भोजपुरी भाषा में पढ़ें: फिल्मी दुनिया आ नशाखोरी के बहस थरिया में छेद कि कथी में छेद!

बहस चलल फिल्मी दुनिया में नशाखोरी पर. मीडिया, पुलिस अउरी जांच करे वाली एजेंसियन से होत इस संसद तक आइल. लेकिन संसद में एकर का संयत रूप लउकल. थरिआ, छेद अउरी फेमिनिज्म तक के बात उठल. अब एकरा में जया प्रदा, मनोज तिवारी बहुत लोग आ गइल बा.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 6:07 PM IST
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ब जया बच्चन कहली कि ड्रग के बाति उठा के फिलमी दुनिया के “कुछ लोग जवना थरिया में खाता, ओही में छेद करता. लाजो नइखे लागत” त पूरा बहस धधकि गइल. सोसल मीडिया पर मारो- मारो के आवाज आवे लागल. कतने लोग त जया बच्चन के जवन ना कहे के तवनो कहे लागल. सब जानते रहे कि जया बच्चन के इशारा भोजपुरी फिल्मन के सुपर हिरो रवि किशन आ कंगना रानावत के ओर बा. काहें से कि ओकरा एके दिन पहिले संसद में रवि किशन कहले कि “ड्रग के समस्या बढ़ि रहल बा. हमार फिल्मी दुनिया में भी ई फइल रहल बा.

हमार सरकार से गुजारिश बा कि एकरा पर कठोर कारवाई होखो. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) बहुत बढ़िया काम कर रहल बा.” जब जया बच्चन के समर्थक फिल्मी प्राणी एह बयान पर खिसियाए - गुर्राए लागल लोग त  रवि किशन कहले कि हम ई नइखीं कहले कि फिलमी दुनिया के सभे लोग नशेड़ी बा आ ड्रग लेता, बाकिर जे लेता ओकरा के रोके के परी. कंट्रोल करे के परी. ना त नया पीढ़ी नशा में डूबि जाई. देश के ताकत ई नौजवाने होले सन. ऊहे जब नशेड़ी- भंगेड़ी हो जइहन सन, त समाज चौपट हो जाई. ई ड्रग पाकिस्तान आ चीन से आवता.

पड़ोसी देश हमनी के देश के  बरबाद करेके षड्यंत्र करतार सन. मनोज तिवारी, रवि किशन के समर्थन कइले. कहले कि रवि किशन ठीके बात कहले बाड़न. ई सही बात बा कि सब ड्रग ना लेला. बाकिर जे लेता ऊ आपन स्वास्थ्य चौपट करता आ एगो खराब परिपाटी के नींव राखता. ड्रग के गंदगी फइल ता. फिल्मी दुनिया के ओह हिस्सा पर कारवाई होखे के चाहीं. एकरा बाद टीवी वाला हेमा मालिनी के धइले सन. कहले सन कि एह मुद्दा पर राउर का बिचार बा. हेमा मालिनी कहली कि फिल्मी दुनिया के सब लोग ड्रग ना लेला.



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जया बच्चन जी ठीक कहतारी कि कुछ लोग फिल्मी दुनिया के बदनाम करता. ओ लोगन के अइसन ना करे के चाहीं. हेमा मालिनी बचि- बचि के बयान दिहली. जया बच्चन के ऊ नाराज कइसे क सकेली. भाजपा के हई त का करी. आपन समाज आ संग साथो त देखे के बा. अब एह बिषय पर टीवी आ सोसल मीडिया पर युद्ध छिड़ल बा. एकरा पहिले  के किस्सा रउंवा सब जानते बानी कंगना रानावत आ महाराष्ट्र सरकार के बीच के बीच कवना स्तर पर कटुता रहे. कटुता तब चरम पर हो गइल जब कंगना के घर के एगो हिस्सा सरकारी एजेंसी- बीएमसी (वृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कारपोरेशन) तूरि दिहलसि.

कंगना कहले बाड़ी कि फिल्मी दुनिया के 99 परसेंट लोग नशीली दवाई (ड्रग) लेला लोग. त जया बच्चन के गुस्सा उनहूं पर रहे.

त अब तिनतरफा लड़ाई हो गइल बा. एमें राजनीतिक नेता लोग अपना तरीका से काम कर रहल बा. सबसे बड़का भूमिका में सुब्रह्मण्म स्वामी जी बाड़े. ढेर लोग कहता कि ऊ एह मामला के सलटा के छोड़िहें. एगो त कंगना रानावत बनाम महाराष्ट्र सरकार. दूसरका- महाराष्ट्र सरकार बनाम मीडिया आ तिसरका- फिलमी दुनिया बनाम फिलमी दुनिया, माने एगो गुट कंगना के पक्ष में त दोसरका कंगना के खिलाफ. कुछ लोग दूध- भात वाला भी बाड़न- माने अइसन लोग जे चुप्पी मारि के बइठल बा. चुप्पी वाला लोगन के अपना इज्जत के खेयाल बा. का जाने ए दादा, कुछु बोलि दीं आ लेना के देना परि जाउ.

एसे चुपे रहल ठीक बा. सब त आपन- आपन कमजोरिया जानते बा. केहू कहीं धरा सकेला, त केहू कहीं. ऊ ड्रग नइखे लेत त ओकर औरी कुछु के डर बा. फिल्मी दुनिया के लोग चिहुंकल अवस्था में सांसत में बा. आ जनता जनार्दन के मन में जवन फिलमी दुनिया के छवि रहल ह, ऊ टूटि के चकनाचूर हो गइल बा. अब चाय के दोकान पर फिल्मी दुनिया आ रिया चक्रवर्ती के अलावा के सही आ के गलत भी शामिल हो गइल बा. अच्छा भला जया बच्चन के छवि रहल ह. जनता जनार्दन में ऊ छवि धूरि में मिलि गइल. लोग कहता कि नशाखोरी पर बोलल थरिया में छेद कइसे भइल रे भाई.

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थरिया में छेद भइल बा कि बड़कवा लोगन के इज्जत में छेद भइल बा. जया बच्चन, काहें महाराष्ट्र सरकार आ नशेड़ियन के तरफदारी करतारी. त एक आदमी कहता कि आरे भाई, ई कुल सुविधाभोगी प्रजाति के लोग ह. शिव सेना के कार्यकर्ता बंबई में हावी बाड़े सन. ओकनिए के सरकार बा. जया बच्चन के बंबइए में रहेके बा. त ओकनी के पक्ष में बोलि के ऊ सुरक्षित हो गइली. एही के कहल जाला सुविधाभोगी प्रजाति. राजनीति के राजनीति हो गइल. आ फिलमी दुनिया के तथाकथित बड़कवा समुदाय में उनुकर बड़ाई हो गइल. बड़कवे लोग नु पारटी करेला, ओमें कुछु पारटी में ड्रग भा नशाखोरियो होला.

त नाक के लड़ाई बा. एही बीच में एगो नामी हिरोइन जयाप्रदा के आ गइला से ममिला अउरी गरमा गइल. जयाप्रदा कहली कि जया बच्चन ओह घरी काहें चुप हो गइली जब उनुकरे पारटी के एगो नेता हमरा चड्ढी (कच्छी) के रंग बतावत रहे. ओह घरी त जया बच्चन चुप्पी सधले रहली. हमरा नियर हिरोइन के सरेआम अपमान होत रहे आ ऊ एको शब्द ना बोलली. त अपना हित के सुरक्षा खातिर कब बोलेके बा आ कब चुप रहेके बा, एही के नांव राजनीति ह का? आ ईहे बड़कवा लोगन के चरित्र ह का? ठीक मौका पर बोलल आ ठीक मौका पर चुप रहल एगो कला ह.  त जया बनाम जया हो गइल.

एगो लड़ाई ट्वीट के बा. ट्वीट पर कंगना रानावत कुछु ना कुछु अइसन बोलि देत बाड़ी कि महाराष्ट्र सरकार के मरिचा लागि जाता. आ महाराष्ट्रे सरकार के ना ओकर समर्थक आ फिलमी दुनिया के कुछ बड़कवा लोगन के भी मरिचा लागि जाता. ओने कुछु टीवी चैनल वाला एह मसला के अउरी गरम कइले रहतारे सन. रोजे रिया चक्रवर्ती के कौनो ना कौनो व्हाट्स एप मैसेज उजागर होत रहता. कई गो टीवी चैनल त परोक्ष रूप से कहतारे सन कि सुशांत सिंह राजपूत के हत्या भइल बा आ ओमें महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ कुछ नेता भी जुड़ल बाड़े सन. त टीवी चैनल पर ई बहस उत्तेजना पैदा क देता.

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कतने लोग त एह उत्तेजना के आदी हो गइल बा. घर के बड़ बुजुर्ग कहता लोग कि टेलीविजन के नशा त गांजा आ हेरोइन से भी बढ़ि के बा. ई टीवी वाला का जाने कौन नशा चटा देतारे सन कि घर के कुल्हि मेहरारु, लइकी, लइका ओकरे नशा में डूबल बाड़े सन. त अब सनसनी आ उत्तेजना के बिना टीवी के टीआरपी ना बढ़ि. कुछु अइसन बहस करे वालन के टीवी वाला बोला के बहस करावतारन स जवन खाली हुलेलेले करे में माहिर बा, उत्तेजना पैदा करे में माहिर बा. ओने रिया चक्रवर्ती जेल में बाड़ी आ उनुकरा भा उनुकरा भाई के व्हाट्स एप से रोजे कौनो ना कौनो रहस्यमय बातचीत प्रकट होत रहता.

लोगन के धारणा ई बा कि कंगना रानावत आवे वाला समय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होइहें. केंद्र सरकार उनुका के वाई कटगरी के सुरक्षा देके उनुकर इंट्री बुक क देले बिया. संभव बा बिहार के जल्दिए होखे वाला चुनाव में कंगना भाजपा के स्टार प्रचारक होखसु. एकरा अलावा पश्चिम बंगाल में भी चुनाव अगिले साल बा. त कंगना पश्चिम बंगाल में भी स्टार प्रचारक हो सकेली.

अब कंगना के घर तुरि के शिव सेना अपना खिलाफ एगो मामला खोल देले बिया. कंगना बीएमसी पर मुकद्दमा कइके दू करोड़ रुपया के भरपाई के नोटिस भेजले बाड़ी. अभी ऊ अपना भाई के बियाह में अपना घरे मनाली  गइल बाड़ी. कहे वाला कहता कि मनाली से ट्वीट कके ऊ कई लोगन के चैन से सूते नइखी देत. त कई लोग अइसनो बा कि एह मसला पर ऊ सूते के नइखे चाहत. मामला कहां पहुंची, देखत रहीं.
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