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Bhojpuri Special: जवन भोजपुरी सिनेमा के गीत हिट, तवन फिलिम सुपरहिट... लालू से भी जुड़ल बा कनेक्शन!

पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव खुद के भोजपुरी फिलिम में काम करे से ना रोक पइलन.
पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव खुद के भोजपुरी फिलिम में काम करे से ना रोक पइलन.

इतिहास साक्षी बा कि अधिकतर उहे भोजपुरी फिलिम हिट भइल बा जवना के गानवा सुपर डुपर हिट भइल बा. गाना में दम रहला पर फिलिम चर्चा में त आइये गइल बा. हम भोजपुरी सिनेमा के 60 साल के इतिहास के बात करत बानी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 3:35 PM IST
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इतिहास साक्षी बा कि अधिकतर उहे भोजपुरी फिलिम हिट भइल बा जवना के गानवा सुपर डुपर हिट भइल बा. गाना में दम रहला पर फिलिम चर्चा में त आइये गइल बा. हम भोजपुरी सिनेमा के 60 साल के इतिहास के बात करत बानी. आधुनिक भोजपुरी सिनेमा के ब्लॉक बस्टर फिल्म ससुरा बड़ा पइसा वाला, पंडी जी बताई ना बियाह कब होई, देवरा बड़ा सतावेला, सात सहेलियां, मेहंदी लगा के रखना होखे भा पुरनका दौर ( पहिलका आ दुसरका दौर के फिलिम) गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो, लागी नाहीं छूटे राम, बिदेसिया, बलम परदेसिया, धरती मईया, गंगा किनारे मोरा गाँव, दुल्हा गंगा पार के, पिया के गाँव आदि फिल्म होखे, सब में गीत-संगीत कमाल के रहल बा.

भोजपुरी में जब भी अस्मिता के बात होला, गर्व आ स्वाभिमान के बात होला त हमनी के गीत खातिर पुरनके फिलिमियन के तरफ ताके के पड़ेला.

नब्बे के दशक में भोजपुरी फिलिम बनल लगभग बंद हो गइल रहे. ओह घरी कब फिलिम बने आ कब पर्दा से उतर जाए, पते ना लागे. हीरो में असीम कुमार, सुजीत कुमार, राकेश पाण्डेय आ कुणाल सिंह आपन पारी खेल चुकल रहे लोग. हिरोइन में कुमकुम, नाज, प्रेमा नारायण, पदमा खन्ना आ गौरी खुराना रिटायर हो गइल रहे लोग. खूबसूरत हीरोइन मीरा माधुरी चमकल रहली. ओही घरी एगो फिलिम बनल महुआ. तत्कालीन मुख्य मंत्री लालू प्रसाद यादव के भी गेस्ट अपीयरेंस रहे ओह फिल्म में. अनिल राणा प्रोड्यूसर आ हीरो रहलें. मीरा माधुरी से बियाह कइलें. ओकरा बाद मीरा कवनो फिलिम में नज़र ना अइली.



फिलिम के जगह अल्बम तेजी से बने लागल. तब नायक के जगह गायक लोग उभरे लागल लोग. उ गुड्डू रंगीला आ राधेश्याम रसिया के दौर रहे. बिजली रानी के दौर रहे. 2002 के आस-पास एगो अल्बम आइल- गवनवा ले जा राजाजी. गीतकार विनय बिहारी, गायिका कल्पना आ निर्देशक दीप श्रेष्ठ के सफल एल्बम रहे उ. लोग खूब चटखारा लेके गाना सुनल.
नब्बे के दशक के नब्बे प्रतिशत अल्बम में अश्लीलता सर चढ़ के बोलत रहे. उहे अल्बम इंडस्ट्री साल 2000 के बाद मुंबई सिफ्ट होके भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कन्वर्ट हो गइल. जाहिर बा ओकर असर आज तक के अधिकांश फिलिमन पर दिख़त बा.

1962 से 1990 तक के गीत लइका-बच्चा आ मेहरारुओ गुनगुना ल सन. गीतकार शैलेन्द्र, मजरूह सुल्तानपुरी, अंजान, कैफी आजमी, लक्ष्मण शाहाबादी, डा. रामनाथ पाठक प्रणयी, प्रो. उमाकांत वर्मा आ ब्रजकिशोर दूबे आदि के गीत के ताकत रहे ई.

काल्ही, 24 जनवरी के गीतकार ब्रजकिशोर दूबे जी के जन्मदिन ह. दूबे जी के जनम 1954 के मंगरवलिया, रोहतास, बिहार में भइल. बकौल दूबे जी, “ आकाशवाणी, पटना के 'चौपाल ' के मुखिया जी ' (स्व. गौरी कांत चौधरी ) के पुत्र आ हमार मित्र सुप्रसिद्ध पत्रकार लक्ष्मी कांत 'सजल ' जी हमरा के 1984 में एक दिन राम बाबू से मिलववले जे 'माई ' फिल्म बनावे के तइयारी में रहन. बातचीत में उ हमरा के 'माई ' के गीत लिखे के कहलन आ हम गीत लिखे में लाग गइलीं. एही बीचे 'गंगा किनारे मोरा गाँव ' के निर्देशक दिलीप बोस जी पटना आइल रहीं जेकरा के राम बाबू 'माई ' के निर्देशक रखेवाला रहन. ऊ हमरा के उहाँ से मिलववले आ उहाँ का हमरा से दू-तीन गो गीत सुनलीं. संजोग से ओही घरी शत्रुध्न सिन्हा जी के 'बिहारी बाबू' बने लागल आ एकर निर्देशक दिलीप बोस जी रहीं जे लोकेशन देखे खातिर फेर पटना गइल रहीं. उहाँ का रामबाबू के खबर कइलीं कि ऊ हमरा के उहाँ से जतना जल्दी हो सके मिलवावस काहे कि हमरे ओकर गीत लिखे के रहे. 11 जनवरी 1985 के राम बाबू संगे सांझि खानि हम उहाँ से शत्रुध्न सिन्हा जी के घरे मिललीं आ उहाँ का हमरा के 12 जनवरी 1985 के गाड़ी धरे के कहलीं. 14 जनवरी 1985 के हम बंबई पहुंच गइलीं. दिलीप बोस जी जहाँ लेखन में लागल रहीं. हमरा के पहिला गीत (राखी के गीत ) लिखे के मिलल. 16 जनवरी 1985 के चित्रगुप्त जी से भेंट भइल आ गीत के कुछ कड़ी सुनवला के बाद हमरा के गीतकार राख लिहल गइल. 'बिहारी बाबू ' के सब गीत लिखत-लिखत चित्रगुप्त जी अतना प्रभावित भइलीं कि पुत्रवत नेह दुलार देवे लगलीं. उहाँ का हमरा के बंबई में रहे के सलाह देलीं, बाकिर अपना पारिवारिक हालत के चलते हम स्थाई रूप से बंबई में रहे के हालत में ना रहीं. उहाँ के भावुक होके कहलीं "हमार आसिरवाद बा. बंबई में नाहियों रहला प रउआ के लोग गीत लिखे खातिर बोलावत रही, जवन हरदम साँच भइल.

आगे ब्रज किशोर जी कहनी कि 'बिहारी बाबू ' के बाद रामबाबू के 'माई ' बने लागल जवना के निर्देशक रहलीं ' दूलहा गंगा पार के' निर्देशक राज कुमार शर्मा जी. गीत त हम पहिलहीं लिख के रखले रहीं. फेर दृश्य के मुताबिक ओकरा के बनावल गइल. एकर संगीत संयोजन उत्तम सिंह जी कइलीं. गीत से राजकुमार शर्मा जी अतना प्रभावित भइलीं कि हमरा के छोट भाई अइसन माने लगलीं. भगवान के अइसन किरिपा भइल कि ‘ माई ' के जुबली हो गइल. 'बिहारी बाबू ' आ 'माई ' के गीतकार के रूप में हमरा जनता के अपार नेह-दुलार मिलल आ हमार पहचान बन गइल.

एही तरे गीत-लेखन के यात्रा चलत रहल जवन आजो चल रहल बा.

ब्रजकिशोर दूबेजी के गीत वाला कुछ प्रमुख फिल्म बा, बिहारी बाबू, माई, जुग जुग जीयs मोरे लाल, हो जाये द नयना चार, महुआ, हे तुलसी मइया, दुलहिन, हम हईं गँवार आ हमार देवदास आदि.

राखी पर हर साल दुबे जी के एगो गीत बाजेला - , राखी हर साल कहेले सवनवा में, भईया बहिनी के रखिहs अपना मनवा में. शतुघ्न सिन्हा आ शकीला मजीद पर फिल्मावल गइल ई गीत बिहारी बाबू फिल्म के ह .

एह गीत के अलावा जवना गीतन से दूबे जी के पहचान मिलल, ओह मे के कुछ प्रमुख गीत बा तोहरी सुरतिया से ('बिहारी बाबू), सरवता कहाँ भूलि गइलs ('बिहारी बाबू), माई ना रही त (माई), जीयs बबुआ जीयs('जुग जुग जीयs मोरे लाल), बेटी भइली पराई ('हे तुलसी मइया) आ अइले कन्हइया तोहार ('हो जाय त नयना चार) आदि.

दूबे जी के गीत-संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान खातिर कई बेर सम्मानित कइल गइल. महामहिम राष्ट्रपति जी द्वरा राष्ट्रपति भवन में 17 जनवरी 2018 के भारत सरकार के 'संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2016 से नवाजल गइल.एकरा अलावा बिहार सरकार के ओर से 'विध्यवासिनी देवी पुरस्कार '(वरिष्ठ)-2013, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मलेन का ओर से 'महंत लाल दास पुरस्कार आ बिहार राज्य भोजपुरी सम्मलेन का ओर से स्वर्ण पदक मिलल.
( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा के वरिष्ठ स्तंभकार हईं.)
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