Bhojpuri: कोरोना काल में मन के सकून देवे वाला गीत-संगीत, जरूर सुनीं

मन के मजबूत रखे खातिर योग, प्राणायाम, प्रेरणादायी किताब पढ़ल हमेशा से अच्छा बतावल गइल बा. लेकिन मन उचटला पर कई बार एह सब में चित्त ना लागेला. त एगो अउरो उपाय बा. सरल-सहज उपाय- संगीत.

  • Share this:

पिछला साल जब कोरोना दुनिया में फइलल आ लोग पर शिकंजा कसलस त लोग डेरा गइल, बुझल कि अब ई दुनिया के अंत ह. सभे घर में लुका गइल, फ्रन्टलाइन योद्धा कोरोना से मोर्चा लेबे लगलें. लोग जेकरा कोरोना भइल भा जे आपन हीत-मीत आ घर-परिवार के लोग के खो देहलस, ओकरा अंदर खौफ बइठ गइल. एह साल त कोरोना ओहू से बेसी तांडव मचवले बा, वेग अउरी प्रचंड बा, चारों ओर मौत के तांडव बा. त आदमी हर घरी चिहुकल रहsता. हर घरी दर्द, भय, दहशत आ आशंका में रहsता. दिमाग के दही बनल बा. दिमाग में अवसाद-विषाद घर कइले बा.

इहो देखे में आवsता कि कुछ लोग आईसीयू में भर्ती होखला के बाद जब कोरोना से रिकवर करsता त ओकर मानसिक स्थिति गड़बड़ा जाता. कुछ लोग आपन नाम भुला जाता, परिजन के भुला जाता, कुछ लोग सुत नइखे पावत, कुछ लोग बात-बात पर खिसिया जाता, लड़े लागsता. डॉक्टर लोग के कहनाम बा कि आईसीयू के वेंटिलेटर आ मॉनिटर के टिंग-टिंग के आवाज आ मुर्दा सन्नाटा लोग के अंतहीन अवसाद के ओर ठेल रहल बा. जे अस्पताल में नइखे जात, घरवे में बा, उहो कहाँ सुकून से बा. न्यूज, सोशल मीडिया देख के डेराइल बा. चारों ओर जवन चीत्कार के सन्नाटा गूंज रहल बा, एह में आदमी के मानसिक संतुलन कइसे बनल रहो एकरा पर बिचार करे के गरज बा.

मन के मजबूत रखे खातिर योग, प्राणायाम, प्रेरणादायी किताब पढ़ल हमेशा से अच्छा बतावल गइल बा. लेकिन मन उचटला पर कई बार एह सब में चित्त ना लागेला. त एगो अउरो उपाय बा. सरल-सहज उपाय- संगीत.

संगीत, ई एगो अइसन राम बाण ह कि एकरा के चला दीं त मानस में बइठल हर रोग के रावण के छेदल जा सकेला. कहलो जाला कि संगीत सीधे परमेश्वर से जोड़े के माध्यम होला. वैदिक काल में ही संगीत श्रवण से कई गो रोग के इलाज के बारे में चर्चा मिलेला. आजो समाज में लोगन के बीच बढ़ रहल विषाद आ तनाव के इलाज खातिर संगीत एगो बढ़िया विकल्प बा. संगीत में एतना ताकत बा कि रउआ सुनीं त अपने आप इम्यूनिटी बढ़े लागी आ इम्यूनिटिए कोरोना से लड़े में मदद करेला.
त आज हम कुछ अइसने नया-पुरान गाना के एगो लिस्ट लेके आइल बानी जवन मन में जोश अउरी उम्मीद के बिया बोए वाला गीत बा.

अगर शास्त्रीय संगीत के बात करीं त रउआ कुछ राग सुन सकेनी. राग दरबारी, भीमपलासी, केदार, कामोद सुनला से सकारात्मक तरंग के संचार होला जेसे मन हलुक होई आ अवसाद से राहत मिली. ई राग रउआ यूट्यूब आ दोसरो प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग वाद्ययंत्र के माध्यम से सुन सकेनी.

बहुत सारा हिन्दी गाना अइसन बा जवन सुनला के बाद मन में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह होला. ओह में से एगो गाना इम्तिहान फिल्म के बा. गाना मजरूह सुल्तानपुरी के लिखल बा. गाना के बोल बा-



‘रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, काँटों पे चलके मिलके चलेंगे साये बहार के, ओ राही, ओ राही’

जिनगी के राह में हार के रुकला के तनिको गरज नइखे, ई कोरोना काल के इम्तिहान बा, काँट से भरल एह डगर के बाद फेर बहारे बहार बा.

फिल्म दोस्ती के एगो गाना जवन सदाबहार बा आ लोग के जेहन में हमेशा ताजा रहेला-

‘राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है दुख तो अपना साथी है / सुख है एक छाँव ढलती आती है जाती है…’

इहो गाना मजरूह जी के ही लिखल ह. उहाँ का गाना के शुरुआत में बड़ा सुंदर चार गो लाइन लिखले बानी.

दुख हो या सुख

जब सदा संग रहे न कोई

फिर दुख को अपनाइये

कि जाए तो दुख न होये

ई जिनगी के एगो बड़ सीख बा कि दुख-सुख हर बेरा खुश रहे के सीखीं कबो कवनो अवसाद ना होई.

फिल्म मेरी जंग के एगो गाना बा, जवन आनंद बख्शी के लिखल बा. एकर बोल भी बड़ा हिम्मत भरे वाला बा-

जीत जायेंगे हम

तू अगर संग हैं

ज़िन्दगी हर कदम

एक नयी जंग हैं

ई गाना एह बेरा पर एकदम सेट बइठत बा, कोरोना काल में हर रोज एगो नया जंग बा बाकिर आपन लोग के साथ बा त हमनी के ई जंग जरूर जीतल जाई.

फिल्म हम दोनों के एगो गाना जवन देवानंद पर फिल्मावल गइल बा उ त हमरा बुझाता सबके पसंदीदा होई. जीवन के सगरो फिक्र अउरी दुख के भुलावत चलत, बर्बादी के भी जश्न मनावत चले के बात कहल गइल बा, साहिर लुधियानवी के लिखल एह गीत में –

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया

हर फ़िक्र को धुँएं में उड़ाता चला गया

बरबादियों का शोक मनाना फ़िज़ूल था- 2

बरबादियों का जश्न मनाता चला गया

फिल्म डोर के एगो गाना जवन अपना बोल अउरी संगीत खातिर बहुत सुनल जाला, उ भी सुनला के बाद मन में उत्साह जागा देला, जिजीविषा जगा देला. गाना के बोल बा-

यह होसला कैसे झुके,

यह आरज़ू कैसे रुके...

मंजिल मुश्किल तो क्या,

धुधंला साहिल तो क्या,

तन्हा ये दिल तो क्या

राह पे कांटे बिखरे अगर,

उसपे तो फिर भी चलना ही है,

शाम छुपाले सूरज मगर,

रात को एक दिन ढलना ही है,

रुत ये टल जाएगी,

हिम्मत रंग लाएगी,

सुबह फिर आएगी

हमनी सभके आशा ना उम्मीद बा कि ई बर्बादी वाला रुत जरूर टली, हमनी के हिम्मत काम आई, ई कोरोना से आजादी वाला सुबह जरूर आई. ई हौसला के एकदम झुकावे के नइखे, जिए के आरजू मन में बुलंद रखे के बा.

संजय दत्त के संघर्ष भरल जीवन पर आइल फिल्म संजू के एगो गाना भी मन में हिम्मत से भरे खातिर काफी बा. शेखर अस्तित्व के लिखल बोल काफी दमदार बा-

कर हर मैदान फ़तेह

ओ बंदेया कर हर मैदान फ़तेह

घायल परिंदा है तू

दिखला दे जिंदा है तू

बाक़ी है तुझमें हौसला

तेरे जूनून के आगे

अम्बर पनाहे मांगे

हालांकि ई लिस्ट त लमहर बा बाकिर एह में एगो बहुते सुकून देबे वाला भजन के हम जिक्र कइल चाहब. फिल्म लगान के एगो भजन जवन लता दीदी गवले बाड़ी आ जावेद अख्तर साहेब के बोल बा-

ओ पालनहारे

निर्गुण और न्यारे

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं

हमरी उलझन, सुलझाओ भगवन

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं

तुम्हीं हमका हो संभाले

तुम्हीं हमरे रखवाले

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं

ब्रम्हकुमारी म्यूजिक गॉडलीवुड में भी एक से बढ़ के एक संकलन बा. बीके अस्मिता जॉय सरकार के स्वर में एगो गीत त कमाल के बा –

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

ये मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

आती हैं आंधियां तो कर उनका खैर मकदम

तूफ़ान से ही तो लड़ने खुदा ने तुझे जड़ा है

ये मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

ई सब गाना सुनला के बाद हमरा पूरा उम्मीद बा कि रउआ लोग के मन के अवसाद कुछ कम होई, स्ट्रेस में कमी जरूर आई. एह कोरोना से लड़े के हिम्मत जरूर मिली. ई सब गाना सुनीं आ एह लिस्ट के आगे भी लोगन में बढ़ाईं अउरी उम्मीद के दिया रोशन करीं.

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य और सिनेमा के जानकार हैं )

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज