भोजपुरी व्‍यंग्‍य में पढ़ें: ए नीतीश तू थाक गइल बाड़s...तs का कहले पिंकू?

चाह के चुस्की मार के मंटू भइया कहले, लेकिन कुछओ कहs पिंकू, लालू जी के कवनो जवाब नइखे, देखल नू कि उनकर ट्विट, ए नीतीश तू थाक गइल बाड़s... केतना भायरल हो गइल बा.

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  • Last Updated: October 21, 2020, 10:42 AM IST
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ल्लो ! हां, हल्लो ! मंटू भइया, हम पिंकू बोलsतानी, जदयू ऑफिस के बहरी चाय के ठेला भिरी बइठल बानी, केतना देर में पहुंचबs ? आच्छा, आच्छा ! राजद आफिस में बाड़s , तब तs भिरिये बाड़s. एहिजे आवs, असपेसल चाह के औडर कर देत बानी. थोड़का देर में मंटू भइया अइले तs गोड़ छू के परनाम कइनी. मंटू भइया कहले, अलबत्त अदमी बाड़s पिंकू ! बड़हरिया में तs भोट खातिर मारामारी पs उतारू हो जात बाड़s, एहिजा अतना लेहाज कइसे ? पिंकू कहले, अबकी बड़हरिया बिधानसभा सीट पs अइसन चुनावे होता कि हमरा तहरा में लोहा लाग गइल बा. तहरा बाचा चा (बच्चा पांडेय) के राजद टिकट दे देलस तs तूं हमरा खिलाफ हो गइलs. अगर बाचा चा ना खाडा भइल रहिते तs हमनी के दूनो अदमी सामबहादुरे चा के साथे नू रहितीं जा. मंटू भइया हंस के बेंच पs बइठले तs चाह आइल. चाह के चुस्की मार के मंटू भइया कहले, लेकिन कुछओ कहs पिंकू, लालू जी के कवनो जवाब नइखे, देखल नू कि उनकर ट्विट, ए नीतीश तू थाक गइल बाड़s... केतना भायरल हो गइल बा.


ए नीतीश, थाक गइल बाड़s...”
मंटू अउर पिंकू बड़हरिया से साथहीं पटना आइल रहन जा. बड़हरिया सीट पs राजद के बाच्चा पांड़े तs जदयू से सामबहादुर सिंह अखाड़ा में कूदल बाड़े. मंटू बाच्चा पांड़े के सपोटर रहन तs पिंकू सामबहादुर सिंह के. मंटू कहले, एन चुनाव में नीतीश जी के अपना मुंहे आपन कमी ना कहल चाहत रहे. नीतीश जी के ई कहल भारी पर गइल कि उ बहुत कोशिश कइले लेकिन बिहार में करखाना ना खुलल. काहे से कि बिहार समुंदर के किनारा नइखे. लालू जी एह बात के लोक लेले. ऊ नीतीश पs टोन मरले, का अब बिहार में हिंद महासागर भेज दिहल जाओ का ? 15 बरिस के नाकामी का गाल बजा के छिपाइबs? ए नीतीश तू थाक गइल बाड़s, जा के आराम करs. एतना सुन के पिंकू तमातमा गइले, का मंटू भइया ! नीतीश जी, का गलती कहले ? बिहार में पूंजी लगावे खातिर उ केतना बिजनेसमैन के पटना में बोला के मिटिंग कइले, ई बात केहू से छिपल बा का ? बिहार में बिजली के हालत सुधर गइल, रंगदारी आ गुंडागरदी खतम हो गइल, सिंगल बिंडो फसलिटी मिल गइल. अब का करस नीतीश जी ? बेपारी लोग के फैदा खातिर पानी के जहाज से माल ढोलाई चाहीं तs उ बिहार में कइसे होई ? अंगरेज के जमाना में तs पहिले गांगा जी में जहाज चलत रहे अउर पटना में खूब बेपार होतs रहे. लेकिन जब से फरक्का बराज बनल तब से कहीं गंगा जी के धार बदल गइल, s कहीं पानी कम हो गइल. कतना कोशिश भइल कि गंगा जी में जहाज चला के माल ढोलाई होखे. लेकिन ना भइल. नीतीश जी साच्चामन से बात कहले तs विरोधी लोग उनकर मजाक उड़ावतs बा.


लालू जी का कइले ?
मंटू कहले, अच्छा पिंकू ई बतावs कि जवना राज में समुंदर नइखे, उहवां कल करखान ना खुलल ? मान लs कि बमबई, कलकाता में समुंदर बा एहसे उहवां बहुत पहिले से करखाना बा लेकिन दिल्ली , नोएडा, गजियाबाद, गुड़गांव में कइसे एतना फैक्टरी बा ? ओहिजा तs समुंदर नइखे ? अगर बिहार में फैकटरी खुलल रहित तs एहिजा के लोग कमाये खारित दिल्ली, गजियाबाद ना जाइते. पैकटरी ना खुलल तs एकर दोस उ समुंदर के दे रहल बाड़े. बिहार में अगर कल-करखाना ना खुलल तs ई नीतीशे जी के कमी नू कहल जाई. पिंकुओ को जबाब देवे में देर ना लागल. पिंकू कहसे, का मंटू भइया, चलनी हंसे सूप के जेकरा में बहत्तर गो छेद. लालू जी 15 साल राज कइले. उहो बिहार में पैकटरी खोलवावे खातिर अमेरिका गइल रहन. सूट-बूट सियाइल रहे. लालू जी के अंगरेजी सिखावे खातिर मास्टरो बहाल भइल रहन. भइल का ? लालू जी कयगो करखाना कोलवा देले ? तेजसवियो तs दू साल डिप्टी सीएम रहन, उ का कइले ? अपना तेजई से ऊ कम से कम एक्को फैकटरी खोलवा देले रहते तs आज सभे उनक नाम लिहित. लेकिन दोसरा के मंड़वा में उनका खूब गीत आवता.


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 s बिहार में कइसे खुली फैकटरी ?


मंटू अ पिंकू के तामस में बतियावे से हल्ला होखे लागल तs उहवां अउर लोग जामा हो गइल. चुनाव में गप अउर बतकही के कवनो ओर छोर ना रहे. भीड़ में से एगो अदमी कहलस, s एकर मतलब इहे बा कि जब ले नीतीश कुमार सीएम रहिहें, बिहार में करखाना ना खुली, काहे से कि उ तs सभ उपाय क के हार गइल बाड़े ? पिंकू भी एकर जवाब तैयार रहे. पिंकू कहले, बिहार में पहिले केतना चीनी मिल रहे. ऊख नगदी फसल रहे. ओह से किसान के निक अमदनी होत रहे. लोग तs इहे कहे ला कि लालू जी के राज में 15 चीनी मिल बंद हो गइल अउर किसान बेहाल हो गइले. एह सब चीनी मिल के कांगरस सरकार अधिगरहन कइले रहे. लालू राज में अफसर लोग घाटा लगला के बात कह के एक एकरा के बंद करा देले. एह बात पs केहू कुछ नइखे कहत. 1990 से 2000 के बीच बंद चीनी मिल को खोले खातिर लालू जी का कइले ? बिहार में जवनो कल-करखाना रहे उ तs बह-बिला गइल, का एही चाल से इहवां फैकटरी खुली ? रोहतास के डलमियानगर में केतना कारखान रहे, कइअक हजार लोग उहवां काम करत रहन. उ तs कंगरेस के जमान में बंद हो गइल रहे. कांगरेस अ राजद के लोग देख लेले बा. नीतीश के टारगेट कइला से का होई ? बिहार में कल-करखाना कइसे खुली एकर बात होखे के चाहीं. पिंकू के बात पs सभ केहू चुप हो गइल. मजमा छितराये लागल. पिंकू चाह-बिसकुट के पइसा दे के बेग उठवले. फेन मंटू अ पिंकू बस धरे मीठापुर बस अड्डा देने चल देले. (यह लेख लेखक के निजी विचार हैं)

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