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भोजपुरी विशेष: बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण नया फेज में

भोजपुरी विशेष: बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण नया फेज में

बंगाल के कइगो मुस्लिम संगठन के कहनाम बा कि ओवैसी त हैदराबाद से आपन राजनीति चलइहें, आ एहिजा पहिलहीं से दीदी (ममता बनर्जी) हमनी का लगे बाड़ी.

श्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल बहुते तेज बा. साफे लउकता कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बंगाल में प्रमुख विपक्षी पार्टी हो गइल बिया. तृणमूल कांग्रेस के अलावा ओकरा के फिलहाल केहू चुनौती ना दे पाई. बाकिर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एने एगो नया राजनीतिक दांव चलले बिया. बंगाल इमाम एसोसिएशन के हेड मोहम्मद याह्या प्रदेश के मुसलमानन से ताजा अपील कइले बाड़े कि असद्दुदीन ओवैसी के पार्टी ‘आल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन ’ (एआईएमआईएम) के वोट एकदमे नइखे देबे के. उनुकरा पार्टी के वोट दिहल माने भाजपा के वोट दिहल. ओने प्रदेश के कइगो मुसलिम संगठन एही बात के दोहरावतारे सन. तले एगो अउरी धमाका हो गइल बा. ओवैसी के पार्टी एआईएमआईएम के बंगाल के कार्यकारी अध्यक्ष शेख अब्दुल कलाम अचानके तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गइल बाड़े. कहाउति ह कि कपार छिलवावते बरफ परे लागल. ईहे ओवैसी का संगे हो गइल बा. ऊ एहिजा के मुस्लिम संगठन के प्रमुख स्थल फुरफुरा शरीफ के मुखिया संगे बैठक कके जोगाड़ भिड़वले रहले ह. काहें से कि फुरफुरा शरीफ मुसलमान लोगन के श्रद्धा स्थल ह. बंगाल के कइगो मुस्लिम संगठन के कहनाम बा कि ओवैसी त हैदराबाद से आपन राजनीति चलइहें, आ एहिजा पहिलहीं से दीदी (ममता बनर्जी) हमनी का लगे बाड़ी.

भाजपा भी बड़ा तगड़ा ढंग से राजनीतिक गोटी बिछवले बिया.  जौन भाजपा बंगाल में पिछला विधानसभा चुनाव में खाली 3 गो सीट पवले रहे ऊ कइसे आजु प्रमुख विरोधी दल बनि गइल बा? एकर झलक एगो हाले में प्रकाशित अंग्रेजी किताब “मिसन बेंगाल, अ सेफ्रान एक्सपेरिमेंट” में मिलता. एकर लेखक हउवन स्निग्धेंदु भट्टाचार्य. ई किताब हार्पर कालिंस प्रकाशन से आइल बिया. एकर निचोड़ ईहे बा कि भाजपा अगर बंगाल में आज मजबूत होत जातिया त एकर कारन बा अतीत के मेहनत. ममता बनर्जी के एगो धर्म विशेष के लगातार समर्थन दिहला से उनुकरा खिलाफ जमीन तैयार होखे लागल. दू गो धार्मिक संप्रदाय के कौनो आयोजन के डेट एके दिने परि गइल त मुख्यमंत्री एगो खास धर्म के लोगन के महत्व देसु. त ममता बनर्जी के छवि एगो विशेष धर्म के पोषक के रूप में हो गइल. किताब कहतिया कि एसे बहुसंख्यक समुदाय में असंतोष फइले लागल. एकर फायदा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) उठवलस. ऊ अपना 30 गो विभिन्न संगठन के आपन जमीन तैयार करे खातिर बंगाल में उतार दिहलसि. धीरे- धीरे जमीन पक्का होखे लागल. अब ओही के नतीजा ह कि बंगाल के अधिकतर गांव में भाजपा के लोग मिल जइहें. पिछला साल भाजपा के कार्यकर्ता लोगन के हत्या भइल त लागल कि पार्टी के अउरी तैयारी करेके परी. बाकिर ना, भाजपा के प्रभाव बढ़े लागल. एकर कारन शुभेंदु अधिकारी बाड़न. ऊ तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में एहीसे आइले बाड़े कि तृणमूल के सफाया करेके बा. उनुकर कहनाम बा कि तृणमूल कांग्रेस एगो कंपनी के रूप ले चुकल बिया, पार्टी  नइखे रहि गइल. एइजा के राजनीतिक प्रेक्षक लोग कहता कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व रणनीतिक रूप से बहुते मजबूत बा. कौनो दांव खाली नइखे जाए देत.

पहिले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस आ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के बीच भिड़ंत के खबर छिटफुट मिलत रहल ह. अब अक्सर मिलता. हाले में पूर्व मेदिनीपुर आ पश्चिम मेदिनीपुर जिला में दूनों पार्टी के कार्यकर्ता में झ़ड़प के खबर आइल रहल ह. पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के पुरान इतिहास बा. त मेदिनीपुर के अंग्रेजी अखबार वाला मिदनापुर लिखेले सन. त एहिजा क्लीयर कइल जरूरी बा कि मेदिनीपुर आ मिदनापुर एकही ह. शुभेंदु अधिकारी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल भइला का बाद भाजपा अउरी ताकतवर भइल बिया. ऊ पिछला महीना मेदिनीपुर में ही आके भाजपा में शामिल भइले. कइगो विधानसभा क्षेत्रन पर शुभेंदु के पकड़ मजबूत बा.

भाजपा के प्रभाव लगातार बढ़ता, नया रूप आ मजबूती लेके. हिंदीभाषी इलाका में भाजपा पहिलहीं से कब्जा क लेले बिया. त 2011 के देशव्यापी आंकड़ा कहता कि समूचा देश में हिंदी भाषियन के संख्या 43.63 प्रतिशत बा. खुद ममता बनर्जी कहले बाड़ी कि बंगाल के कई जिलनं में हिंदी भाषियन के संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा बा. हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, बैरकपुर, नैहाटी, चंदननगर, भाटपाड़ा, आसनसोल, रानीगंज, बर्दवान, बैंडेल, खड़गपुर वगैरह में अइसहीं हिंदीभाषी लोगन के संख्या ढेर बा. एह लोगन में भोजपुरिया लोगन के संख्या प्रचुर बा. अब एने वृहत्तर कोलकाता में आईं त 52 प्रतिशत लोग गैर बांग्लाभाषी बा. त एह गैर बांग्लाभाषी में से 30 प्रतिशत त हिंदीभाषिए लोग बाड़े.

त एही से हिंदीभाषी वोट के ताकत के अनुमान लगावल जा सकेला. भाजपा के काट में हिंदीभाषी समाज के अपना ओर खींचे खातिर ममता बनर्जी सरकार पश्चिम बंग हिंदी अकादमी के थोड़हीं दिन पहिले पुनर्गठन क देले बिया. तृणमूल कांग्रेस में हिंदी सेल बना दिहल गइल बा. आ हालहीं में तृणमूल कांग्रेस हिंदीभाषियन के लुभावे खातिर कुछ जगह लिट्टी- चोखा कार्यक्रम कइले रहल ह. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार जुलाई 2012 में हिंदी के दूसरी राजभाषा के तौर पर मान्यता दे देले रहे. ओह घरी कैबिनेट हिंदी के साथे उड़िया, संथाली आ गुरुमुखी के भी दूसरी राजभाषा के तौर पर मान्यता दे देले रहे. ममता सरकार उर्दू के दूसरी राजभाषा के रूप में पहलहीं मान्यता दे चुकल रहे.

त का खाली हिंदी भाषिए भाजपा के समर्थक बा लोग. बंगाली लोग नइखन? बंगाली समुदाय के अनेक लोग भाजपा के पक्ष में बा. ई बंगाली समुदाय एंटी इस्टेब्लिशमेंट मानसिकता वाला ह. यानी सत्ता विरोधी मानसिकता के. एह समुदाय के लागता कि भाजपा ओकरा विचारधारा के करीब बिया. एही से बंगाली समाज के अनेक लोग भाजपा के संगे लउकता.

त वाममोर्चा आ कांग्रेस के का हाल बा? आखिर ममता बनर्जी के सत्ता में आवे के पहिले वाममोर्चा ही 34 साल तक सत्ता में रहे. वाममोर्चा आ कांग्रेस के दोस्ती पुरान ह. एहू बारी दूनों पार्टी समझौता कइले बाड़ी सन. त समझौता से का होई? पिछला लोकसभा में भी गठजोड़े रहे. त 42 गो लोकसभा सीट में से वाममोर्चा के एकहू ना मिलल. वाममोर्चा लोकसभा में शून्य हो गइल. ओकर वोट प्रतिशत भी घटि के 6.34 प्रतिशत हो गइल. कांग्रेस के खाली दू गो लोकसभा सीट मिलल रहे. अब विधानसभा चुनाव का ओर देखल जाउ. पिछला विधानसभा चुनाव में एह समझौता से वाममोर्चा के 32 गो आ कांग्रेस के 44 गो सीट मिलल रहे. माने गठजोड़ के फायदा कांग्रेसे के ढेर मिलल. बाकिर एह विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के स्थिति पिछला बार से कमजोर लागता.

वाममोर्चा आ काग्रेस में वाममोर्चा बड़ भाई ह. माकपा के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती एह समझौता में प्रमुख भूमिका में रहले ह. कुछ दिन पहिलहीं उनकर कहनाम रहे- “हमनी के बीच (वाममोर्चा आ कांग्रेस के बीच) आपसी समझ हरदम रहल बा. एह साल के बंगाल चुनाव में भी हमनी के साथहीं बानी जा. बाकिर केरल माडल एकरा से प्रभावित ना होई. ओहिजा कांग्रेस हमनी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बिया. राजनीतिक समझौता राज्य विशेष के राजनीतिक परिस्थिति पर निर्भर करेला. दू गो दक्षिणपंथी पार्टी भारतीय जनता पार्टी आ तृणमूल कांग्रेस एकही सिक्का के दूगो पहलू हउवी सन. हमनी का दूनो से समान दूरी बनवले बानी जा.”

त आम जनता वाममोर्चा के एही कनफ्यूजन वाला वक्तव्य से चकरा जाले. केरल में कांग्रेस तहन लोग के प्रतिद्वंद्वी पार्टी बिया आ बंगाल में दोस्त हो गइल. त तहन लोग के सिद्धांत ह का? कांग्रेस के विचारधारा त एकही बा. केरल होखे भा बंगाल. त तहन लोग एह बयान से का साबित करेके चाहतार लोग? एही कुल से वाममोर्चा के हालत पातर बा. (यह लेखक के निजी विचार हैं.)

Tags: AIMIM, Bhojpuri article, Bhojpuri special, BJP, Mamta Banerjee, TMC, West bengal

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