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Bhojpuri: एने भोजपुरी के भक्ति काव्य आ ओने मिल्टन

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भोजपुरी में एगो बड़ा गहिर कहाउति बिया- “राम नाम जपत रहीं, कतहूं परल रहीं।” माने हमनीं के केंद्रीय सोच में ईश्वर रहसु, चाहे कौनो परिस्थिति में रहीं जा। भोजपुरिहा लोगन के चेतना में ई फिलासफी/ दर्शन बड़ा ताकतवर बा। रोचक बात ई बा कि अंग्रेजी के कवि मिल्टन भी इंग्लैंड में रहते हुए एही तरे के रचना कइले बाड़े।

  • News18Hindi
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भोजपुरी चिंतन आ दर्शन, वैश्विक चिंतन हो गइल। समझदार लोगन में भोजपुरिहा चिंतक के एही से बड़ा आदर से देखल जाला। अच्छा, जब भोजपुरी क्षेत्र आ इंग्लैंड के संगम होइए गइल त आईं देखल जाउ कि मिल्टन का लिखले बाड़े? आ काहें आजु भोजपुरी से जोड़ि के उनुका के याद कइल जाता। उदाहरण खातिर, संत कबीरदास के साखी, सबद आ रमैनी में कई गो अइसन तत्व बाड़े सन जौन मिल्टन के रचना तत्व से मेल खातारे सन। लगभग एक शताब्दी आगे- पीछे सूरदास- “सूरसागर”, तुलसीदास- “रामचरितमानस”, रसखान- “प्रेम वाटिका” के रचना कइले बाड़े। त आईं ओह घरी के एगो विदेशी के रचना संसार में भक्ति काल के प्रभाव के बारे में जानल जाउ।

जॉन मिल्टन (9 दिसंबर 1608 – 8 नवंबर 1674) कई गो भाषा के जानकार रहले। लंदन में जनमल एह कवि के अध्यात्मिक रुझान कतना गहिर रहे ओकरे जानकारी बहुत रोचक बा। बाकिर अचानक भोजपुरी में जॉन मिल्टन के चर्चा काहें? एसे कि ढेर लोग मानेला कि मिल्टन हमनी का वेद पुराण से बहुत प्रभावित रहले। कहाला कि मिल्टन के दर्शन, भोजपुरिहा दर्शन नियर बा। पश्चिमी विद्वान कहेला लोग कि “पैराडाइज लास्ट” (भुलाइल स्वर्ग) भले बाइबिल से प्रभावित बिया, बाकिर ओकरा में हिंदू दर्शन के तत्व भी बा। पश्चिम के ही कई गो विद्वान कहले बा लोग कि मिल्टन के साहित्य के हर भारतीय के पढ़े के चाहीं काहें से कि उनुका रचना में भारतीय अध्यात्म के निचोड़ बा। ओमें माया (शैतान) आ ईश्वर (गॉड) के वर्णन बा। त आईं पहिले उनकरा “पैराडाइज लास्ट” के कुछ पंक्ति पढ़ीं, आ तब अनुमान करीं-

Freely we serve,
Because we freely love, as in our will
To love or not; in this we stand or fall.
And some are fallen, to disobedience fallen,
And so from heaven to deepest hell. O fall
From what high state of bliss into what woe!

भोजपुरी अनुवाद-

(“मुक्त रूप से हमनीं का सेवा करेनींजा,
काहेंसे कि मुक्त रूप से हमनीं का प्रेम करेनीजा,
प्रेम करेके इच्छा में ही हमनी के उत्थान भा हमनी के पतन बा।
आ कुछ पतित भइल बा लोग, अवज्ञा कइला के कारन पतित भइल बा लोग,
आ स्वर्ग से सीधे सबसे घोर नरक में गिरल बा।
ई गिरल कइसन बा,
परमानंद के उच्च अवस्था से सीधे दुख के गहिर गर्त्त में।”)

एइजा ध्यान दीं, मिल्टन सेवा, प्रेम, स्वर्ग, नरक, परमानंद जइसन शब्द के प्रयोग कइले बाड़े। ई कविता सीधे- सीधे अध्यात्मिक सत्य का ओर इंगित करतिया। प्रेम आ सेवा अध्यात्म के मूल तत्व ह। विश्व के कई गो चिंतक एह मत के रहे लोग कि मिल्टन के कविता, भारतीय अध्यात्म के प्रतिबिंबित करतारी सन।

एने कबीरदास मिल्टन से दू शताब्दी पहिलहीं (14वीं शताब्दी) लिखि देले रहले –
काहे री नलिनी तूं कुम्हलानी/ तेरे ही नालि सरोवर पानी।।
जल में उतपत्ति जल में बास, जल में नलिनी तोर निवास।
ना तलि तपतिन उपरि आगि, तोर हेत कहुकासनि लागि।।
कहै कबीर जे उदकि समान, ते नंहि मुए हमारे जान।
एमें कमलिनी जीवात्मा बिया आ जल परमात्मा।

मिल्टन बहुभाषाविद रहले। उनुका लैटिन, फ्रेंच, स्पेनिश, हिब्रू, इटैलियन वगैरह भाषा के ज्ञान रहे। अंग्रेज़ी साहित्य जॉन मिल्टन के विश्व प्रसिद्ध रचना “पैराडाइज़ लॉस्ट” के बिना अधूरा बा। “पैराडाइज़ लॉस्ट” से उनकर पहिचान समूचा संसार में आज तक होला। कई गो जानकार मानेला लोग कि विलियम शेक्सपीयर आ जॉन मिल्टन अंग्रेजी साहित्य के दू गो मजबूत स्तंभ ह लोग। मिल्टन अपना अद्भुत कृति “पैराडाइज लास्ट” के लिखे के छव साल पहलहीं आंख से आन्हर हो गइल रहले।

मिल्टन के ग्लूकोमा बेमारी रहे आ ओह घरी ग्लूकोमा के कौनो समुचित इलाज ना रहे। नतीजा ई भइल कि ऊ आन्हर हो गइले। फरवरी 1652 से उनुका लउकल बंद हो गइल। कई लोग पूछेला कि मिल्टन जब आन्हर हो गइले त “पैराडाइज़ लास्ट” लिखले कइसे? कुछ लोग बतावल कि मिल्टन बोलत गइले आ उनुकर बेटी लिखत गइली सन। उनुका तीन गो बेटी रहली सन। बाकिर समकालीन लोग कहले बा कि मिल्टन एगो कर्मचारी रखले रहले, जौन उनकर डिक्टेशन लिखे। जौन मिल्टन बोलसु तौन लिखि देउ। अच्छा एइजा ईहो बतावल जरूरी बा कि मिल्टन “पैराडाइज रिगेंड” (स्वर्ग के पुनर्प्राप्ति) भी लिखले बाड़े जौना में ऊ चरम लक्ष्य ईश प्राप्ति का बाद परमानंद के वर्णन कइले बाड़े। मिल्टन बहुत दिन तक इंग्लैंड में सिविक सर्वेंट माने प्रशासनिक कर्मचारी रहले। पिता जॉन मिल्टन सीनियर व्यापारी रहले आ महतारी सारा जेफ्री कुशल गृहणी।

मिल्टन दू भाई आ एक बहिन रहे लोग। मिल्टन के छोट भाई क्रिस्टोफर प्रतिष्ठित वकील रहले आ सत्तारूढ़ राज परिवार के समर्थक रहले माने रायलिस्ट रहले। मिल्टन राज परिवार के खिलाफ रहसु। तबो भाई क्रिस्टोफर उनका के मानसु आ जीवन भर उनुका संपर्क में रहले। मिल्टन के झुकाव कला आ संगीत के रहे। बहिन के नांव रहे- एनी। त एनी शादी बियाह भइला का बाद अपना घरे गइली। मिल्टन जब कैंब्रिज के क्राइस्ट कालेज में पढ़त रहले त एगो टीचर विलियम चैपल संगे उनकर विवाद हो गइल।

नतीजा ई भइल कि उनुका के कालेज से निकाल दिहल गइल। बाकिर कुछ दिन बाद दोसर एगो टीचर नथेनियल टोवे उनुका के फेर क्राइस्ट कालेज में वापस ले अइले। कौनो भी गलत काम के विरोध कइल मिल्टन के आदत रहे। मिल्टन के बचपन के एगो दोस्त रहे- चार्ल्स डियोडाटी। मिल्टन घूमंतू माने यायावर प्रकृति के रहले। त जब ऊ इटली में रहले त अपना मित्र चार्ल्स डियोडाटी के मृत्यु के समाचार सुनिके उनुका सदमा नियर लागल। ओह घरी इंग्लैंड के कुछ इलाकन में प्लेग फइलल रहे। मिल्टन के मित्र चार्ल्स प्लेग से ही मुअल रहले।

अब आईं तनीं मिल्टन के वैराग्य के कारन का ओर झांकी जा। भोजपुरिहा समाज में कहल जाला कि तुलसीदास के उनुकर पत्नी कहली कि जतना प्रेम रउरा हमरा नश्वर देह से करतानी, ओतना प्रेम जदि ईश्वर से करितीं त राउर उद्धार हो जाइत। अपना मित्र के मृत्यु मिल्टन पहिलहीं से आहत रहले मिल्टन। सन 1642 में मिल्टन के बियाह मेरी पावेल से भइल। बाकिर उनकर वैवाहिक जीवन ठीक ना रहे। एकर मुख्य कारन ई रहे कि मेरी आ उनुकर परिवार सत्तारूढ़ रायल परिवार के समर्थक रहे आ मिल्टन रायल परिवार के कट्टर विरोधी रहले। एकरा खातिर उनुका जेल के सजा भी भोगे के परल। दोसर कारन ई रहे कि मरद- मेहरारू के उमिर में जमीन आसमान के अंतर रहे।

मिल्टन रहले 34 बरिस के त मेरी रहली 17 बरिस के। मेरी बियाह का एक महीना बादे अपना पिता का घरे चलि गइली। एइजा मिल्टन के भावना के धक्का लागल। आ उनुकर वैराग्य अउरू बढ़ि गइल। कुछ साल बाद जब मन बदलल त तीन साल का बाद मिल्टन का लगे अइली। दूनो प्राणी आपन मतभेद भुला के संगे रहे लागल लोग। दूनो आदमी से तीन गो बेटी भइली सन (एनी, मेरी आ डेबोरा)। एगो बेटा भइल रहे बाकिर साल भर के होके मरि गइल। बियाह के दस साल बाद मिल्टन के पत्नी के देहांत हो गइल। मिल्टन के आंख से लउके ना, त सन 1663 में ऊ एलिजाबेथ मिनशल से बियाह कइले। एलिजाबेथ उनुकरा लिखे पढ़े में बहुत मदद कइली। मिल्टन के ऊ किताब पढ़ि के सुनावसु। त मिल्टन संघर्ष करत रहले बाकिर लेखन करत चलि गइले। उनुकर लेखन डिक्टेशन के माध्यम से होखे।

“पैराडाइज लास्ट” में ऊ अच्छा आ बुरा देवदूतन (एजेल्स) के बीच के युद्ध के वर्णन कइले बाड़े। एह युद्ध में बुरा एंजेल हार गइली सन आ स्वर्ग से भगा दिहल गइली सन। माने शैतान आ ईश पुत्रन के बीच लड़ाई रहे। मिल्टन के एही से भारतीय अध्यात्म से प्रभावित मानल जाला। “पैराडाइज रिगेंड” में बुराई के हमला होखला का बावजूद अच्छाई के आचरण के महत्व रेखांकित कइल गइल बा। अच्छाई आ ईश्वर के प्रति आसक्ति आ परम प्रेम “पैराडाइज रिगेंड” के मूल स्वर बा। त बा नू भारतीय अध्यात्मिकता के गहिर असर? मिल्टन अपना जीवन संघर्ष के बीच भी परम आशावादी आ साहस के प्रतीक रहले। आंख से लाचार हो गइला का बावजूद ईश्वर में अगाध श्रद्धा, अच्छाई के प्रति अगाध प्रेम मिल्टन के महान बनावले बा।

अंत में मिल्टन के एगो अउरी कविता अंश पढ़ लीं-

Love, Virtue she alone is free
She can teach ye how to climb
Higher than the sphery chime;
Or if Virtue feeble were,
Heaven itself would stoop to her

भोजपुरी अनुवाद-
(धर्म (सदाचार) से प्रेम करीं;
खाली धर्मे मुक्त बा
ऊहे रउरा के सिखा सकेला
स्वर्ग से भी ऊपर कइसे जाइल जाला
इहां तक कि धर्म जदि कमजोर भी होइत
त स्वर्ग खुदे झुकि के ओकरा तक पहुंचि जाइत)।
त साफे लागता कि समकालीन भोजपुरी प्रदेश के चिंतन आ मिल्टन के चिंतन में साम्य बा।

(विनय बिहारी सिंह एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

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