भोजपुरी में पढ़ें : जाइबि रे माई, सखी सङे ओट देबे ...

जेकारा ओट देबे के बा ओकरो ए सब के धिआन देबे के पड़ी आ नेता लोगन के त एको कदम बिना नियम के बाढ़ावल भारी पड़ी.

लोक में हर परब त्योहार के गीत बा. भोजपुरी में वोट देबे के भी गीत बनल बाने स. आ इ कवनो पुरान बात नइखे, बल्कि यू-ट्यूब पर भी बिहार के नेहा सिंह राठौर वोट के गीत डलले बाड़ी. लोकतंत्र के महापरब के भोजपुरी गीतन पर लेख.

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बात जब परब-तेहवार के होखेला त सबसे पहिले गीते-गवनई मन परेला. मन गुनगुना उठेला. हाथ गोड़ फड़के लागेला. भारत में त बारहो महीना गावे-बाजावे खातिर बारहमासा बनले बा बाकिर फगुआ से लेके छठि तक सायदे कवनो महीना बीतेला जावना में गावे-बाजावे के मोका न बानावल होखे. अब ओटो बारहमासा हो गइल बा. देस में कहीं ना कहीं कवनो ना कवनो स्तर पर ओट त पड़ते रहल बा.


ओटिंग कारावे खातिर नेता लोग नाको रगड़ ता - आ मन भरि बावालो काटता. कोरोना के चलते चुनाव आयोग ओट पर रोक लागा देले रहे त महाराष्ट्र के मुखिया उधो ठाकरे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन क के विधान परिषद के चुनाव कारावे खातिर सिफारिस करे के परल रहे. जो कि महाराष्ट्र में विधान परिसद के चुनाव ना भइल रहित त कुरुसियो प खातारा मांणरात रहे. ओसहिं किसानी बिल प विपक्ष के नेता लोग राज्य सभा में ओट कारावे खातिर खूब हाला कइल लोग. बाद में जब आठ जाना के सस्पेंड कई दिआइल त संसदे के माएदान में आठान धान परि गइल लोगन. भुइंए बिछावाना लागा के राति भरि धारना दीहल लोग.


धिआन दीहीं सभे धारना देत घरी कइसे संजय सिंह आ डोला सेन के साथे बाकी सांसद लोग ताली बाजा बाजा के गावत बाजावत रहे. गीत बिरोध के त बाड़का माध्यम हइए ह, ओट मांगे खातिर भी एक से एक गीत मसहूर भइल बाड़े स. बाकिर एकुल्हि के सोर में ए बात के चारचा पीछे छूटि जाता कि गांव गिरांव में भले अब कम देखे सुने के मिलो, एगो जामाना रहे कि ओट देबे जाएके भी तेयारी मेले देखे जाए लेखा होखत रहे. सादी बिआह के मटिकोड़, परिछावन आ छठि पूजा के आलावा एगो ओटे देबे के मोका होखे जब नवकी दुलहिनियो के बाहर निकले के मोका मिले. भले घूघ काढ़ि के जाएके पड़े बाकिर सजे संवरे आ गावे बाजावे में कबो कमी ना रहे.


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अइसने एगो गीत बा जावना में बेटी महतारी से बाता रहलि बिया कि ओकरा ओट देबे जाएके बा आ एह बात के लेके मन में काताना खुसी बा. ओट दीहल जिमेदारी बा ए से बहरी जाएके बा बाकिर अइसन नइखे कि घर के जिमेदारी भुला गइल बा. ओट के तेयारी में सबसे पहिले घरे के काम बा. घर के कुल्हि काम के बादे ओट देबे के तेयारी भइल बा.




जाइबि रे माई... सखी सङे ओट देबे
सखी सङे ओट देबे... जाइबि रे माई...


अपने त जाइबि आपना सखी के लिआ जाइबि
सखी के ले जाइबि भउजी के ले जाइबि
नान्हाका रोई तो चुप कारा दीहे रे माई
सखी सङे ओट देबे... जाइबि रे माई...


जाए से पहिले पूरा खनवो बानाइबि
नान्हका के दूध गारमा के राखाइबि
बीचे में उठि के रोई तो दूध पिआ दीहे माई
सखी सङे ओट देबे... जाइबि रे माई...


जाइबि रे माई... सखी सङे ओट देबे
सखी सङे ओट देबे... जाइबि रे माई...



घर के बेटिये ना दुलहिनियो इहे गीति गावेले. बेटी के त टोला माहाला में सखि सलेहरि बड़ले बाड़ी स, दुलहिन के सबसे नजदीकी सखी त ननदिये होखेले. आ दिन राति के दोस्ती भी ननदि के भउजाइए होली. गीति ननद भउजाई दूनों मिलि के गइहें बाकिर दूनो आपना आपना माई के सुनाई लोग. अब डिजिटल पारचार के जामाना में घरी घरी माइ बेटी के बात हो जाता. का बनवलू, का खइलु बिटिया ईहो छने छने पाता चलि जाता. जावना जामाना में अंतरदेसी आ पोसकाट के भरोसे चाहें नइहरे से अइले गइले पर सामाचार मिले के इंतजाम रहे - ओह घरी गाइए के मानि लीहल जात रहे कि माई सुनि लेले होई.


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बिहार में बाहार बा. सभे केहू के आपन आपन दावा बा. नीतीस कुमार के पाटी कहेले के बिहार में बाहार बा, नीतिसे कुमार बा. ठीक ओसहिं लालू यादव के लाल तेजस्वी यादव आखाड़ तारन कि बाहार त हमहिं ले आइबि. जोकि बिहार के लोग मोका दी त मुख्यमंत्री बनते पहिलके दस्खति से दस लाख नोकरी देबे के आडर होखी. नीतीस कुमार कह तारे के दिल्ली के मोदी सारकार के मदद से रोजे लोग के दस दस लाख काम दीहल जाता. अब एहिमें सोचि समझि आ नीमन से बुझि के ओट देबे के बा.


भोजपुरी में नाया नाया एगो स्टार बनि गइल बाड़ी - नेहा सिंह राठौर. बिहार के ई बिटिया भोजपुरी के पारचार पारसार खाति खुसी खुसी लागलि बाड़ी. हंसत-खेलत एक से एक फेसबुक आ यू-ट्यूब प गाना गावतारी आ अब त मीडिया में हर जगहि उनुकर गाने सुनल आ सुनावल जाता. नेहा सिंह के एगो ओट प भी गाना आइल बा जावना में ऊ सभे केहू से अपील कर तारी कि ओट देबे जा लोग. भुलइह जनि. अपने त जइबे करिह नवकी कनियो के ले ले जइह - आ सबसे बड़ बात सोसल डिस्टेंसिङ का सेनेटाइजर त कसहूं ना भोर पड़े के चाहीं.


ए काका ए काकी ए चाचा ए चाची
सुन मोर भइआ ना
वोट देवल अधिकार ह तोहार त वोट देवे जइह ना
नयकी बहुरिया ए नाया कनिया
तनिको लजइह ना
सोच समझि के अकिल लागा के बटन दबइह ना
वोट देवल अधिकार ह तोहार त वोट देवे जइह ना




मुंहवा पे आपन रुमाल लगइह
हथवा सेनेटाइजर ना
कइके पूरा तइआरी ए भइया वोट देवे जइह ना
वोट देवल अधिकार ह तोहार त वोट देवे जइह ना



दिन तारीख ईयाद करि लीह
अरे रे रे भुलइह ना
एगो दूगो काम में आकाज होई लेकिन वोट देवे जइह ना
सरकार चुने के बाटे जे सपना तनिको पिछुअइह ना
वोटर लिस्ट में नाम जोड़वइह वोट देवे जइह ना


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जइसे परब-तेहवार समय के साथे बादलाव के गावाह बनत जाता ओसहीं चुनावो के साथे होत जाता. आखिर चुनावो तो लोकतंत्र के सबसे बड़ परबे-तेहवार ह. आ सबसे बड़ बादलाव त बिहार चुनाव में देखे मिले वाला बा. कोरोना के कहर से जब दुनिया में केहू ना बांचल त चुनाव कइसे बांची भाला. अब त ना नामांकन में भीड़ि लउकी ना गाजा-बाजा, नाचत गावत नारा लागातव लोग जा पइहें.


चल सखी ओट देबे भागाड़ा के बूथे प...
चल सखी ओट देबे...
जेकारा के मन करी समझि बूझि के ओट दीह
ना बुझाई तो नोटा के टीपि दीह ना...
चल सखी ओट देबे...


अब त धीरे धीरे कुल्हि चीजु बाइस्कोप होखल जाता. ना कहीं बाइस्कोप देखे के मिलता ना पहिले लेखा ओट देबे जाएके जोस. अब त बात बात प सोसल डिस्टेंसिङ अइसन ना हो गइल बा कि चुनाव आयोग पहिलहिं से कहि देले रहल हा कि अब ओट तो कोविडे प्रोटोकाल के हिसाब से पड़ी. जेकारा ओट देबे के बा ओकरो ए सब के धिआन देबे के पड़ी आ नेता लोगन के त एको कदम बिना नियम के बाढ़ावल भारी पड़ी.

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