भोजपुरी विशेष: ठोकठेठा के कहलस बीजेपी, जेकरा नीतीश मंजूर बाड़े ऊहे रही एनडीए में

अब बीजेपी के नेता लोजपा के अगाह कर देले बाड़े कि उ मोदी जी अउर अमित शाह जी फोटो पs भोट ना मांग सकेले.
अब बीजेपी के नेता लोजपा के अगाह कर देले बाड़े कि उ मोदी जी अउर अमित शाह जी फोटो पs भोट ना मांग सकेले.

केहू कतने सवाल खाड़ा करे लेकिन भाजपा अउर जदयू के दोस्ती अटूट बा. भाजपा के नेता बता देहले कि जेकरा नीतीश कुमार मंजूर बाड़े उहे एनडीए में रही.

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  • Last Updated: October 6, 2020, 8:46 PM IST
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‘भोजपुरिया पोथी’ के सम्पादक भारती जी आज अपना औफिस में बिहार चुनाव पs राय-बिचार खातिर बोलहटा देले रहीं. पहुंचनी तs देखनी कि उहवां मास्टर कमलाकांत पहलिहीं से बइठल रहन. थोड़का देर में जदयू नेता मदन राय भी आ गइले. भारती जी हमरा देने देख के कहले, सभे आ गइल तs पहरिले चाह-पानी हो जाव, एकरा बात बतकही नाधल जाई. मास्टर कमलाकांत कहले, का हरज कि दूनो साथेही सुरू होखे ?  जदयू नेता मदन राय के चेहरा पs तनी मुस्कान खिलल रहे. ई देख के भारती जी कहले, का मदन जी, बुझाता कि सीट बंटवारा के बाद सभ टेंशन खत्म हो गइल ! चलीं, रउए से बात सुरू कइल जाए.

बीजेपी जदयू के दोस्ती अटूट
मदन राय कहले, अब बात बेलकुल साफ गइल कि केहू कतने सवाल खाड़ा करे लेकिन बीजेपी अउर जदयू के दोस्ती अटूट बा. बीजेपी के नेता बता देहले कि जेकरा नीतीश कुमार मंजूर बाड़े उहे एनडीए में रही. सीट से बड़ सवाल भरोसा के रहे. अगर लोजपा के सवाल पs बीजेपी और अउर जदयू में भरम बनल रहित तs चुनाव में बड़ा दिकत होइत. लोजपा चुनाव में परधानमंतरी मोदी जी के नाम पs भोट मांगित तs ओकर नोकसान जदयू अउर भाजाप के उठावे के पड़ित. अब बीजेपी के नेता लोजपा के अगाह कर देले बाड़े कि उ मोदी जी अउर अमित शाह जी फोटो पs भोट ना मांग सकेले.

बीजेपी के ई फैसला से जदयू में बहुते खुशी बा. जदयू के 122 सीट मिलल तs एकरा में सात सीट मांझियो जी के देवे के बा. एक तरी कहल जाव तs जदयू से 115 सीट बांचल. जब कि बीजेपी के 121 सीट मिलल बा. अगर मुकेश सहनी से बीजेपी के पटरी बइठल तs चार-पांच सीट देवे के पड़ी. तबहुओं बीजेपी भीरी 117 सीट रही. एह तरीका से सीट बंटवारा में बीजेपी के जदयू से अधिका सीट भेंटाइल बा. मदन राय टेबुल ठोक के कहले, बीजेपी-जदयू के गठबंधन अब अउर अधिक मजबूती से चुनाव में उतरी अ दू तिहाई बहुमत से जीत हासिल करी.
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टिकट खातिर किचकिच
भारती जी कहले, मदन जी ई राउर दावा हो सकेला लेकिन ई चुनाव अतना असान नइखे जतना कि एनडीए समझतs बा. पहिला चरण के पारचा दाखिल करे खातिर अब दुइए दिन बाकी बा लेकिन अबहूओं बीजेपी आपन कंडिडेट फाइनल ना कर सकल. अइसे कहीं चुनाव होखे ला. अइसन कचकच पहिले कबो ना भइल रहे. बीजेपी के नेता रजीनदर सिंह के बड़का संघी मानल जातs रहन. 2015 में उनका के बीजेपी सीएम चेहरा मान के चुनाव लड़वले रहे. अबकियो बेर ऊ दिनारा से चुनाव लड़ल चाहत रहन. लेकिन उहंवा से जदयू के मंत्री जय कुमार सिंह रहन एह से उनकर मनसा पूरन ना भइल. कवनो उपाय ना देखले तs उ सभ छोड़छाड़ के लोजपा में चल गइले. चिराग के तs मन के मुरादे पूरा हो गइल. जदयू के मंतरी के हरावे खातिर ऊ रजीनदर सिंह के दिनारा से खाड़ा कर दिहले.

एही तरे बीजेपी के नेता अनिल कुमार बिकरम से टिकट खातिर बबाल काट दिहले. ऊ दू बेर के विधायक रहल बाड़े एह से टिकट पर आपन दावा कर रहल बाड़े. घर-घर देखा एक्के लेखा. राजद, कांग्रेस, बीजेपी जेने नजर फेरीं ओहिजे घमासान लौउकी. आरा के राजद विधायक अनवर आलम के टिकट कट गइल तs ऊ कहले कि अगर लालूजी बहरी रहिते तs ई कबो ना होइत. ऊ तेजस्वी से पूछले कि कवना कारण से आरा के सीट भाकपा माले के दिहल गइल ? पिछिला चुनाव में माले के पांच हजार भोट मिललतs ओकर दावा मान लिहल गइल. जब कि उनका 71 हजार से अधिका भोट मिलल तs सीटे छीन लिहल गइल. उहां माले तs लड़ाइये में ना रहे तबहुंओ धकिया के सीट ले लेलस. बाह रे, राजद के लीडर लोग. टिकट देवे में जतना देरी भइल बा, जतना बिबाद हो रहल बा, ओकर असर चुनाव जरूर पड़ी.

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कुशवाहा, मायावती अउर औवैसी के ताल
मास्टर कमलाकांत कहले, बिहार चुनाव में सामाजिक समीकरण बदले खातिर चारो गठबंधन आपन-आपन दाव खेल रहल बा. लालू अ नीतीश के तs समीकरण पहिलहीं से रहे लेकिन अब उपेनदर कुसवाहा नया गोहार तइयार कर रहल बाड़े. मायावती से तालमेल कर के उ पहिले से कोइरी-दलित के गठजोड़ बना ले ले रहन. अब एकरा में एसदुद्दीन औवैसी के जोड़ के ऊ मुसलमान लोगन के अपना पाला में कइल चाहत बाड़े. अइसे तs दलित अ मुललमान भोट खातिर पप्पू जादो के गठबंधन जोर लगा रहल बा. पप्पू संगे मुसलमान भोटर के लुभावे खातिर एम के फैजी बाड़े. एकरा अलावे पप्पू के गठबंधन के यूपी के दलित नेता चंदरसेखर अ महारष्ट्र के दलित नेता वीएल मातंग भी मजबूती दे रहल बाड़े.  मास्टर कमलाकांत गला खंखाकर के कहले, हमरा बिचार से एह चुनाव में भोट बैंक के फरमुला काम ना करी. अइसे तs अल्पसंख्यक अउर अतिपिछड़ा भोट पs नीतीश कुमार के दावा सबसे बरियार बा लेकिन अबकी बेर उलटफेर भी हो सकेला.

 2020 में का कहत बा आंकड़ा?
आखिरी मे हमहूं आपन बात रखनी. चुनाव के दू तरीका से समझल जा सकेला. एक आंकड़ा से दोसर हकीकत से. आंकड़ा कह रहल बा कि बीजेपी-नीतीश के भोट शेयर 40 परसेंट से अधिका बा, ऐह से इनकर पलड़ा भारी बा.  2005 अउर 2010 में ई गठजोड़ किला फतह कर चुकल बा. पहिले नीतीश के अधिका हिसदारी रहे लेकिन अब बात बराबरी पs पहुंच गइल बा. 2020 में जवन भी भरम रहे ऊ अब खतम हो गइल बा. लोजपा के अलग हटला से एनडीए के कुछ फरक पड़ सकेला. लोजपा के बेलकुल बेहैसियत ना समझल जा सकेला. राजद, माले कांग्रेस के गठजोड़ 2015 के महागठबंधन जइसन तs बरियार नइखे लेकिन एनडीए के फुटमत के फैदा उठा सकेला. ई चुनाव कोरोना संकट में हो रहल बा. भरचुअल प्रचार में केकरा कतना फैदा मिली, अभी से कुछ ना हल जा सकेला. गांव-देहात के केतना लोग भोट देवे घर से बहरी निकलिहें, एकरो कुछ अंदाजा नइखे. जब भोटिंग परसेंटेज कम होई तs केकर फैदा मिली, ई समझे वला बात बा.
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