भोजपुरी विशेष: रउरो लगे फ्राड फोन आइल बा का कि हेतना करोड़ जितले बानी!

अइसन फोन अइला पर लोगन तरह- तरह के प्रतिक्रिया सुने के मिलेला. केहू फोन करेवाला के गरियावे लागेला. ओकरा मुंह से संभावित कुल गारी निकले लागे ली सन. त केहू पुलिस में रिपोर्ट करेके धमकी देला. बाकिर अइसनो लोग बाड़े जे मजा लेले आ फोन करे वाला के उल्लू बना देले.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 1:35 PM IST
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जबे हाल बा. हमरा फोन में रोज एगो- दूगो मैसेज आवेला कि हम हेतना हजार भा हेतना लाख रुपया  इनाम जीत लेले बानी. अइसन बात नइखे कि कोरोना के कारण बेरोजगार भइल कुछ फ्राड स्वभाव के लोग ई करता. ना, कोरोना काल के पहिलहूं अइसन होत रहल ह. आ आजु त हदे हो गइल ह. एगो फ्राडिया आदमी हमरा के व्हाट्सएप पर फोन कके कहता कि ऊ “कौन बनेगा करोड़पति” टीम से बोलता आ कहता कि रउवां 13 करोड़ रुपया जीत लेले बानी. सुनते बुझा गइल ह कि ई महाफ्राड ह. हमरा नियर आदमी कहीं कौनो प्रतियोगिता में भाग ना लेला.

त ई इनाम कहां से आ गइल? हम ओकरा के जोर से डंटनी हं आ पुलिस में शिकायत के धमकी दिहनी हं. बाकिर ऊ हमार फोन नंबर कहां से पवले बा? हमरा अंदाज बा कि रउरो लगे अइसन मैसेज भा फोन आवते होई. आ रउरो ऊहे करत होखब जवन हम कइनी हं. बाकिर ई गिरोह तबो काहें सक्रिय बा? जरूर केहू ना केहू फंसि जात होई. करोड़ सुनि के जरूर केहू ना केहू मति मारा जात होई आ मति माराइल आदमी बैंक के डिटेल बता देत होई. हालांकि अइसना आदमी के संख्या नगण्य होई. तबो ई फ्राड गिरोह सक्रिय बा त खतरा के बाति बा. समाज में एतना जागरूकता बा. सभे जानता कि ई कुल फ्राड ह.

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अइसन फोन अइला पर लोगन तरह- तरह के प्रतिक्रिया सुने के मिलेला. केहू फोन करेवाला के गरियावे लागेला. ओकरा मुंह से संभावित कुल गारी निकले लागे ली सन. त केहू पुलिस में रिपोर्ट करेके धमकी देला. बाकिर अइसनो लोग बाड़े जे मजा लेले आ फोन करे वाला के उल्लू बना देले. ऊ कइसे. त सुनीं. कौनो फ्राडिया केहू भाई के फोन कइलस कि रउवां हेतना लाख रुपया जितले बानी. त ऊ भाई प्रेम से ओकरा से बतियावे लगिहें, पुछिहें कि त इनाम पावे खातिर का करेके परी. फ्राडिया कही कि राउर कौना बैंक में एकाउंट बा? त भाई कौनो बैंक के नांव बता दिहें. त फ्राडिया पूछी कि त रउवां ओह बैंक के डेबिट कार्ड नंबर आ डेबिट कार्ड के पिन नंबर बता दीं.
भाई ओकरा के एगो फर्जी डेबिट कार्ड नंबर बता दिहें. फेर पिन नंबर भी फर्जी बता दिहें. त फ्राडिया कही कि ठीक बा अबे रउवां लगे एगो ओटीपी जाई, ऊ हमरा के बता देब त हेतना लाख रुपया रउवां एकाउंट में चलि जाई. अभी फ्राडिया फोन पर रही तलहीं ओकरा सामने चालू कंप्यूटर पर पता चलि जाई कि भाई ओकरा के बुरबक बनावतारे. ऊ कही कि ई त रउवां गलत डेबिट कार्ड नंबर आ पिन नंबर देले बानी. त भाई ठहाका लगा के हंसिहें आ कहिहें कि तू का जानत रहल ह, कि एगो तूहीं चाल्हाक बाड़. ई दुनिया एक से एक लोगन से भरल बा. फ्राडिया बोली कि रउवां आपन आ हमार टाइम बरबाद क दिहनी.

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त भाई कहिहें कि ई फ्राडगिरी कबसे करतार ए भाई. कुछु फ्राडिया त ए सवाल का बाद फोन काटि देले सन. बाकिर कुछ फ्राडिया बताइयो देले सन कि हतना समय से ई फ्राड करतानी. अइसन टेप कइल फोन सोसल मीडिया पर कई गो आ चुकल बा. कतने केस सामने आ चुकल बा कि फलाना के बैंक एकाउंट के कुल्हि रुपया कौनो फ्राडिया आनलाइन ले उड़ल  बा. त फ्राड्यन के कौनो जाति- धर्म ना होला. ऊ कुल पाप- पुण्य ना जानेले सन. कर्ज लेके घीव पीए वाला लोग त फिर भी कौनो धोखा नइखे करत. आ कर्ज लौटावे के बाति कहता. बाकिर ई फ्राडिया त का जाने अपना बापो- महतारी के होत होइहन सन कि ना.

जे फ्राड करी, ऊ त केहू के ना होई. ओकरा दिमाग में दिन- रात फ्राडे चली. फ्राड ओकरा रोआं- रोआं में समा जाई. एक तरह के डीठ फ्राड अइसनो होला लोग. रउवां से कर्ज लेबे का घरी अइसन रोआं- रोआं गिरा दी लोग कि बुझाई कि ई बड़का बिपति में परल बाड़े. कुछ फ्राडिया त भोंकरि- भोंकरि रोवे लागेलन स. कहिहन स कि रउवां के महीना भर में रुपया लौटा दिहन स. रउवां भावना में बहि के ओकरा के दू- चार हजार रुपया दे दिहलीं. ओकरा बाद महीना बीती, साल बीती आ का जाने कतना साल बीति जाई. बाकिर कर्ज लेबे वाला ऊ फ्राडिया भाई रउवां किहां झंकबो ना करिहें. फोन करबि त फोने ना उठइहें. रउवां कर्जा देके वापस मांगत लाज लागे शुरू हो जाई.

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आखिरकार रउवां ई सोचि के कि जाए द अब ई रुपया डुबले बा, उनुका से मांगल छोड़ि देब. एगो दोसरका प्रकार के प्राणी होला लोग. अइसन प्राणी रउवां से कबो ना कही कि राउर कर्ज ना लौटाई. ऊ डेट पर डेट देत जाई आ जब डेट आई त फेरु कौनो अइसन बहाना बनाई कि रउवां चुप हो जाए के परी. कतने फ्राडिया त का जाने  क हाली अपना महतारी के मरे के बाति कहि के कर्ज लौटावे के डेट आगा खिसका देला लोग. बाकिर ओहू लोगन से बड़ एक प्रकार के प्राणी अउरी होला लोग. अइसन प्राणी कुछु दिन रउवां के बहाना बना के टरकावत रही लोग. आ एके बा एक कहि दी लोग कि रउवां जान मारे के बा त हमार जान मारि दीं, हम राउर कर्जा ना उतार सकेनी.

हम कंगाल हो गइल बानी. अब रउवां हजार- पांच सौ खातिर प्रपंच करे जाइबि ना. हं, ठीक बा रउवां भविष्य में उनुका के अब कर्ज ना देबि. त कर्ज मार देबे वाला आदमी के का फर्क परी. ऊ कौनो दोसर पार्टी धरिहें. केहू अउरी के चूना लगइहें. अइसन लोगन के सारा जीवन अइसहीं बीति जाला. आ मजे के बात ई बा कि अइसना लोगन के तगादा कइला पर कान पर जूं ना रेंगेला. ओह लोगन के नींद खूब बढ़िया आवेला. माने- कर्जा लेबे वाला गहिर नींन में सूतेला आ कर्ज देबे वाला के नींन गायब हो जाला. एही में श्रेष्ठ कवि रहीम कहि गइल बाड़े- "रहिमन आप ठगाइए, आप न ठगिए कोय.." अब का कहल जाउ.
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