Bhojpuri Spl: स्क्रीन पर भोजपुरिया स्टार्स पर भारी पड़ जालन अभिनेता संजय पाण्डेय, आज ह जन्मदिन

भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के साथे हिन्दी टीवी उद्योग (Hindi TV Industry) आ रंगमंच के एगो नामी आउर प्रतिभावान अभिनेता (Talented Actors) के आज बात करे जा तानी जिनकर आज जन्मदिन ह. अपना हर फिल्म में किरदारन के एगो नया अंदाज, नया कलेवर में प्रस्तुत करे वाला अभिनेता संजय पाण्डेय भोजपुरी (Sanjay Pandey Bhojpuri) के एगो स्थापित कलाकार बाड़ें बाकिर उनका उ सम्मान ना मिलल, जवना के उ काबिल बाड़ें.

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  • Last Updated: March 12, 2021, 5:20 PM IST
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एगो कहावत बा घीव के लड्डू टेढो भला. उहे हाल भोजपुरिया फिल्म उद्योग (Bhojpuri Film Industry) के भी बा. भले फिल्म के हीरो अभिनय के अ भी ना जानत होखे, डांस, संवाद अदायगी के नाम पर स्क्रीन टाइम बर्बाद करत होखे लेकिन जदि उ बिकाऊ बा त उ हीरो बा, ओकरा इर्द गिर्द कहानी घूमी, ओकरा लगे एगो सुंदर हीरोइन होखी, कहानी के सगरो पात्र ओकर मुंह तकिहें. स्क्रीन से इतर उ असल जिनगी में भी हीरोवे जइसन ट्रीटमेंट पाई, ओकर बात डायरेक्टर आ प्रोड्यूसर भी मानी लोग, उ कहानी आ संवाद के अपना हिसाब से फेरबदल भी कर सकेला, उ सामने वाला प्रतिभावान अभिनेता के दमदार प्रदर्शन के एडिट भी करवा दी, उ खुदे गनवो गाई, पसंद के म्यूजिक डायरेक्टरो रखी. कहे के माने बा कि भोजपुरी सिनेमा में जेकरा नाम पर दर्शक सिनेमा हॉल में जुटेलें भा यूट्यूब पर जेकरा के सर्च करके देखेलें, उहे सिनेमा के माई-बाप बा. इहो एगो घटक बा कि भोजपुरी सिनेमा हेतना बड़ दर्शक वर्ग के होखला के बाद भी आजुवो बी ग्रेड फिल्म इंडस्ट्री के ही छवि में सिमटल बा.

अइसन नइखे कि भोजपुरी में प्रतिभावान कलाकार भा लेखक निर्देशक के कमी बा. भोजपुरी सिनेमा के साथे हिन्दी टीवी उद्योग आ रंगमंच के एगो नामी आउर प्रतिभावान अभिनेता के आज बात करे जा तानी जिनकर आज जन्मदिन ह. अपना हर फिल्म में किरदारन के एगो नया अंदाज, नया कलेवर में प्रस्तुत करे वाला अभिनेता संजय पाण्डेय भोजपुरी के एगो स्थापित कलाकार बाड़ें बाकिर इहो साँच बा कि उ जवना सम्मान आ महत्व के काबिल बाड़ें उ आज ले भोजपुरी सिनेमा भा दर्शक नइखन देहले. संजय पाण्डेय अपना स्क्रीन प्रेजेंस से बढ़िया बढ़िया हीरो लोग के जीरो बनावे के दमखम राखेलें आ बनवले भी बाड़ें. बाकिर भोजपुरिए ना पूरा भारत के दर्शक वर्ग में जवन स्टार कल्चर के भक्ति वाला आदत बा नू, ओकर बड़ नुकसान प्रतिभाशाली कलाकारन के उठावे पड़ल बा.

संजय पाण्डेय के जनम 12 मार्च 1972 के उत्तरप्रदेश में आजमगढ़ के कम्हरिया गाँव में भइल. उनके माता जी के नाम मालती पाण्डेय आ पिता जी के नाम इंद्रदेव पाण्डेय ह. संजय के अभिनय के शौक लागल त उ थिएटर कइल शुरू कइलें. उ कई साल तक भोपाल के रंगमंच से जुड़ल रहलें आ फेर आपन सपना के उड़ान देबे खातिर मुंबई आ गइलें. उनके शुरुआती छोट-मोट काम के बाद बड़ा ब्रेक मिलल भोजपुरी के नवोदित डायरेक्टर राजकुमार आर पाण्डेय के फिल्म से. फिल्म 2004 में रिलीज भइल आ नाम रहे ‘कहिया डोली लेके अइबा’. दूनू जाना के ई डेब्यू फिल्म रहल. एह फिल्म में संजय पाण्डेय के नकारात्मक किरदार के बहुत चर्चा भइल आ भोजपुरी के शुरू होत नया दौर के एगो दमदार कलाकार मिल गइल. ओकरा बाद त संजय लगातार फिल्म में लउके लगलें आ अपना किरदारन से दर्शक के डेरावे, हँसावे आ मोहे लगलें. तब सोशल मीडिया के दौर ना रहे, मोबाईल नया नया आइल रहे. लोग के फिल्म के कहानी साँचो के लागे आ एही से संजय पाण्डेय के बहुत दर्शक असलियो में क्रूर अउर गुंडा समझे लगलें, जेकरा चलते कई बार उनकरा दर्शकन के गुस्सा आ नफरत के कोप भाजन बने पड़ल. हालांकि इ ओ बेरा भले परेशानी के कारण बनल होखे बाकिर संजय ओह अनुभव के आ दर्शकन के घृणा के अवॉर्ड के रूप में स्वीकार करेलें. इ कहीं ना कहीं उनके अभिनय कला आ शिल्प के जीत बा कि दर्शक उनके स्क्रीन पर देखला के बाद सच में ही विलेन मान लेव.

संजय पाण्डेय एक बेर साक्षात्कार में कहलें कि भोजपुरी सिनेमा आ ओकर कहानी दूनो ही आधुनिक सिनेमा से बहुत पीछे चल रहल बा जेकरा चलते किरदारन के निर्माण भी ओसहीं पीछे चलेला. अक्सर लेखक लोग अइसन कहानी लिख के फिल्म बनावे चल देला लोग जे में चरित्रन के निर्माण कइले ना रहेला. ओकर कुछ अलग पहचान भा सौन्दर्य रहबे ना करेला. फिल्म लेखक लोग खाली चरित्रन के नाम दे देलें अउरी फिलिम में ओकरा के कुछ जॉब दे देलें. हमरा मुश्किल से 5-10% स्क्रिप्ट ही अइसन मिलल बा जेकरा में पहिले से ही चरित्र निर्माण नीमन से कइल गइल होखे आ ओकरा के बिल्ड-अप दिहल गइल होखे. नाही त अधिकतर हमार किरदारन में हम खुद मेहनत करके ओकरा के अलग शेड दिहले बानी. जइसे हम फिल्मन में कभी अपना किरदार के हकला बना देनी, कबो लूला लंगड़ बना देनी, ओकरा के कवनो तकिया कलाम दे देनी, ओकर मैनेरिज्म के बदल देनी. हमरा फिल्म में अक्सर चरित्रन के नाम अउरी डायलाग ही मिलेला बाकी के काम हमरा करे पड़ेला. हालांकि एमें हमरा कवनो समस्या नइखे बाकिर सभके रचनात्मकता के एगो सीमा होला. एही से जरूरी बा कि लेखक आउर निर्देशक आपन क्रिएटिवनेस सब किरदारन के साथ देखावे ना कि खाली नायक आ नायिका पर फोकस करे.
संजय पांडेय के कुछ लोकप्रिय आ यादगार किरदार उल्लेखनीय बा- यथा, ‘राजा बाबू’ फिलिम में नागिन के रोल में जे नागिन के धुन सुनते ही नागिन डांस करे लागेला, ‘औलाद’ में एगो साइको के रोल अउरी ‘पटना से पाकिस्तान’ में पहिले खलासी के रोल जे बाद में विधायक बन जाला. ‘दीवाना’ फिलिम में भी निभावल गइल उनकर रोल अलग रहल. संजय पाण्डेय कहेलें कि हम हमेशा आपन किरदारन में कोशिश कइलें बानी कि उ एक दूसरा के रिपीट ना लागें अउरी कवनो हिंदी आ दूसर भाषा के फिल्म के किरदार से प्रेरित ना होखे. ‘निरहुआ हिन्दुस्तानी 2’ में हमार रोल काफी पसंद कइल गइल. ओकरा में हम एगो कॉमिक अउरी जरे-कुढ़े वाला चाचा के रोल कइलें रहनी, जे हमेशा आपन बड़का भाई के घर तबाह कइल चाहेला.

संजय पांडे हाले में कलर्स के हिट शो विद्या में नायिका के धूर्त ससुर के रोल में बड़ा वाहवाही बटोरलें हं. उनके एह साल आवे वाला फिल्मन में राजकुमार आर पांडेय के टाइटल रोल वाला फिल्म ‘ससुरा बड़ा सतवेला’, निरहुआ के साथ बहुतप्रतिक्षित फिल्म ‘गबरू’ आ सात गो हिरोइन के साथ बन रहल फिल्म कल्लू की दुल्हनिया, खेसारी के साथे राजा की आएगी बारात आदि बा. संजय नकारात्मक किरदारन के अलावा भोजपुरी के एगो बड़ फिल्म ‘माही’ में पाज़िटिव पुलिस वाला के किरदार कर रहल बाड़ें. संजय पाण्डेय भोजपुरी में आवे वाला वेबसीरीज में भी नजर आवे वाला बाड़ें.

जन्मदिन पर संजय पाण्डेय के भविष्य खातिर ढेर सारा शुभकामना!



( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा के जानकार हैं. )
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