नहीं रहा बांधवगढ़ का राजा 'बमेरा', 13 वर्ष की उम्र में तोड़ा दम

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मशहूर बमेरा बाघ की गुरुवार को मौत हो गई. बीते दो माह पहले बाघों की आपसी लड़ाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मशहूर बमेरा बाघ की गुरुवार को मौत हो गई. बीते दो माह पहले बाघों की आपसी लड़ाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मशहूर बमेरा बाघ की गुरुवार को मौत हो गई. बीते दो माह पहले बाघों की आपसी लड़ाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.

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मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मशहूर बमेरा बाघ की गुरुवार को मौत हो गई. बीते दो माह पहले बाघों की आपसी लड़ाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.

जानकारी के मुताबिक, विश्व विख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सबसे उम्रदराज नर बाघ बमेरा ने पिछले दिनों से खाना-पीना छोड़ दिया था. वह दो माह पहले बाघों के आपसी संघर्ष के दौरान घायल हो गया था, तभी से उसका इलाज चल रहा था. हालांकि, उसकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी.

वन्यप्राणी चिकित्सकों के मुताबिक, बाघ की उम्र लगभग 13 वर्ष से अधिक होने के कारण उम्र दराज हो जाता है. इसी के चलते वह खड़ा तक नहीं हो पा रहा था.



वहीं, उसे दिया जाने वाला आहार बकरा, मीट भी वह नहीं खा रहा था. बाघ बाड़े में बने सौसर के पास बैठा रहता था. किसी के आवाज करने पर थोड़ी हरकत करता और काफी प्रयास करने के बाद उठ पाता था.
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गौरतलब है कि बमेरा बाघ जो कि खितौली परिक्षेत्र के गढ़पुरी गांव के आस-पास के क्षेत्र में विचरण करता था. आपसी लड़ाई के दौरान उसके बाएं पैर की गद्दी में चोट होने के कारण लंगड़ाकर चलता था, जिसे उपचार के लिए बहेरहा के इन्क्लोजर नंबर-2 में रखा गया था.

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