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Bhojpuri Spl:'बीए कके बकरी चरावता' - भोजपुरी में आनंद मोहन-प्रकाश जैस जइसन कॉमेडियन के दौर

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एगो दौर रहे जब भोजपुरी में फिल्मन (Bhojpuri Movies) से ज्यादा एल्बम के राज रहे. गायक लोग खूब एल्बम निकालत रहे. केहू के एकहू गाना हिट हो जात रहे त ऊ स्टार बन जात रहे. ओह में से कए लोग आपन हाथ कॉमेडी में भी अजमइलें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 1:17 PM IST
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भोजपुरी सिनेमा के पिछला दौर के कॉमेडियन हरी शुक्ला अउर एह दौर के कॉमेडियन मनोज टाइगर के चर्चा हो चुकल बा. अब आगे आधुनिक भोजपुरी सिनेमा के कुछ अउर कॉमेडियन लोग के बात कइल जाय, जेकरा में कए गो नया अउर पुराना नाम भी शामिल बा. एक ओरे जहां गायक-कॉमेडियन आनंद मोहन बाड़ें, त दोसर देने प्रकाश जैस अउर सीपी भट्ट जइसन ट्रेजडी कॉमेडी वाला कलाकार... त आईं बात करल जाव, भोजपुरी के कुछ अउर कॉमेडियन के बारे में...

आनंद मोहन -
एगो दौर रहे जब भोजपुरी में फिल्मन से ज्यादा एल्बम के राज रहे. गायक लोग खूब एल्बम निकालत रहे. केहू के एकहू गाना हिट हो जात रहे त ऊ स्टार बन जात रहे. ओह टाइम कैसेट्स अउर सीडी के जमाना रहे. मनोज तिवारी, निरहुआ, पवन सिंह ओही दौर के गायक हवन, जे बाद में फिल्मन में नायक बन गइले. ओह दौर के एगो गाना बड़ा हीट रहल जे एह डिजिटल-युग मे भी खूब सुनल जाला. “बीए कइके बकरी चरावता ”. बेरोजगारी के दंश झेलत युवा लोग खातिर ई गाना तबो प्रासंगिक रहे आजो बा. ई गाना गवले रहलें भोजपुरी फिल्मन के स्टार कॉमेडियन आनंद मोहन. आनंद मोहन आपन एगो विशेष आवाज़ के शैली जेकरा में ऊ बुढ़ के कांपत आवाज़ में आपन बात कहेले, ओही से पॉपुलर भइलन. पॉपुलैरिटी एतना कि बच्चा- बच्चा ओह स्टाइल के कॉपी करे लगलन, ठीक ओइसहीं जइसे कि लोग गब्बर के हंसी के कॉपी करेला. इहे आनंद मोहन के जीत रहल. उनकर ई स्टाइल कल्पना के भोजपुरी में स्थापित करे वाला एल्बम “गवनवा लेइजा राजा जी” में आइल, तब लोग आनंद के नाम जानल. फिर एह पॉपुलर नाम के फिल्मन में एंट्री भी शुरू हो गइल.

“डबल चोटी वाली तोहके टांग ले जाइब हो” जइसन कई गो हिट गाना गा चुकल आनंद मोहन फिल्मन में भी आपन जलवा बरकरार रखले बाड़े. उनकर अभी ले 150 फिलिम आ चुकल बा. सन 1999 में बतौर गायक आपन करियर शुरू करे वाला आनंद मोहन जब फिल्मन में अइले तब भोजपुरी फिलिम एगो लम्बा शट-डाउन के बाद शुरू भइल रहल. आनंद मोहन के शुरुआती काम उनका आवाज़ के बदौलत मिलल. जाहिर बा, उनका से ओइसने रोल करावल गइल. लेकिन पिछला कुछ साल में ऊ एगो कॉमेडियन के रूप में स्थापित हो गइल बाड़न. साल 2004 में आइल रविकिशन के फिलिम “राजा भोजपुरिया” में उनकर रोल बजरंगी पहलवान के रहे. बजरंगी रवि किशन के गुरु बा आ उ अपना चेला के लइकी लोग से दूर रहे के नसीहत देता बाकिर खुदे ओही में फंस जाता. उनकर ई रोल दर्शक खूब पसन्द कइलें.
टीवी शो “नज़र” में डायन के रोल करे वाली मोनालिसा के डेब्यू फिलिम “कहाँ जईबा राजा नजरिया लड़ाई के” में निरहुआ के साथे आनंद मोहन भी रहलें. एह फिलिम में उ एगो गैराज मालिक के रोल निभवले रहले, जे मोनालिसा के बहुत हीं कॉमिक अंदाज में मदद करता. उनकर एगो फिलिम “बियाह” आइल रहे, जेकरा में नेचुरल कॉमेडी रहल. एह फिलिम में ऊ बियाह कटवा बनल रहले, जवन गांवन में आम बा. फिलिम “शहरवाली जान मारेली” में ऊ एगो बाप के किरदार में रहले जेकर किराना के दुकान बा अउर ओकर बेटा पइसा उड़ावेवाला बा. ओकरा के ऊ कॉमिक तरीका से डांटत बाड़न. निरहुआ के फिलिम “दिलेर” बड़ बजट के फिलिम रहल, जेकरा में झा जी के किरदार आनंद निभवले रहले. एह फिल्म में उ हमेशा ओवर कॉन्फिडेंस के चलते पिटात बाड़न.



पवन सिंह के फिलिम “बनारसवाली” में ऊ एगो अइसन मामा बनल बाड़न जे अपना भगिना यानी कि पवन के चोरी पकड़ल चाहता लेकिन हर बार चुक जाता. पवन के ही फिलिम “सइयाँ के साथ मड़इया में” में उनकर एगो संवाद “ऐ बूढ़ी बीड़ी द ” खूबे पॉपुलर भइल. ई सब अइसन किरदार रहे जे आनंद मोहन के दिल के बहुत करीब बा. फिलिम “बाज गइल डंका में” उनकर हमेशा चिढ़े वाला आदमी के रोल बहुते हिट रहे, जे मऊसा कहला पर चिढ़ जाता. आनंद मोहन के बेहतरीन किरदार वाला भोजपुरी फिलिम में धर्मेंद्र के साथे देस-परदेस, आंधी-तूफान, खेसारी के साथे मेहन्दी लगा के रखना, डमरू अउर जिला चंपारण, रानी चटर्जी के साथे मुन्नीबाई नौटंकीवाली आ पवन सिंह के साथे प्यार बिना चैन कहाँ रे आदि बा.

प्रकाश जैस -
खेसारी अउर पवन सिंह के फिल्मन में बतौर कॉमेडियन काम करे वाला प्रकाश जैस पटना बिहार के रहे वाला हउवन. प्रकाश सन 1995 में अनुपम खेर के टीवी गेम शो “जीरो से हीरो” में पहिला बार नज़र अइलन. उ कई गो हिंदी फिलिम जइसे अजय देवगन के अपहरण, अनुराग कश्यप के ब्लैक फ्राइडे, रामगोपाल वर्मा के जेल आदि में भी अच्छा काम कइलन. बकौल प्रकाश, ऊ भोपाल के मशहूर थिएटर कम्पनी रंग-विदूषक में बॉडी-मूवमेंट से कॉमेडी पैदा करे वाला मैथड पर डेढ़ साल तक काम कइले. अभी ले ऊ भोजपुरी में लगभग 150 फिलिम क लेले बाड़न, जेकरा में उनकर 75 फीसदी रोल कॉमिक वाला बा. ऊ साल 2003 में फिलिम “कन्यादान” से भोजपुरी में डेब्यू कइलन. उनकर बेहतरीन कॉमेडी किरदार वाला फिलिम ‘राजा बाबू” हवे, जेकरा में ऊ हीरोइन के भाई के रोल में रहले, जे पइसा के बहुते लालची बा. एह रोल में प्रकाश आपन बॉडी जेस्चर से हास्य पैदा कइले बाड़न. फिलिम “खिलाड़ी” में ऊ कॉमिक विलेन के रोल में रहलें, जेकरा में एगो जीजा-साला के जोड़ी बा. एह फिलिम में साला अपना जीजा के बर्बाद करे में लागल बा. साल 2018 में आइल एगो जबरदस्त फिलिम “नचनिया” में ऊ संगीत के स्टूडेंट के रोल में बाड़न, जेकरा नचनिया के बेटी से इश्क़ हो जाता. प्रकाश मनोज टाइगर के साथे फिलिम “लागल रहा बताशा” भी कइले. ई फिलिम फूल एंटरटेनमेंट वाला मूवी रहल.

सी. पी. भट्ट -
ट्रेजेडी से कॉमेडी पैदा करे वाला अभिनेता के नाम ह सी. पी. भट्ट. गोरखपुर के रहे वाला सी. पी. भट्ट अभी ले भोजपुरी में 200 से जादा फिलिम कइले बाड़े. ऊ साल 2005 में प्रिया गिल के साथे फिलिम “पिया तोसे नैना लागे” से डेब्यू कइले. एह फिलिम में उनकर कैरेक्टर ग्रे शेड वाला कॉमेडियन के रहे. सी. पी. भट्ट. के कहनाम बा कि “हमनी के एन.एस.डी. के वर्कशॉप के दौरान ई सिखावल गइल रहे कि हमनी के ट्रेजेडी दर्शकन खातिर कॉमेडी होला. हम एही तर्ज पर आपन किरदार निभावेनी”. उनका हास्य-चरित्र वाला फिल्मन में खेसारीलाल यादव के डेब्यू फिलिम “साजन चले ससुराल” में इनका हकला करैक्टर के खूब पसंद कइल गइल. पवन सिंह के फिलिम “भईया के साली ओढ़निया वाली” में पवन सिंह के दोस्त के रोल में उ हमेशा दोस्तन के मदद कइल चाहत बाड़न आ एह फेरा में खुदे फंस जात बाड़न. एह से सिचुएशनल कॉमेडी पैदा होता. पवने के फिलिम “सुहाग” में ऊ विलेन के राइट हैंड बनल बाड़न, जेकरा में आपन आवाज़ चल गइला के वजह से ऊ विलेन से हीरो के प्लान बता नइखन पावत आ जब बतावे के कोशिश करत बाड़न, कॉमेडी पैदा हो जाता. फिल्म “घरवाली बाहरवाली” में ऊ भौकाल देखावे वाला मुम्बइयां बनल बाड़न, जे उहां त छोट-मोट काम करता लेकिन अपना गांव में दोस्तन के बीच भोकाल बना के, उनका के फंसा के आ मुंबई ले आके चुना लगा के छोड़ देता. खेसारीलाल अउर रानी चटर्जी के फिलिम “जानम” में ऊ लंगड़ के रोल कइले बाड़न, जे लइकी के बाप के नोकर रहता. उनकर ई रोल काफी पसंद कइल गइल. (लेखक मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा के वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)
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