भोजपुरी में पढ़ें - दसवें में फिलिम में आ गइली रानी चटर्जी

भोजपुरी हिरोइन रानी चटर्जी अब 31साल के हो गइली.
भोजपुरी हिरोइन रानी चटर्जी अब 31साल के हो गइली.

अब रानी एकतीस के हो गइली. हाल हीं में आपन जन्मदिन मनवली ह. लगभग दू दशक के सफ़र के बादो उनकर जलवा कायम बा वर्ना हिरोइन लोग एतना ज्यादा ना चले.

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  • Last Updated: November 6, 2020, 3:35 PM IST
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भोजपुरी सिनेमा के मॉडर्न या आधुनिक युग के पहिला सुपर-डुपर हिट फिल्म ससुरा बड़ा पइसा वाला के हिरोइन हई रानी चटर्जी. बिना कवनो हीरो के साथे जोड़ी बनवले माने बिना कवनो जोड़ीदार के आपन पहचान आ मुकाम बनावे वाली हिरोइन हई रानी चटर्जी. केतना लोग आइल आ गइल बाकिर दू दशक से भोजपुरिया पर्दा पर चमकत आ टिमटिमात रहे वाली हिरोइन हई रानी चटर्जी. चौदहे में नू आ गइली पर्दा पर. उनकर सोरहवां त फिल्म में अइला के बाद लागल. एगो इंटरव्यू में उ हमरा से कहली कि हम त दसवां में पढ़त रहनी तबे आ गइनी फिलिम में. कुछु ख़ास आवत थोड़े रहे हमरा. सुन्दरो ना रहली. त हमार संघर्ष त कई गुना बढ़ गइल त धीरे-धीरे सीखत गइनी आ खुद के निखारत गइनी.

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अब रानी एकतीस के हो गइली. हाल हीं में आपन जन्मदिन मनवली ह. लगभग दू दशक के सफ़र के बादो उनकर जलवा कायम बा वर्ना हिरोइन लोग एतना ज्यादा ना चले. चले के त अकेले रानी के नामो प फिल्म चल जाला. अकेले उनका नामो प फिलिम बनल बा. मै रानी हिम्मत वाली चाहे रानी चली ससुराल. बाकिर रानी अभी ससुराल गइल नइखीं. कुँवारे बाड़ी.



जन्मदिन के बाद चलल त रजनीशो मिश्रा के जन्मदिन उहे बा जवन रानी चटर्जी के 3 नवम्बर. रजनीश मिश्रा माने मॉडर्न भोजपुरी सिनेमा के सफल संगीतकार-निर्देशक. रजनीश मिश्रा माने आपन राह खुद गढ़े वाला एगो अचीवर. कोरस गावत-गावत एक दिन अपना निर्देशन में बड़का-बडका गायक के गवावे वाला संगीतकार अउर ओकरा बाद ओहू से दू डेग आगे बढ़के भोजपुरी के खांटीपन आ बाज़ार के समझत, दूनू के ध्यान में रख के फिलिम बनावे वाला सफल निर्देशक. त रजनीश मिश्रा के भी बधाई. अब इनकर उमिर का बताईं. मरद के कमाई देखल जाला उमिर ना. शादी-शुदा बाडन. अपना काम में बाझल बाडन. फिलिम के शूटिंग खातिर मुंबई से लंदन ले धंगले बाड़े. रानी-रजनीश आधुनिक भोजपुरी सिनेमा के उपलब्धि बा लोग.
भोजपुरी सिनेमा के मॉडर्न या आधुनिक युग 

आधुनिक भोजपुरी सिनेमा भा भोजपुरी सिनेमा के मॉडर्न या आधुनिक युग साल 2000 के बाद शुरू होता. काहेकि नब्बे के दशक में भोजपुरी सिनेमा के ई हालत हो गइल रहे कि कब फिल्म बने अउरी कब पर्दा से उतर जाये, ई पते ना चले. भोजपुरी के ओह दौर के सबसे बड़ हीरो कुणाल सिंह साल 2000 में एगो साक्षात्कार में हमरा से कहलें कि "1982 के बाद हम अकेले स्टार हीरो रहनी अउरी रउआ समझ सकिलें कि एगो अकेले हीरो कौनो फ़िल्म इंडस्ट्री के कब तक अपना कंधा पर ढ़ो सकेला." ई भी एगो फैक्टर हो सकेला भोजपुरी फ़िल्म के दूसरा चरण के समाप्त या सुस्त भइला के.

बाकी 21वीं सदी भोजपुरी सिनेमा खातिर सौगात लेके आवे वाला रहे एकर अनुमान निर्माता-निर्देशक-वितरक मोहन जी प्रसाद लगा लेले रहलें. ऊ रवि किशन के लेके 2001 में सइयाँ हमार आ 2002 में सइयां से कर द मिलनवा हे राम बनवलें अउरी ई दुनों फ़िल्म संतोषजनक काम कइलस. ई फ़िल्म उनकर भोजपुरी में एगो दांव रहे जौन लाग गइल. फेर से भोजपुरी सिनेमा उद्योग के उदय भइल. 2004 में सुधाकर पांडेय ओह समय के लोकप्रिय भोजपुरी गायक मनोज तिवारी के लेके फ़िल्म 'ससुरा बड़ा पइसावाला' बनवलें.  14 साल के सबीहा शेख उर्फ़ रानी चटर्जी एह फिल्म के हीरोइन बनली. इ फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर भइल. फेर त भोजपुरी सिनेमा के भागे जाग गइल. दे दनादन फिल्म बने लागल. ससुरा बड़ा पइसावाला त बुझात रहे कि पर्दा से उतरबे ना करी. ओही समय एगो अउर फिल्म पर्दा प चढ़ल, 'पंडी जी बताईं ना बियाह कब होई'.  मोहन जी प्रसाद अबकी बार रवि किशन के लेके छक्का मार देले रहनी. दक्षिण भारतीय अभिनेत्री नगमा के एंट्री भइल. लहंगा रिमोट से उठल आ भोजपुरी सिनेमा हाई टेक हो गइल. भोजपुरी सिनेमा में डिजिटल क्रांति त ओही घरी शुरू हो गइल. फिलहाल एकरे के भोजपुरी सिनेमा के मॉडर्न या आधुनिक युग कहल जाई.  त फेर से हजारो कलाकार आ टेक्नीशिनन के चूल्हा में आग जरे लागल. पइसा के बारिश होखे लागल आ भोकाल त अइसन बनल कि भोजपुरी फिल्म मेड इन इण्डिया के बाद मेड इन लन्दन, मेड इन सिंगापुर आ मेड इन मॉरिशस होखे लागल आ एह में धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, अजय देवगन, जूही चावला, मिथुन चक्रवर्ती, जया बच्चन जइसन हिंदी के नामी अभिनेता अभिनेत्री एंट्री मारे लगलें. एकरे के कहल जाला लहर पर लहर उठल.

एह दौरान हिंदी के कई गो बड़ निर्माता-निर्देशक जइसे कि सुभाष घई, सायरा बानो आ राजश्री प्रोडक्शन जइसन ग्रुप भोजपुरी में फिल्‍म बनावे खातिर आगे आइल. रवि किशन आ मनोज तिवारी के अलावा भी भोजपुरी सिनेमा के आकाश में कई गो नया सितारा चमकलें. दिनेश लाल यादव निरहुआ, पवन सिंह, पंकज केसरी, विनय आनंद, कृष्णा अभिषेक, खेसारीलाल यादव, यश मिश्रा, चिंटू पाण्डेय, राकेश मिश्रा, अरविंद अकेला कल्लू, रितेश पांडेय आ हिरोइन लोग में रानी चटर्जी, नगमा, भाग्यश्री, दिव्या देसाई, पाखी हेगड़े, रिंकू घोष, मोनालिसा, श्वेता तिवारी, संगीता तिवारी, मधु शर्मा, काजल राघवानी,स्वीटी छाबड़ा, आम्रपाली दुबे, अक्षरा सिंह, स्मृति सिन्हा, अंजना सिंह, निधि झा जइसन कलाकारन के दस्तक से भोजपुरी सिनेमा तेजी से रफ्तार पकड़लस.

साल 2008 भोजपुरी मनोरंजन जगत खातिर काफी चर्चा में रहल. एगो लम्बा इंतजार के बाद हमार टीवी व महुआ समेत भोजपुरी के कई गो चैनल आइल. भोजपुरी फिल्म के ट्रेड मैगजीन भोजपुरी सिटी, भोजपुरी संसार, द संडे इंडियन समेत कईगो फिल्मी पत्रिका भी शुरू भइल. एही दरम्यान भोजपुरी के पहिला गायकी के रियलिटी शो भइल जौना से तीन गो गायक निकललें जे आगे चलके भोजपुरी सिनेमा के आवाज बनलें, उ तीनों नाम आलोक कुमार, प्रियंका सिंह अउरी मोहन राठौर ह. भोजपुरी सिनेमा से बड़का सितारा लोग राजनीति में गइल जे में मनोज तिवारी, रवि किशन, नगमा, कुणाल सिंह, निरहुआ, पवन सिंह बाड़ें.

आधुनिक भोजपुरी सिनेमा जवन 2004 के बाद आपन उठान देखलस, 2014 के बाद ढ़लान भी देख रहल बा. सिंगल स्क्रीन थिएटर के घटत संख्या अउरी दर्शकन के भोजपुरी फ़िल्म खातिर बढ़त उदासीनता भोजपुरी जगत खातिर एगो बड़ चिंता के विषय बा. पिछला कुछ साल में फ़िल्म बने के रफ्तार भी कम भइल बा. हालांकि भोजपुरी में बनल फ़िल्म के एगो रफ आँकड़ा लगावल जाव त 20वीं सदी के पिछला 40 साल में लगभग 250 गो फ़िल्म बनल बा त एह आधुनिक दौर के मात्र 19 साल में 1500 से ऊपर फिल्म बनल बा. क्वांटिटी के हिसाब से त ई एगो अच्छा संकेत बा बाकिर क्वालिटी अभियो एगो बड़ सवाल बा. यूट्यूब क्रांति अउरी डिजिटल युग के आ गइला से त अब बहुत सारा सिनेमा यूट्यूब टाइप बने लागल बा जवना के अकेले कौनो कोना-खोपचा में ही बइठ के देखल जा सकेला. बाकिर एह भीड़ में सीमित बजट के बावजूद कुछ सिनेमा त अइसन जरूर बनsता जवना के लेके हमनी के कौनो भाषा के सिनेमा के आँख में आँख डाल के देख सकेनी सन. एगो बात अउर बा, डिजिटल युग के चलते फ़िल्म निर्माता अउरी प्रदर्शक लोग के नया फ्रंट खुलल लउकता. खैर देखीं ना रानी-रजनीश के बहाने हम केने बहक गइनी. एह लोग के सफ़र प बतियावे के बजाय भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में घूसे लगनी.

रानी के कहानी

हाँ त बतइबे कइनी ह कि रानी चटर्जी आधुनिक फिल्मन के पहिला स्टार अभिनेत्री हई. रानी आधुनिक युग के शुरू करे वाला फिल्म ससुरा बड़ा पइसावाला के नायिका के भूमिका में रहली आ अपना पहिला फिल्म से ही स्थापित हो गइली. रानी के जन्म मुंबई में 3 नवम्बर1989 में भइल. उनकर असली नाम सबीहा शेख ह.

रानी 14 साल के रहली जब ऊ 2003 में ससुरा बड़ा पइसावाला के शूटिंग शुरू कइली. ई फिल्म भी उनके संजोग से मिलल. फिल्म के निर्देशक अजय सिन्हा एगो हीरोइन के तलाश में रहलें, तब टीवी एक्टर के के गोस्वामी एगो दसवीं के छात्रा से उनके मुलाकात करवलें. इहे छात्रा आगे चलके भोजपुरी के स्टार अभिनेत्री रानी चटर्जी बनली. रानी अब तक लगभग 200 से ज्यादा फिल्म कर चुकल बाड़ी. रानी एह फिल्म के बाद मनोज तिवारी के साथे लगातार हिट पर हिट देत गइली, दामाद जी, बंधन टूटे ना आदि. 2003 में शुरू भइल रानी के सफ़र अब तक चल रहल बा आ आगे भी चली. रानी जहाँ सब बड़ स्टार के साथे काम करके हिट फिल्म देहली, उहें नवोदित कलाकारन के साथे काम करके ओह सब के इंडस्ट्री में स्थापित भी कइली. रानी आपन दिलचस्पी राजनीति में भी देखा रहल बाड़ी. आगे हो सकेला कि ऊ बाकी सुपरस्टार के जइसन सक्रिय राजनीति में उतर जास. खतरों के खिलाड़ी सीजन 10 में त नजर अइबे कइली. अब वेबसीरिज में सक्रीय हो गइल बाड़ी.

उनकर उल्लेखनीय फिल्म बा –ससुरा बड़ा पइसावाला, बंधन टूटे ना, तोहार नइखे कवनो जोड़ तू बेजोड़ बाड़ू हो, देवरा बड़ा सतावेला, दिलजले, छैला बाबू, फूल बनल अंगार, गंगा यमुना सरस्वती, रानी चलल ससुराल, दुर्गा, मैं रानी हिम्मतवाली, छोटकी दुल्हिन आदि.

अब बात संगीतकार-निर्देशक रजनीश मिश्रा के

रजनीश मिश्रा भोजपुरी के सफल संगीत निर्देशक आ फिल्मकार हवें. उनके जन्म 3 नवंबर 1975 के बिहार के पश्चिमी चंपारण के केहुनियाँ गांव में भइल. उनका बाबूजी के संगीत में बहुत रुचि रहे त रजनीश के मन मे बचपने में ग़ज़ल, ठुमरी, दादरा आ भजन के स्पेस बने लागल. त रजनीश के पहिला गुरु उनके बाबूयेजी रहलें. ओकरा बाद ऊ नवोदय विद्यालय में पढ़े गइलें जहाँ उनके संगीत के प्रति अउर आकर्षण बढ़ल.

मुम्बई में स्नातक के पढ़ाई करत समय रजनीश शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण लेहलें.  फिल्म में संगीत देबे से पहिले ऊ खुद गायक बने के चाहत रहलें बाकिर एगो फ़िल्म 'निरहुआ रिक्शावाला' के संगीत निर्देशन करे के मौका मिलल. फ़िल्म एतना कामयाब भइल कि रजनीश फेर भोजपुरी फिल्मन में अपना मित्र राजेश झा के साथ राजेश-रजनीश के जोड़ी बना के लगभग 100 से ज्यादा फिल्मन में संगीत दिहलें. रजनीश अब अपना फिल्म में गनो गावेलें. संगीत निर्देशन में सफल भइला के बाद उ फिल्म के निर्देशन में भी लागल बाड़ें. उनकर पहिला निर्देशित फिल्म 'मेहँदी लगा के रखना' साल 2017 के सबसे कामयाब फिल्म रहल. ओकरा बाद ऊ अबतक 7 गो फिल्म के निर्देशन कर चुकल बाड़ें.

उनके लोकप्रिय गाना बा, तोह से मिलल जे अंखिया त बुझनी प्यार का ह, ओढ़नी के रंग पियर, मन के सावरिया, दिल भईल दीवाना तोहरा प्यार में, कवन देवता के गढ़ल सवारल आदि. उनके कुछ हिट फिल्मन में मेहंदी लगा के रखना, मैं सेहरा बांध के आऊंगा, डमरू, राजतिलक आदि बा.

( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा के इतिहासकार हैं.)
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