3 मिनट में प्लेन बन जाती है यह कार

दुनिया की 19 से ज्यादा कंपनियां और स्टार्टअप फ्लाइंग कार कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं.

News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 8:14 AM IST
3 मिनट में प्लेन बन जाती है यह कार
दुनिया की 19 से ज्यादा कंपनियां और स्टार्टअप फ्लाइंग कार कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं.
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Updated: November 15, 2017, 8:14 AM IST
फ्लाइंग कार कॉन्सेप्ट सिर्फ हॉलीवुड की फिल्मों तक ही सीमित नहीं है बल्कि 2020 तक आपके आसपास असली 'फ्लाइंग कार' होंगी. इस वक्त दुनियाभर की 19 से ज्यादा कंपनियां और स्टार्टअप्स फ्लाइंग कार बनाने में जुटे हैं. इस दौड़ में गूगल के संस्थापक लैरी पेज की कंपनी किट्टी हॉक और यूरोप की सबसे बड़ी जहाज कंपनी एयरबस भी शामिल हैं. एयरबस सिविल और डिफेंस एविएशन प्रोडक्ट्स बेचने वाली विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है.

बन चुकी है दुनिया की पहली फ्लाइंग कार...
वर्ल्ड की पहली फ्लाइंग कार बन चुकी है. कंपनी का दावा है कि तीन साल बाद ये फ्लाइंग कार कस्टमर्स के हाथों में होगी. इसके लिए प्री-बुकिंग भी हो चुकी है. इस फ्लाइंग कार को ऐरोमोबिल (AeroMobil) ने बनाया है. अभी इसके लिमिटिड एडिशन बने हैं और कंपनी प्रोडक्शन में इजाफा करने में जुटी है. एरोमोबिल यूरोपियन देश स्लोवाकिया की कंपनी है.



3 मिनट में प्लेन बन जाती है फ्लाइंग कार
ऐरोमोबिल का कहना है कि ये फ्लाइंग कार टू सीटर है. जो महज 3 मिनट में कार से प्लेन में तब्दील हो जाती है. इस कार की ड्राइविंग रेंज 700 किलोमीटर और फ्लाइट रेंज 750 किलोमीटर है. ज़मीन पर इस हाइब्रिड व्हीकल की टॉप स्पीड 160 किलोमीटर है और आसमान में इसकी रफ्तार 360 किलोमीटर प्रति घंटा है.

2017 के आखिर में फ्लाइंग कार की टेस्टिंग
एयरोनॉटिक्स कंपनी एयरबस (Airbus) इस साल के आखिर तक अपनी फ्लाइंग कार की टेस्टिंग करने जा रही है. कंपनी ने अपने Vahana प्रोजेक्ट को लेकर कई तस्वीरें पोस्ट की हैं. इनमें कर्मचारी एक सीट वाले वाहन पर पेंट करते हुए दिख रहे हैं. कंपनी का कहना है कि वो बिजली का ऐसा बेड़ा (जहाज) बना रही है जो ट्रैफिक होने पर एक छत से दूसरे छत तक उड़ान भर सके.

कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को 2016 में लॉन्च किया था.



उबर ला रही है उड़ने वाली टैक्सी
हाल ही में उबर ने NASA के साथ मिलकर 2020 तक उड़ने वाली टैक्सी लाने की घोषणा की है. कंपनी का कहना है कि फ्लाइंग टैक्सी सेवा UberAIR नाम से जानी जाएगी.



दौड़ में चीन नहीं रहना चाहता पीछे...
फ्लाइंग कार की दौड़ में चीन पीछे छूटना नहीं चाहता है. वोल्वो की चाइनीज पैरेंट कंपनी ने हाल ही में फ्लाइंग कार बनाने के लिए Terrafugia स्टार्टअप का अधिग्रहण किया है. इस स्टार्टअप को MIT इंजीनियरों ने स्थापित किया था. वोल्वो, गूगल के लैरी पेज की कंपनी किट्टी हॉक और उबर को चुनौती देना चाहती है.

जापान बना रहा है सबसे छोटी फ्लाइंग कार
इटली की ऑटोमोबाइल कंपनी FIAT भी फ्लाइंग कार कॉन्सेप्ट पर काम कर ही है. जापान की कंपनी टोयोटा भी 2020 तक फ्लाइंग कार लाने की घोषणा कर चुकी है. टोयोटा के मुताबिक, वह टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलपिंक गेम्स में फ्लाइंग कार पेश करेगी. कंपनी तीन सीटर फ्लाइंग कार बना रही है जिसमें ड्रोन तकनीक लगी होगी. टोयोटा की ये फ्लाइंग कार 9.5 फुट लंबी और 1.3 मीटर चौड़ी होगी. कंपनी का दावा है कि ये दुनिया की सबसे छोटी फ्लाइंग कार होगी.

भारत में कब आएगी फ्लाइंग कार?
नीदरलैंड की कंपनी PAL-V ने 2018 तक भारत में फ्लाइंग कार लॉन्च करने का दावा किया है. इसके लिए उसने पेंटेंट भी हासिल कर लिया है. बिजनेस इंसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, PAL-V ने चैन्नई स्थित इंडियन पेंटेंट ऑफिस से पेंटेंट हासिल किया है. कंपनी ने पहली बार 2013 में हाइब्रिड फ्लाइंग कार की टेस्टिंग की थी.  कंपनी की फ्लाइंग कार 2 सीटर होगी.
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