फोक्सवैगन को वापस बुलानी पड़ सकती हैं 1.25 लाख कारें, ये है वजह

जिन कारों में कैडमियम का इस्तेमाल किया गया है, उनमें फोक्सवैगन Golf GTE और पोर्शे, ऑडी के दूसरे मॉडल्स हैं.
जिन कारों में कैडमियम का इस्तेमाल किया गया है, उनमें फोक्सवैगन Golf GTE और पोर्शे, ऑडी के दूसरे मॉडल्स हैं.

फोक्सवैगन की इन कारों में थोड़ी मात्रा में कैंसर पैदा करने वाला कैडमियम मौजूद है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2018, 7:55 PM IST
  • Share this:
डीजलगेट स्कैंडल को लेकर पिछले दिनों जर्मनी की कार कंपनी फोक्सवैगन की काफी किरकिरी हुई थी. अब एक दूसरा स्कैंडल इसकी मुश्किलें और बढ़ा सकता है. इस बार इलेक्ट्रिक कारों की वजह से फोक्सवैगन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. जर्मन फेडरल मोटर ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एक फैसले के बाद फोक्सवैगन को करीब 1.25 लाख इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड कारों को रिकॉल करना पड़ सकता है. असल में फोक्सवैगन की इन कारों में थोड़ी मात्रा में कैंसर पैदा करने वाला कैडमियम मौजूद है. जिन कारों में कैडमियम का इस्तेमाल किया गया है, उनमें बेहद पॉपुलर फोक्सवैगन Golf GTE और पोर्शे, ऑडी के दूसरे मॉडल्स हैं.

कारों के चार्जिंग सिस्टम में यूज हुआ है कैडमियम
टेस्ट में यह बात सामने आई है कि फोक्सवैगन ग्रुप की कारों के चार्जिंग सिस्टम में 0.008 ग्राम कैडमियम है. कैडमियम की इतनी मात्रा इंसानों के लिए खतरनाक है. हालांकि, इस मामले में कैडमियम कंपोनेंट्स को अच्छी तरह इन्सलेट किया जाता है और इससे इंसानों को कोई जोखिम नहीं है. हालांकि, यह पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. असल में इलेक्ट्रिक कारों, खासतौर से इलेक्ट्रिक बैटरी पैक्स का डिस्पोजल (निस्तारण) ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में लंबे समय से चर्चा का विषय है.

जर्मनी में फोक्सवैगन Golf GTE के लिए लंबा वेटिंग पीरियड
इस स्कैंडल से प्रभावित कारों में फोक्सवैगन Golf GTE भी है. जर्मनी में यह कार काफी पॉपुलर है और इस कार वेटिंग पीरियड भी कई महीने है. इलेक्ट्रिक कारें ड्रेसडेन में ग्लास फैक्ट्री या ट्रांसपैरेंट फैक्ट्री में बनाई गई हैं. हालांकि, इन कारों के प्रॉडक्शन को रोका नहीं गया है, बल्कि अब इनमें एक दूसरे नॉन कार्सिनोजेनिक मैटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस मैटेरियल से इंसानों और पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज