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Driving Test में फेल होने पर मांग सकते हैं वीडियो रिकॉर्डिंग, जानिए इससे फायदे

ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने पर मिलेगी वीडियो रिकॉर्डिंग.

ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने पर मिलेगी वीडियो रिकॉर्डिंग.

ऑटोमेटेड ट्रैक के पहले एक वर्ष के परिणामों से पता चला है कि जुलाई 2019 तक खोले गए तीन ट्रैक पर कम से कम 48.91% आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में फेल हुए हैं. हालांकि, इन ऑटोमेटेड ट्रैक को खोले जाने से पहले, फेल होने वाले आवेदकों की दर केवल 16.24% थी.

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    नई दिल्ली. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग दिल्ली में अपने परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (DL) टेस्ट में फेल होते हैं, उन्हें जल्द ही टेस्ट में उनके प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग तक पहुंच प्राप्त हो सकती है. इससे लोगों को वीडियो देखने और यह देखने में मदद मिलेगी कि उन्होंने क्या गलत किया है. शहर के ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर हाई फेलियर रेट के कारण, राज्य परिवहन विभाग उम्मीदवारों के फेल होने की स्थिति में उनके ड्राइविंग टेस्ट के वीडियो (DL) की पेशकश करने की योजना पर काम कर रहा है.

    एक वरिष्ठ परिवहन अधिकारी ने कहा कि “कई क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने हमें बताया है कि परीक्षार्थी अक्सर अपने फुटेज की एक कॉपी चाहते हैं”. ज्यादातर यह समझने के लिए है कि वे कहां गलत हो गए हैं, ताकि वे अपनी ड्राइविंग स्किल में सुधार कर सकें.

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    अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में परमानेंट लाइसेंस के लिए हर ड्राइविंग टेस्ट की वीडियोग्राफी कोर्ट के आदेश के अनुसार की जाती है. उन्होंने समझाया, “हम इसे आवेदक को उपलब्ध कराने की वैधता की जांच कर रहे हैं. यह सेवा आवेदकों को एक स्ट्रिक्ट ऑन-रिक्वेस्ट सुविधा के रूप में भी प्रदान की जा सकती है.

    मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोमेटेड ट्रैक के पहले एक वर्ष के परिणामों से पता चला है कि जुलाई 2019 तक खोले गए तीन ट्रैक पर कम से कम 48.91% आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में फेल हुए हैं. हालांकि, इन ऑटोमेटेड ट्रैक को खोले जाने से पहले, फेल होने वाले आवेदकों की दर केवल 16.24% थी.

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    ऑटोमेटेड ट्रैक के खुलने से पहले मुख्य सड़क पर सामान्य ट्रैफिक के साथ ड्राइविंग टेस्ट किए जाते थे. उन टेस्ट में, आवेदक को एक किलोमीटर से भी कम समय के लिए सीधे ड्राइव करना पड़ता था और एक मोटर लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर उसकी निगरानी करता था. टेस्ट रिजल्ट पर लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर का निर्णय अंतिम होता था. लेकिन नए टेस्ट फॉर्मेट के साथ, लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर टेस्ट की देखरेख करता है, फिर रिजल्ट का प्रिंट-आउट लेता है और उस पर हस्ताक्षर करता है.

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