भोजपुरी में पढ़ें: आउ रे निनिया निनर बन से

भोजपुरी समाज के आधार भरोसा है, जवन इहां लोरी के संगही शुरू हो जाला.
भोजपुरी समाज के आधार भरोसा है, जवन इहां लोरी के संगही शुरू हो जाला.

भोजपुरी बोले वाला लोगन में एगो सहजता होला. इ सहजता आवेला भरोसा से. भरोसा अपना प, अउरी भरोसा दूसरो प. भरोसा जगत प , अउरी जगत से आगे भी. बचपन से पड़ल ये संस्कार के अगर वैज्ञानिक तरीका से समझल जाय त इस “प्लेसिबो इफेक्ट” जइसन बा. एकरे के आगे बढ़ावे खातिर हमेशा पॉजिटिव रहे के कहल जाला.

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  • Last Updated: October 7, 2020, 1:30 PM IST
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जुओ भोजपुरी इलाका में छोटे- छोटे लइकन के सुतावे खातिर दादी भा महतारी भा कौनो बड़- बुजुरुग, लइकन  के प्रेम से थपथपा के गावत मिल जाई- “आउ रे निनिया निनर बन से..”.  गहिर नीन में भेजे खातिर एह एक लाइन में ब्रह्मांड के कुल शांति समाइल बा.  जब ऊहे लइका तनी बड़ होला त सोचेला कि निनर बन के मधुर गीत सुनत- सुनत सुनत बड़  भइनी, त आखिर ई  निनर बन बा कहां? त पता चलेला कि अइसन कौनो बन के अस्तित्वे नइखे.  बाकिर अचरज देखीं कि ओही निनर बन से नीन लगातार आ रहल बिया आ गहिर नीन में ले जा रहल बिया.  त एकर माने नीन के असली घर ओही काल्पनिक निनर बन में बा.  त जरूरे खूब सुंदर घर होई.  आ का जाने नीन अकेल ही बाड़ी कि उनुका परिवार में केहू अउरी बा.

एतना कुल बाति लिखला के एगो माने बा.  चिकित्सा भा  इलाज के दुनिया में एगो बहुत पुरान शब्द चर्चा में रहेला- “प्लेसिबो इफेक्ट”.  माने कौनो रोगी के सिर में कुछु दिन के अंतर- अंतर पर दर्द उठता.  ऊ कुलि टेस्ट करवा लेले बा.  बाकिर ओकरा कुल टेस्ट के रिजल्ट ठीक आइल बा.  माने ओकरा शरीर में कौनो रोग नइखे.  केहू ओकरा के राय दिहल कि फलाना बहुते बड़का डाक्टर बाड़े.  ऊ का जाने कतने लोगन के सिरदर्द ठीक कइले बाड़न.   तू उनुका के देखाव.  रोगी ओह बड़का डाक्टर किहां गइल.  डाक्टर ई कहि के दवाई दिहले कि सिरदर्द खातिर ई बहुते पावरफुल दवाई ह.  एकरा से हजारन लोग के सिर दर्द छू- मंतर हो गइल बा.  राउरो सिरदर्द ठीक हो जाई.  दवाई खइला के कुछु दिन बाद सचहूं रोगी के सिरदर्द ठीक हो गइल.

बाद में, डाक्टर अपना जूनियर के कहले कि जवन दवाई एह रोगी के दियात रहल ह, ऊ साधारण मीठी गोली रहल ह.  ओमे कौनो दवाई ना रहल ह.  बाकिर रोगी के ई बाति बतावल ना रहल ह.  ऊ डाक्टर के बिसवास पर दवाई खा के ठीक हो गइल बा.  एही के कहल जाला- प्लेसिबो इफेक्ट.



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एगो जेन बौद्ध धर्मगुरु के कहानी सुनले होखबि.  एगो जेन धर्मगुरु अपना शिष्यन का संगे नदी पार करे जात रहले.  तले किनारा पर देखले कि एगो अपूर्व सुंदर स्त्री नदी के किनारा पर खड़ा बिया.  ओकरा गोड़ में चोट लागल बा.  एही से ऊ नाव पर चढ़ि नइखे पावत.  जेन गुरु ओकर हाथ पकड़ि के नाव पर चढ़ा दिहले आ उनुका संगे ऊहो नदी पार क लिहलसि.  ऊ अपना घरे गइल आ जेन साधु अपना शिष्य लोगन  का संगे अपना रास्ता पर गइले.  घंटा भर बाद जेन साधु देख तारे कि उनुका चेला लोगन में खुसुर- फुसुर होता.  त ऊ पुछले कि का खुसुर- फुसुर करतार लोग.  चेला लोग कहले कि रउवां एगो सुंदर युवती के हाथ पकड़नी हं, रउवां अपवित्र ना हो गइल होखबि?

जेन साधु हंसे लगले.  कहले कि अरे चेला लोग, हम त ओह युवती के नांव पर चढ़ा के ओकरा के भुला गइलीं आ तहन लोग अभियो ओकरा पकड़ले बाड़ लोग.  मन के शुद्ध राख लोग.  एतना देर में ऊ युवती अपना घरे जाके आपन काम करत होई.  हमनी के बातियो भुला गइल होई.  बाकिर तहनी लोग ओकरा अबहियों धइले बाड़ लोग.  अब ओकरा के छोड़ि द लोग.  मन पवित्र बा त केहू के कुछु ना छू सकेला.  बाकिर मन जगह- जगह अंटके वाला बा त कतहुंओ अझुरा जाई.  त प्लेसिबो एफेक्ट मन के मानि लिहला से असर करेला कि ई दवाई बहुत पावरफुल बिया.  अब देखीं हमनियों के उपनिषद कहतारे सन –
मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः। बन्धाय विषयासक्तं मुक्त्यै निर्विषयं स्मृतम् ॥ एकमात्र मन मनुष्य के बन्धन आ मोक्ष के प्रमुख कारण बा.  कामना- वासना में आसक्त मन बन्धन में बान्हाइल बा आ कामना- वासना आ संकल्प के बिना मन मोक्ष (मुक्ति) के साधन बा.

त रउवां सभ सोचत होखब कि एतना कुल बतकही का माने का बा? रउवां कहे के का चाहतानी.  त सिर झुका के हमार कहनाम ई बा कि मन के ही जब कुल खेल बा त काहें ना हमनी का एकरा के पाजिटिव मोड में राखीं जा.  पाजिटिव मोड माने? एकर माने ई कि जब भगवान कृष्ण गीता में कहिए देले बाड़े कि ई संसार दुख के समुद्र ह, त एकरा के स्वीकार करे में का दिक्कत बा.  एह संसार में हमनी का सुख खोजतानी जा त कहां से मिली? सवाले नइखे.  मिलबो करी त कुछ दिन बाद भा कुछ घरी बाद उधिया जाई.  त जब जब तक ले जीए के बा तब तक ले जिंदगी के सीये के बा त काहें ना आपन कर्तव्य कके सब भगवाने पर छोड़ि दिहल जाउ.  हं, बिना परिश्रम कइले, बिना प्रयत्न कइले जदि हमनी का भगवान भरोसे बइठल बानी जा तब त भगवानो ना कुछ करिहें.

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काहें से भगवान ओकरे मदद करेले जे आपन मदद करे खातिर माने आपन कर्तव्य निर्वाह करे के खातिर जिउ- जान से लागल बा.  त एतना बड़े- बड़े लोग जब कहता कि “बी पाजिटिव”त ओह लोगन के ईहे मतलब बा कि झूठे के टेंसन लेके जियला के कौनो मतलब नइखे.  आपन प्रयास आ मेहनत में कमी मत राखीं, ओकरा बाद भगवान पर छोड़ीं आ उनुका से कहीं कि- हम त आपन अधिकतम प्रयास कइले बानी अब आगा रउवां देखे के बा.  ओकरा बाद कुलि टेंसन भगवान का ओर फेंकि दीं.  अब ऊ संभारसु.  रउवां निश्चिंत होके रहीं आ आगा के प्लानिंग करीं.  एकही जगह अझुरइला के काम नइखे.

त निनर बन अबहियों कहीं गइल नइखे.  ओकर अस्तित्व अबहियों बा.  बस ईहे जाने के बा कि ऊ निनर बन भगवान के ह.  ओहिजा से नीन के अलावा टेंसन के दूर करे वाला आसिरबाद भी आवेला.  निनर बन में भगवान के कइ गो गण रहेला लोग.  त आसिरबाद माता भी ओहिजे रहेली.  बस खाली रउवां भगवान से सच्चा मन से प्रार्थना करीं.  अब रउवां भगवानो के कल्पना कहि देब त रउवां बतावे के परी कि जब भगवान कल्पना हउवन त ई संसार के बनवले बा? ए संसार के के चलावता? आ अउरी कुल छोड़ीं- राउर भोजन के पचावता? रउवां जनम के पहिले कहां रहलीं? आ मनुष्य मृत्यु के बाद कहां जाला? त कुलि के उत्तर भा जबाब ईहे बा कि भगवान किहां रहलीं आ भगवाने कुलि करतारे.
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