भोजपुरी जंक्‍शन: आस्तिकता आ नास्तिकता के बहस

कबो- कबो ईहो देखे में आवेला कि सब त ना लेकिन कुछ लोग, जवन गिनती के बा- अपना के सुपर मनुष्य पेश क के आ भगवान के खारिज कइके अइसन चेहरा बनावेला आ सीना तानेला कि लागेला कि जइसे एह जीवन के कुल तथ्य आ रहस्य के कुंजी उनुके लगे बा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:58 PM IST
  • Share this:
गो जमाना में तथाकथित बुद्धिजीवियन के समाज में अगर केहू भगवान पर श्रद्धा के बात कहि देत रहल ह, त ओकरा के अज्ञानी के संज्ञा दे दियात रहल ह. जे ई संज्ञा भा सर्टिफिकेट देत रहल ह, ओकरा के प्रगतिशील कहल जात रहल ह. आजु स्थिति बदलि गइल बा. अब लोग जानि गइल बा कि आस्तिक भा भगवान में बिसवास करे वाला आदमी भी ओतने तेज आ बुद्धिमान बा जतना नास्तिक भा भगवान के अस्तित्व के खारिज करे वाला. बाकिर कबो- कबो ईहो देखे में आवेला कि सब त ना लेकिन कुछ लोग, जवन गिनती के बा- अपना के सुपर मनुष्य पेश क के आ भगवान के खारिज कइके अइसन चेहरा बनावेला आ सीना तानेला कि लागेला कि जइसे एह जीवन के कुल तथ्य आ रहस्य के कुंजी उनुके लगे बा.

बाकिर नास्तिक व्यक्ति भी ओतने सम्मान के पात्र बा जतना आस्तिक व्यक्ति. जइसे पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु बिल्कुल नास्तिक रहले बाकिर लगातार सुने में आवे कि उनुकर पत्नी कमला बसु घर में एगो छोट मंदिर बना के दूनो बेरा पूजा पाठ करत रहली ह. त एही तरे एगो गांव में एगो कउड़ा पर आस्तिक आ नास्तिक लोगन में वाद- विवाद होत रहे. नास्तिक अचानके कहले – “हमरा के एगो सीनियर आदमी सिखवले बाड़े कि भगवान के मानल बुद्धिमानी ना ह. अगर भगवान रहिते त दुनिया में एतना अत्याचार होइत आ एतना दुख- व्याधि आ अभाव रहित. तब से उनका तर्क के हम आपन जीवन मंत्र बना लिहनी.“ त आस्तिक कहले कि त रउवो केहू पर आस्था बा.

रउवां के जे भगवान विरोधी मंत्र सिखावल, ओकरा पर राउर आस्था बा. केहू पर बा नू. त जब आस्था बा त रउवो एक अर्थ में आस्तिक भइनी. एपर नास्तिक आदमी खिसिया गइल. कहलसि कि हम त एगो आदरणीय व्यक्ति के शिक्षा के प्रति आस्था रखले बानी, बाकिर रउरा त भगवान पर आस्था राखतानी, जेकरा के देखले ना जा सकेला. आस्तिक आदमी कहलसि कि देखल काहें ना जा सकेला. रउरा कवनो गुरु के चेला बनि के साधना करीं. जइसे दूध में मक्खन लुकाइल बा, ओही तरी एह संसार के शोर के पीछे, भौतिक चेतना का पीछा भगवान लुकाइल बाड़े. जब तक ले दूध के मथल ना जाई, दही जमा के भी मथि दिहल जाला, तब तक ले मक्खन भा घीव ना निकली.



मक्खन दूध से आ घीव दूध के मलाई से भा दही के पातर क के मथि के निकालल जाला. ओही तरी गहिर साधना आ जप- तप कइला से भगवान लउकि जइहें. जानत नइखीं कि स्वामी विवेकानंद अपना गुरु से पुछले रहले कि रउरा भगवान के देखले बानी. त गुरु कहले कि हं, देखले बानी. त गुरु रामकृष्ण परमहंस झूठ बोलले बाड़े का? एही तरी मीरा बाई, सूरदास, तुलसीदास,संत कबीर आ संसार भर के असंख्य संत- महात्मा आ आध्यात्मिक ग्रंथ ईश्वर के अस्तितत्व के बारे में बिस्तार से बता चुकल बा. ई कुल बात गलत आ रउरे बात सही? आ रउवां अउरी ग्रंथ छोड़ीं खाली भगवद्गीता पढ़ि लीं. भगवान के अस्तित्व बतावे वाला ओकरा से बड़ आ प्रामाणिक कौनो ग्रंथे नइखे.
त नास्तिक कहले – “ए भाई, भगवान बाड़े त एह संसार में एतना कुल दुख- परेसानी, व्याभिचार, रोग- दुख काहें बा. काहें नइखन ऊ एके बेर सबकर दुख के दूर क देत. ऊ त सर्वशक्तिमान कहाले.“ त आस्तिक कहले- “अच्छा, त पाप तूं कर, आ तोहार मये दुख भगवान हर लेसु. जब पाप कइले बाड़ त फल दोसर केहू भोगी का?” त नास्तिक कहले- “कतने लोग सीधा- सादा बा. एकदम सरल व्यक्तित्व वाला. आ ओकरा के देखतानी कि मये लोग अत्याचार करता. लोग पाप कइला के बावजूद साक्ष्य के अभाव में बेदाग होके छूटि जातारे. ए एकरा के का कहब. ऊ बेचारा त कौनो पापे नइखे कइले. त ओकरा के एतना दुख काहें मिलता.” त आस्तिक कहले- “त हमनी के भौतिक शरीर के भीतर एगो सूक्ष्म शरीर बा.

ओमें का जाने केतना जनम के बुरा कर्म कइला के बीज लुकाइल रहेला. त जतना पाप बटुराइल बा, ऊ कबो निकल- निकल के ओह आदमी पर वार करी. एही जनम के हिसाब से दुख आ परेशानी ना आवे, कई- कई जनम के बुरा सोच, बुरा कर्म आ बुरा संस्कार लुकाइल बा. ओही के काटे खातिर, ओही के नष्ट करे खातिर साधु- संत साधना बतवले बा लोग.” त  नास्तिक कहले- “त ईहो भगवान के अन्याये नू कहाई कि अइसन इंतजाम कइले बाड़े कि पिछला जनम के पाप एह जनम में भोगे के परी. उनुका एह जनम के हिसाब एही जनम में खतम क देबे के चाहीं.” त आस्तिक कहले- “त भगवान जी तोहरा कहला से ई ब्रह्मांड चलइहें का?

जब ऊ भगवद्गीता में कहि देले बाड़े कि सबकर जनम देबे वाला भरण- पोषण करे वाला, सबकर हित चाहे वाला, शरणस्थल भगवाने हउवन. त फेर उनुका न्याय पर सवाल उठावे वाला हमनी का के हईं जा. जरूर ई कुल ऊ मनुष्य के हित के देखि के व्यवस्था कइले होइहें. ” त नास्तिक कहले- “त कौनो तर्क होई नू भगवान का लगे?” त जबाब में आस्तिक कहले- “भगवान के बुद्धि तोहरा ले ढेर बा. हमनी का जतना दूर लउके ला ओतने देखेनी जा. आ भगवान त्रिकालदर्शी कहाले. भूत, वर्तमान आ भविष्य के देखे वाला. त जेकरा लगे अनंत दृष्टि क्षमता बा ओकर आकलन हमनी का सीमित बुद्धि वाला क सकेनी जा का? भगवान के नांव ह अनंत भगवान.

भोजपुरी में पढ़ें: जब नाति खातिर एगो बूढ़ि गांधी से मंगलसि आसीरवाद

जेकर आदि आ अंत नइखे ओकरा के सीमित बुद्धि वाला आदमी कइसे समझि सकेला?” त नास्तिक कहले- “अरे भाई जब भगवान माई- बाप बाड़े त उनुका अपना लइकन के बतावे के चाहीं नू कि हमार हई व्यवस्था बा. एकरे मोताबिक रह लोग.” जबाब में आस्तिक कहले- “भगवान त भगवद्गीता के भक्तियोग अध्याय में साफ-साफ कहले बाड़े कि के उनुका खातिर प्रिय बा. एकरा अलावा सब धार्मिक ग्रंथ बतवले बाड़े सन कि का करे के चाहीं आ का ना करे के चाहीं. दोसरा के बेटी- बहिन के आपन बेटी- बहिन माने के चाहीं. झूठ- फरेब ना करे के चाहीं. चोरी- चकारी ना करे के चाहीं, व्याभिचार ना करे के चाहीं. मन में गंदा सोच ना आवे, एकर ख्याल राखे के चाहीं. चुगली आ घटियाई ना करे के चाहीं.

त ई कुल बाति केहू सुनता? केहू मानता? मनमाना आचरण कइके आ भगवान के दोष दे दिहला से तोहार उद्धार हो जाई? पाप करब आ भगवान पर दोष मढ़ि देब. कहब कि हम त कुछु कइलहीं नइखीं. हमरा नियर प्योर आदमी केहू हइए नइखे. आ जब कुल पाप जुटि ते फल भोगवावे लगिहेंसन त चिल्लइब कि भगवान हमरा संगे अइसन अत्याचार काहें.”

नास्तिक भाई एतना सुनते हाथ जोड़ि के कहले- “ए भाई अब तोहरा संगे तर्क ना क सकेनी.” त आस्तिक भाई कहले- “अउरी सुनले जा. तोहार भोजन के पचावे ला. तोहार सांस के संख्या तय बा. ओकरा बाद मृत्यु हो जाई. सांस के खास संख्या के तय कइले बा. तू जनम का पहिले कहां रहल. मुअला का बाद कहवां जइब. एगो आदमी के जनम एगो खास मुहूर्त में, एगो खास परिवार में, एगो खास माता के गर्भ में कइसे होला. जुड़वा भाई आ बहिन के एके संगे जनम होला बाकिर भाग्य अलग- अलग कइसे हो जाला. ई कुल अकेला में बइठि के सोच, तब जाके तोहरा लागि जाई कि भगवान साक्षात बाड़े.”
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज