पंजाब: पराली जलाने की शिकायत पर किसानों ने पटवारी को बनाया बंदी, पुलिस का भी किया घेराव

पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाए जाने से आस-पास के इलाके में वायु प्रदूषण का गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है. (फाइल)

पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाए जाने से आस-पास के इलाके में वायु प्रदूषण का गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है. (फाइल)

यह घटना ककराला गांव की है, जहां खेतों में पराली जलाए जाने की खबर वहां पहुंचे पटवारी को भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने बंदी बना लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2019, 10:17 AM IST
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पटिलाया. पंजाब के पटियाला में पराली जलाने (Stubble Burning) की रिपोर्ट करने गए पटवारी को वहां किसानों ने बंदी बना लिया. यह घटना ककराला गांव की है, जहां खेतों में पराली जलाए जाने की खबर वहां पहुंचे पटवारी को भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने बंदी बना लिया.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बंदी बनाए गए पटवारी को छुड़ाने के लिए पुलिस पहुंची तो गुस्साए किसानों ने उनका भी घेराव किया. किसानों ने विरोध जताते हुए अपने ट्रैक्टरों से सड़क जाम कर दिया. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने नाभा के डीएसपी और ककराला पुलिस थाने के एसएचओ को भी घेर लिया. हालांकि काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने किसानों को किसी तरह समझा बुझा कर पटवारी को उनके कब्जे से छुड़ाया.

बता दें कि पंजाब के खेतों में पराली जलाए जाने से दिल्ली और आसपास के इलाके में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्तर पर पहुंच चुका था. वहीं पंजाब सरकार का दावा है कि 1 नवंबर तक कुल 20,729 पराली जलाने  के मामलों में 2,923 किसानों के खिलाफ एक्शन लिया जा चुका है. साथ ही 2018 के मुकाबले इस साल पराली जलाने के मामलों में 10-20% तक की कमी आने का अनुमान है. इसके पहले 2018 के 49,000 पराली जलाने के मामलों के मुकाबले इस साल राज्य सरकार ने अभी तक कुल 20,729 मामले ही ऐसे पकड़े हैं. बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक अब ज्यादा ऐसी घटनाएं सामने नहीं आएंगी क्योंकि 70% से ज्यादा धान की कटाई (Paddy Harvesting) पहले ही की जा चुकी है.

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