भोजपुरी में का बा- भोजपुरी में ऊ मिठास बा जइसे आमावा के मोजरा से रस चुएला

भोजपुरी भाषा अपना आप में बहुत मधुर ह. गूगल के साथ यू-ट्यूब पर भी भोजपुरी के तमाम चीज भोजपुरी में मिल जाता आ भोजपुरी के खूब व्यूज आ लाइक भी मिलता. येसे साफ बा कि लोग अभियो भोजपुरी के पसंद करेला.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 9:05 AM IST
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गो बात ना बुझाला - जब अंगरेज सब जाहां जाले स धाड़ाधड़ अंगरेजी में बतिआवेलेस. बाङाल के लोग कवनो मुलुक में पहुंचि के बाङाली बोलेला, दक्खिन के लोग आपन आपन बोली आ भासा में जोर जोर से बतिआवेला, त भोजपुरी बोलेवालन के लाज काहें लागेला? खाली ए से कि अभी ले भोजपुरी के भाषा के मान्यता नइखे मिलि पावल, अभी ले भोजपुरी बोलिए भरि बा. बाकिर जावना बोली में बतिआवे आला करोड़ों लोग होखे ओकारा मान्यता के मोहताज होखेके चाहीं भाला?


बड़ बड़ सहरन के के कहो, गांव में भी भोजपुरी से परहेज देखे मिलेला त बहुते दुख होला. भोजपुरी गाना-बजाना के नांव प त जवन परोसल जाता औकारा बारे में कहे सुने के कुछु बांचल नइखे. भोजपुरी सिनेमा में भी एगो-दूगो फिलिम के छोड़ि दीहल जाउ त बाकी त घूरे लेखा जामा भइल बा. बाकी अइसनो बात नइखे कि गाना-बजाना आ फिलिम से भोजपुरिये से भेदभाव आ परहेज करता लोग. हमनी के जब छोट रहनी जा तब घरे भोजपुरी आ स्कूल में हिंदी में बतिआईं जा.


हिंदी आ अंगरेजी पाढ़ाई के साथे आछा होत गइल, बाकिर घर परिवार में भोजपुरी के आदत बनल रहल. आदति त अइसन हो गइल कि जेकारा से भोजपुरी में बतिआवे के आदति बा ओकारा से बतिआवे घरी ना मुंह से हिंदी निकलेला ना अंगरेजीए. आजु त हालत ई हो गइल बा कि भोजपुरी के के कहो, अंगरेजी के चकर में हिंदिओ के भाव नइखे मिलत जवन बहुते पहिले मिलि जाए के चाहत रहे. छोट प जब हमनी के दोस्तन से हिंदी में बतिआईं जा त बाबा, ईया आ बड़-बुजुर्ग लोग कहे कि ए लो के नाया नाया लगन लागल बा - अंगरेजी बोलता लोग.


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असल में ऊ लोग पूरा जिनिगी भोजपुरिये बोलत गुजारि दीहल आ जब तेज स्पीड में हिंदी सुने लोग त बुझा ना पावे. त कहे लोग कि अंगरेजी ह. तब भोजपुरी छेतर के घरन में सहरो में हिंदी बोले के परथा ना रहे. अब त हालि ई बा कि गांवों में लोग बचवन के नइखे चाहत कि भोजपुरी बोल स. भले सबके भोजपुरी में ऊहे पूरबिया टोन सुने के मिलो, बाकिर बचवन के भोजपुरी नइखे लोग बोले दीहल चाहत. लोग के लागता कि अगर बचवन सब घरे भोजपुरी बोलिहन स त स्कूलों में बोले लगिहन स. जोकि स्कूल में केहू भोजपूरी बोलत सुनि ली त घर परिवार के बेइजती हो जाई.


एहि से अब घरहूं में लोग बचवन से भोजपुरी में बतिआवे से परहेज करे लागल बा. एकर मतलब ईहो ना कि कवनो भासा से परहेज करे के जरूरत बा. जे जाताना भासा सीखि लेउ कमे बा. अगर सौख होखे त सीखहीं के चाहीं. अइसन कइगो भासा बाड़ी स जावना के जाने वाला के रोजगार भी आसानी से मिलि जाला. अब आईटी सेक्टर में भी अलग अलग भासा जानेवालन के पूछ बढ़ि रहल बा. भले ई बाजार के दाबाव होखे, बाकिर गूगल के भी मजबूरी में भारतीय भासा आपनावे के परल. सर्च से लेके आ अब त यूआरएल तक ले हिंदी में आ गइल बा.


गूगल के साथे साथे यू-ट्यूब के भी एहसाने बा कि भोजपुरी वीडियो डाले के मोका मिल गइल बा. ए घरी त बिहार के गांव-गिरांव से यू-ट्यूब चैनल चल तारे से जवाना के घंटे भरि में लाखों में व्यूज दरज होता. आ खुसी के बात ईहे बा कि अइसन एगो-दूगो ना बलुक सैकड़न चैनल बनि गइल बाड़े स. ओ चैनलन पर कामेडी होता. रोमांस, ड्रामा आ ननद भउजाई से लेके गोतिनी के दोस्ती आ दुसमनी कुल्हि देखावे के कोसिस हो रहल बा. ऊंहा कवनो एकता कपूर त नईखी जे सास-बहू के साजिस आ काहानी सुनावसु, आ ना केहू एक्टिंग के ट्रेनिंग ले ले बा, बाकिर देखि सुनि के मन खुसी से चहके लागता.




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भोजपुरी के मतलब हिंदी के अपभ्रंस न होला. कवनो चीजु के नाम में '...वा' जोड़ि देला से भोजपुरी न बनि जाले - स्कूटरवा, बजरवा, मलवा, सिनेमवा... हर चीजु के आपन खासियत होखेला. अंगरेजी में ओकारा के 'कैरेक्टरिस्टिक फीचर' कहल जाला आ हिंदी में 'अभिलाक्षणिक गुण'. ठीक ओसहिं जइसे गुड़ आ चीनी दूनो अंगरेजी में स्वीट होखेला बाकिर दूनों के मिठास में आसमान जमीन के फरक होखेला. दिक्कत वाली बात ई बा कि ई कुल्हि लिखि के चाहें बोलि का सामझावल ना जा सके.


अइसे त कवनो चीजु गरम होखेला आ कवनो ठांडा. हिंदी के बिगाड़ि के बोलेवाला बोलि दीहें कि गरमे त बा. टोकाला प त ईहो कहि देला लोग कि भोजपुरी में का बा? अब लोग सुने के तेयार होखे तो इत्मीनान से सामझावल जा सकेला कि भोजपुरी में का नइखे. जवन चाह कुल्हि बा. जइसन चाह ओइसन बा. बाकिर कुल्हि तबे बुझाई जब केहू गहराई से समझल चाहे. जेकारा भोजपुरी के साथे साथे हिंदिओ आ अंगरेजियो आछा से आवत होखे, ऊहे गहराई तक समझि बुझि सकेला.


गरमे बोलाला से ना होई. कुल्हि चीजु खाली गरमे ना होखेला - ऊ 'तातल' भी हो सकेला आ 'धीपल' भी हो सकेला. तातल ऊ भइल जावना के अंगरेजी में - 'हॉट' कहल जाला. ओसहिं 'धीपल' ऊ भइल जावना के अंगरेजी में - 'ल्यूक वॉर्म' काहाला. बाकिर ई कुल्हि बात ऊहे समझि सकेला जे भोजपुरी के साथे साथे हिंदी आ अंगरेजियो के नीमन से पढ़ले लिखले आ बुझले समझले होखे.


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बिदेसिया फिलिम में एगो गाना ह - 'दिनवा गिनत मोरे...' ए गाना के सुमन कल्याणपुर गवले रहली. एही गाना में आगे के लाइन बा कबो धिआन से सुनबि सभे - 'बऊर लागे अमवा बाऊर भइले जियारा...अइसन लाइन आजु काल्हु हिंदी में खासतौर प टीवी चैनलन प खूबे देखे के मिलेला. मने, अनुप्रास हिंदिए में ना होखेला भोजपुरियो में होखेला आ अंगरेजियो में होखेला - एलिटरेशन. हिंदी में आलांकार होला बाकिर अंगरेजी में ओकारा के राइम के कैटेगरी में राखल बा.


 रैप भी बिदेसिए बोली से देस में आइल बा. हिंदी में भी बहुते लोग रैप बहुत पहिले से गावत-बाजावत रहला हा, बाकिर रणबीर सिंह के फिलिम 'गली-ब्वॉय' से ई जादा लोगन तक पहुंचि गइल बा - 'अपना टाइम आएगा.सहरन में रोजी रोटी खाती गांव से जाए वाला लोगन के बारे में मनोज बाजपेयी आ अनुभव सिन्हा के रैप ए घरी खूबे पापुलर हो रहल बा. डाक्टर सागर ए रैप के लिखले बाड़े. अब त समझ मे आ जाए के चाहीं कि भोजपुरी में फूहरता प उतरे बिना भी नीमन बात आछा से कहल जा सकेला.


कम से कम अब त केहू के ई ना कहे के मोका मिले के चाहीं कि भोजपुरी में का बा? जवन चाहीं तवन बा. जवन खोजबि तवन मिली... ओइसहिं मधुर मधुर मधु लेखा - जइसे आमावा के मोजारा से रस चुएला.

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