माल (Thomas Schmall) ने इस एग्रीमेंट पर कहा कि “महिंद्रा के साथ हम भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते हैं. भारत के बड़े ऑटो मार्केट में विकास की काफी क्षमता है और पर्यावरण संरक्षण के लिए इसकी प्रासंगिकता बहुत ज्यादा है. उन्होंने कहा कि एमईबी तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और लागत प्रभावी दोनों है. यह तेजी से ई-मोबिलटी के लिए प्रमुख खुले मंच में बदल रहा है.

    इलेक्ट्रिफिकेशन पर दोनों कंपनियों का फोकस
    वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा कि भारत दुनिया के शीर्ष पांच ऑटोमोटिव बाजारों में से एक है. यहां सालाना  लगभग 30 लाख वाहनों का उत्पादन होता है. फॉक्सवैगन और महिंद्रा का साझा मकसद भारतीय ऑटोमोटिव बाजार का इलेक्ट्रिफिकेशन करना है. साथ ही इलेक्ट्रिक मोटर्स, बैटरी सिस्टम कंपोनेंट्स और बैटरी सेल का निर्माण करना है. वर्ष 2030 तक 50 लाख वाहन सालाना उत्पादन होने की उम्मीद जताई गई है. महिंद्रा घरेलू बाजार में कई नए इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है. जुलाई 2022 में बॉर्न इलेक्ट्रिक प्लेटफार्म पर आधारित तीन नए इलेक्ट्रिक वाहनों के कॉन्सेप्ट से पर्दा उठाया जाएगा. इसके अलावा कंपनी ने इस साल केयूवी ईवी और एक्सयूवी300 ईवी को लॉन्च करने की योजना बनाई है.

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    भारत ने ग्लासगो में हुए 2021 के जलवायु शिखर सम्मेलन में 2035 में शुरू होने वाले शून्य उत्सर्जन यात्री कारों और वैन को पंजीकृत करने का बीड़ा उठाया है. इससे आने वाले सालों में पैसेंजर कार सेगमेंट के इलेक्ट्रिफिकेशन में तेजी आने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 में सभी नए वाहनों में से आधे से अधिक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगे.

    Tags: Electric Car, Electric vehicle, Electric Vehicles, Mahindra and mahindra

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