भोजपुरी विशेष: का चोकर बाबा अमनौर में दरौंदा के कहानी दोहराईब?

नीति धरम के बात करे वला भाजपा के नेता लोगन के तनिको करेजा ना पसिजल कि केकर टिकट काटतs बानी?

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 11:30 AM IST
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बिधाएक चोकर बाबा (शत्रुघ्न तिवारी) के महापंचाइत लागल रहे. जनता-जनारदन के भारी भीड़ जुटल रहे. बाबा कहले, भाजपा तs टिकट काट देलस, अब आगा का कइल जाव? भीड़ एकबेर हुंकारी भरलस, पूरा अमनौर करत बा पुकार, चोकर बाबा फेरू एक बार. रामधनी सिंह कहले, भाजपा टिकट ना देलस तs का भइल, जनता के टिकस रउए साथे बा. कईक गांव के लोग एहिजा बइठल बा, सभ केहू के इहे बिचार बा कि रउए अलेकशन लड़ीं. अजोधया महतो, बलदेव चौउबे खाड़ा हो के कहले, तिवारी जी, बेखटक तैयारी करीं, हमनी के साथे बानी जा. रउआ अइसन साधु अदिमी ना चुनाव लड़ी तs के लड़ी? 2015 में तs लालू-नीतीश एक्के रहन, तबहुओं जनता रउए के जितवलस. अबकी तs अमनौर के इज्ज्त के सवाल बा. अंत में महापंचाइत के इहे फैसला भइल कि चोकर फेरु चुनाव लड़िहें. अगर अइसन होता तs चोकरा बाबा अमनौर में दरौंदा के कहानी दोहरईएं ? 2019 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में जनता, जदयू के बाहुबली नेता अजय सिंह के हरा के भाजपा के बागी ब्यास सिंह के जितवले रहे.

वाह रे, भाजपा के इंसाफ!
महापंचाइत खतम भइल तs रामधनी सिंह कहले, का हो अजोधया, ईमानदारी के जमाना नइखे, चोकर बाबा अइसन सोझिया अदिमी के टिकट काट के भाजपा केकरा के कंडिडेट बनवलस? ओकरे के नु जे बीडीओ के आफिस में घुस के मरले रहे, जेकरा पs मारपीट अ धमकावे कईअक गो केस दरज भइल रहे! वाह रे भाजपा के इंसाफ! नीति धरम के बात करे वला भाजपा के नेता लोगन के तनिको करेजा ना पसिजल कि केकर टिकट काटतs बानी? सबसे तपलिख के बात तs ई बा कि जेकरा के बाबा 2015 में हरवले (कृष्ण कुमार मंटू) ओकरे के भाजपा अपना पाटी में लिया के टिकट दे देलस. 2015 में चोकर बाबा अमनौर में भाजपा के इज्जत बचवले रहन. ओह चुनाव में कृष्ण कुमार मंटू जदयू अउर राजद के सझिया कंडिडेट रहन. लालू-नीतीश के लहर में ओह घरी भाजपा के बड़-बड़ नेता ऊधिया गइल रहन. लेकिन चोकर बाबा मंटू के करीबन पांच हजार भोट से हरा देले रहन. मंटू तs जदयू में रहन. 2020 में चुनाव आइल तs ना जाने कवना जोगाड़ से राताराती भाजपा में चल अइले. मंटू के टिकटो मिल गइल. अजोधया महतो कहले, के नइखे जानत कि बाबा के टिकट कइसे कटल. मंटू कहिया से भाजपाई बन गइले ? उ राजनीति में कइसे अइले रउओ जानत बानी.

भाजपा केकरा के देलस टिकट?
बलदेव चौउबे भिरिये बइठ के रामधनी सिंह अउर अजोधया महतो के बात सुनत रहन. बलदेव चौउबे भाजपा के कट्टर सपोटर रहन. कहले, इयाद बा नू अजोधया कि 2015 में मंटू के लोगन से भाजपा के केतना झंझट भइल रहे. चुनाव में मंटू भाजपा के केतना जबून-जबून बात कहले रहन, का ई बात लोग के इयाद नइखे?इअब ओही मंटू के कवना मुंह से सपोट करीं. केहू भी भोट मांगे जाइब तs उ गारिये दिही. चोकर बाबा के टिकट कटला से अइसहीं लोग खिसीआइल बाड़े. मंटू के दबंगई के नइखे जानत. 2010 में मंटू के जदयू से कइसे टिकट मिलल रहे ? प्रभुनाथ सिंह जइसन बाहुबली नेता के आसीरबाद से उ राजनीति में आगा बढ़ले. 2010 में मंटू बिधायक बनले. लेकिन बिधायक बने से पहिले उनका नांव पs केतना केस दर्ज रहे! उनका पs पावर प्लांट के ठेकदार से रंगदारी मांगे के आरोप लागल रहे. बाढ़ विभाग के इंजीनियर से लड़ाई करे के आरोप लागल रहे. परसा के बीडीओ के के पीटे के आरोप लागल रहे. उनकर दबंगई कबो कम ना भइल. अब भाजपा के साधु ना दबंग चाहीं. लेकिन भाजपा के चहला से का होई. जवन पबलिक चाही उहे होई. भाजपा के पुरान भोलेंटियर कबो ना मंटू के सपोट करिहें. टिकट मिलला से का होई.



चोकर बाबा के राजनीत
बलदेव चौउबे कहले, चोकर बाबा के कहनाम बा कि चाल चलs सादा कि निबहे बाप-दादा. बिधायक बनला के बादो बाबा के जिनगी में कवनो देखावा नइखे. 2017 में उ अपना लइकी के बियाह हरिहरनाथ मंदिल में कइले रहन. कवनो तड़क-भड़क ना. बेलकुल सादगी से बियाह भइल. ओह घरी चोकर बाबा कहले रहन, बहुत लोग भी परइसा ना होखे तबहूओं करजा, पईंचा लेके, चाहे खेत बेंच के लइकी के बियाह करेला. भोज-भात आ बाजा-बत्ती में पइसा खरच कइल फेजुलखरची बा. अगर लोग मंदिल में आ के बियाह करस तs फालतू के पइसा खरच करे के जरुरत ना पड़ी. लेकिन लोग लोक-लाज से डेरा के मंदिल में बियाह ना कइल चाहस. लेकिन हम बिधायक होके ई काम कर रहल बानी जवना से कि दोसर लोग भू अइसन करे के सोचस. ई बियाह के के पूरा बिहार में चरचा भइल रहे. चोकर बाबा समाज में रहे, जिये वला अदिमी हवें. नेतागिरी से अधिका उनका लोग के सुख-दुख के फिकिर रहेला.

का होई अमनौर के चुनाव में ?
रामधनी सिंह 2015 के चुनाव में बाबा के खूब परचार कइले रहन. उ तनिका चिंता में कहले,  अगर 2020 में बाबा नौमनेशन करिहें तs बहुते जादा मेहनत करे के परी. मंटू के कमजोर ना कहल जा सकेला. एतना सुन के अजोधया महतो कहले, पबलिक के आंगा केकर बल काम करी ? का जानत नइखीं कि दरौंदा में का भइल रहे. दरौंधा के जदयू विधायक कविता सिंह जब सीवान से सांसद बन गइली तs अकटूबर 2019 में उहवां उपचुनाव भइल रहे. भाजपा के लोग कहनाम रहे कि संसद के सीट जदयू के मिलल तs बिधानसभा के सीट भाजपा के मिले के चाहीं. भाजपा से ब्यास सिंह के टिकट देवे के मांग होखे लागल. लेकिन भाजपा, जनता के मांग पs धेयान ना देलस. दरौंदा से जदयू के अजय सिंह खाड़ा भइले. लोग उनका के बहुत बड़का बाहुबली कहत रहन. लेकिन जनता के आंगा कवनो बल काम ना आइल. दरौंदा के भोटर ब्यास सिंह के जीता के भाजपा के सोच केतना गलत रहे. अजय के परचार खातिर सुसील मोदियो आइल रहन. ब्यास सिंह के भाजपा से निकाले के धमकी तक दिहल गइल रहे. लेकिन एह सब बात से कवनो फरक ना पड़ल. जनता जीत के माला निरदलीय ब्यास सिंह के गाला में डाल देलस. जदयू के भी पाता चल गइल के जनता के अनदेखी के का नतीजा होखे ला. नीतीश अउर भाजपा के नेता लोग दिन रात मेहनत कइले रहन लेकिन जनता निरदलीय के चुनलस. एह से हमार कहनाम बा कि जेकर मालिक मोखतार जनता होई, ओकरा के केबू ना दबा सके, ना हरा सके. जब महापंचाइत बाबा के नाम पs हुंकारी भर देलस तs अब चुनाव के तइयारी शुरू करे के चाहीं. (यह लेखक के निजी विचार हैं.)
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