भोजपुरी भाषा में पढ़ें: बिहार चुनाव में बबाल करी मनोज वाजपेयी के भोजपुरिया रैप

चुनाव से ठीक पहिले मनोज वाजपेयी के रैप बहुत चर्चा में बा. सिनेमा के कलाकार मनोज वाजपेयी के इ रैप बहुत खास टाइम पर आइल बा. यही रैप के बहाने पूरा माहौल पर लेखक विचार करत बाने.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 1:38 AM IST
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दुपहरिया में दलान पs बइठल-बइठल इहे सोचतs रहीं कि कहिया कौवलेज खुली कि पटना जइंतीं. बड़का चा खेत पटावे चल गइले तs मोबाइल अउर इयर फोन निकलनी. उटूब पर गाना टीप के सुनने लगनी- बम्बई में का बा.  थोड़का देर के बाद लागलs कि केहू बोलावs ता. कान में से ठेपी निकलनी तs चंदन भईया चिचियातs रहन, ऐ पवन ! ऐ पवन ! केंवाडी खोलs एगो बात बतावे के बा. केंवाड़ी खोलनी तs गला में लटकल इयर फोन देख के चंदन भईया खिसिया गइले. कहले, का रे पवनावा, दिने राते कनटोप्पा पेन्ह के माबाइले में घुसियाइल रहत बाड़े कि कुछुओ पढ़ाईयो होता?

देख बीपीएससी के फारम भरे के डेट निकलs गइल बा. हम कहनी, आवs भईया, बइठ के बतियावल जाव. चंदन भईया चौकी पs बइठले तs कहले, कान में ठूंस के का सुनत रहस कि हमार हंकार सुनाते ना रहे. हम जानतs रहीं कि चंदव भईया के पोलटिक्स में बड़ा मन लागतs रहे. ऊ पढ़े में जतना तेज रहन ओतने तेज नीतीश, लालू अउर मोदी के बतकहियो में रहन. हम कहनी, एक हफ्ता पहिले एगो नाया भोजपुरी रैप आइल बा. एह गाना में मनोज बाजपेयी के कमाल देखे लायेक बा.  एकरा में सिनेमो से बेजोड़ काम कइले बाड़े. चिराग पासवान इ गाना के ट्वीट कइके नीतीश कुमार पs कटाक्ष कइले बाड़े. चंदन भईया कहले, तनी सुनाव तs. बीडियो टीप के मोबाइल उनका देने बढ़ा देहनी.

बम्बई में का बा?
मोबाइल प गाना बाजे लागलs.  चंदन भईया मुड़ी गड़ा के देखे लगले.
बम्बई में का बा,


इहवां का बा,
दू बिगहा में घर बा लेकिन
सूतल बानी टेम्पू में
जिनगी इ अझुराइल बाटे
नून तेल अइर सेम्पू में

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गांव छोड़ला के बहुते दुख
एतना सुन के चंदन भइया हमरा देने देख लगे.  जब टोटल गाना सुन लेले तs कहले, ई तs गजब गार्दा गाना बा.  बिहार से कमाये खातिर जे बोम्बे, दिल्ली जाता ओकर मरम ई गाना में बाड़ा बढ़िया से बतावल गअल बा.  मनोज बाजपेयी त मिजाजे खुश कर देले बाड़े.  उनकर कवनो जबाब नइखे.  ई गान के लिखले बाड़े डॉ. सागर.  उनकर गीत सुन के तs मन हिलोरा मारे लागतs बा.  कोरोना के बेमारी जब बढ़े लागलs तs केतना अदमी बोम्बे, दिल्ली से बिहार आइल रहन.  अगर घरहीं रोजी-रोजगार मिलल रहित तs ई दुरदासा ना होइत.  ई दुख के ई गाना में मनोज बाजपेयी गावतs बाड़े-

कामकाज ना गांव में बाटे
मिलत नाही नौकरिया हो
देख कइसे हांकतs बाड़े
जइसे भेंड बकरिया हो
कामधाम रोजगार मिलितs
गंउवे में में सड़क बनइतीं जा
जिला जवारी छोड़ के ईवहां
ठोकर काहे खइतीं जा
ना ता बम्बई में का बा ?

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केहू गांव काहे छोड़ेला ?
हम चंदन भईया से कहनी, ई गाना में तs में इहो बतावल गइल बा कि केहू काहे गांव छोड़ के परदेस कमाये जाला.  अगर गांउवे में काम-धंधा मिल जाइतs, पढ़े-लिखे आ इलाज के बढ़िया सुविधा मिल जाइतs, तs केहू दिल्ली बोम्बे काहे जाइतs.  गांव में बाल बच्चा के पोसल मोसकिल हो जाला तs मजबूरिये में गांव छेड़हीं के पड़ेला.

बेटा-बेटी लेके गांवे
जिनगी जियल मोहाल हवे
ना निमन इस्कूल कहीं
ना निमन असपताल हवे
ना ता बम्बई में का बा ?

परदेसी अइले देस तs का भइल ?
चंदन भइया कहले, जनतरs पवन, चिराग पासवान काहे ई गाना के नीतीश कुमार के टौग कइले बाड़े ? चिराग पासवान नीतीश कुमार के ई बतावल चाहतs बाड़े कि परदेस से बिहार आवे लोगन के साथे ठीक सलूक ना कइ गइल.  कोरोना के चलते बहरी कमाये वला लाखन अदमी के शहर में काम-धंधा छूट गइल.  घरे लौटला पs सरकार कहले रहे कि अब उनका कहीं जाए के जरूरत नइखे.  जेकरा जइसन लूर बा ओकरा वइसन काम मिली.  लेकिन जब इहां काम ना मिललs तs ऊ लोग फेन लोग दिल्ली, पंजाब जाए लगले.  अगर ई बात चुनाव में उठी तs नीतीश कुमार का जबाब दिहें.

जुलम होत बा हमनी संगवा
केतना हम बरदास करीं
देस के बड़का हाकिम लोग पs
अब कइसे विसवास करीं
सब जानेला केकरा चलते
ना घरवा में राशन बा
इहवां का बा ?

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बिहार चुनाव में खेल बिगाड़ी ई गाना
चंदन भइया कहले, बिहार के चुनाव कोरोना के आफत में होखे वाला बा. ई बेमारी से जिनगी तs खतम होइए रहल बा पूंजियो-पगहा तबाह बा. रोज कमाये खाये वाला के जियल मोसकिल हो गइल बा. ऊपर से अब महंगाईयो जान मरले बा.  जेकर बगली खाली बा ऊ चुनाव में दाव साध सकेला. बिहार सरकार कहले रहे कि बाहर काम करे वाला करीब 23 लाख लोग अपना घरे लौटल रहन. एकरा में से आधा लोग अभी एहिजे बा. अपना हाल से नखुश ई लोग अगर नीतीश सरकार के खिलाफ चल गइले तs बड़का उलटफेर हो सकेला.

अबही चिराग के नीतीश से झंझट चल लहल बा. एह से ऊ खोज-खोज के अइसन बात निकाल रहल बाड़े जवन नीतीश के नोकसान होखे. बहरी से बिहार लौटे वला लोगन के हक के खातिर चिराग बहुत पहिले से आवाज उठावत रहलन. दोसर बात कि ऊ एह घरी चुनाव ना चाहतs रहनs. अब नीतीश से फरियावे खातिर चिराग खुल के ताल ठोक रहल बाड़े. ई संजोगे कहाई कि एही टाइम में मनोज बाजपेयी के अइसन गारदा गानो आ गइल. मौका के फैदा उठावे खातिर चिराग खटाक से ई गाना को लोक लिहले. लेकिन बात कुछुओ कहs ई गाना बा एकदम मस्त.
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