भोजपुरी विशेष: इहवां तs जितले मोसकिल बा, उपेनदर जी मुखमंतरी कइसे बनिहें?

बिहार में बसपा के जवन जीत मिलल रहे का उ मायावती के चलते मिलल रहे ?
बिहार में बसपा के जवन जीत मिलल रहे का उ मायावती के चलते मिलल रहे ?

उपेनदर कुल्हि पैतरां क लेले बाने फेर भी कई सवाल अभियो खाड़ बाने स.अगर उपनेदर अउर मायावती के पिछिला वोट शेयर जोड़ल जाव तs आंकड़ा 4.7 प्रतिशते तक पहुंचत बा. अइसना में का नया  जोड़ घटना होता?

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 10:28 AM IST
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गाय के सानी देके के इनार पs हाथ धोअते रहीं कि चनरमा महतो आ गइले. हमरा के देख के कहले, का मुखिया जी, आज के अखबार पढ़नी हs ? गमछी से हाथ पोंछत हम कहनी, का बात हs, का कवनो बड़हन खबर छपल बा का ? चनरमा कहले, ई उपेनदर कुशवाहा के माथा में का समा गइल बा ? अब उ मायावती के मेल से चुनाव लड़िहें ? जेकर मड़ई पहिलहीं से ढहल ढिमिलाइल बा उ दोसरा के असरा का दिही ? कतना तs बढ़िया ऊ एनडीए में रहन. दिल्ली में मंतरियों रहन. तीन गो सांसदो रहन. अधिका के फेर में पूंजियो गंवा देले. एने-ओने गइला से का भेंटाइल ? हम कहनी, केहू कतनो कहे कि अब भोट में जात-पात खतम हो गइल लेकिन ई माने वाला बात नइखे. उपेनदर कुशवाहा के बुझाता कि उ कोइरी-दलित के सहजोग से बाजी मार लिहें. एह से उ बसपा से हाथ मिला लेहले. सभे तs इहे करत बा. नीतीश जी हरमेसा बिकास, बिकास रटत रहेले. लेकिन अलेक्शन के टाइम आइल तs उहो जात-पात के मोह से ना उबरले. पांच दिन पहिले अशोक चौधरी के परदेस कारकारी अधयक्ष बनवला के का मतलब हs?

बिहार में बसपा कबो ऊपर कबो नीचे
चनरमा महतो कहले, देखीं मुखिया जी, रउआ कुछुओ कहीं, उपेनदर कुशवाहा के कहनाम माने जुकुर नइखे. आच्छा ई बताईं, का सोच के उ बसपा से मेल कइले हs, ? बसपा के बिहार में कवनो बेंवत बा ? पिछिल दू चुनाव में तs बसपा के ताम-झाम से दोकान-दउरी लागल लेकिन बोहनियो ना भइल. 2015 में तs कुशवाहा के दूगो सीटो मिलियो गइल रहे, बसपा के एक्को विधायक ना जितल रहन. मायावती के यूपी में चाहे जवन चलती होखे लेकिन बिहार में उनकर कवनो असर नइखे. हम कहनी, चनरमा एक बात समझ लs, राजानीत में नरम गरम होत रहेला. हरमेसा एक्के रकम ना रहे. उहो समय रहे कि बिहार में बसपा के विधायक रहन. 1995 में बसपा के दू अउर 2000 में पांच विधायक जीतल रहन. 2005 ले बसपा के चार विधायक रहन. 2010 अउर 2015 में बसपा के हाथ में लड्डू भेंटाइल तs एकर ई मतलब ना कि ओकर कवनो औकाते नइखे. नीतीशो कुमार 1995 में साते सीट जितल रहन. आज देखs कि उ राज कर रहल बाड़े. आगा का होई, ई केहू नइखे जानत.

बसपा में केतना दम
चनरमा हमार बात पs अनराजी में मुड़ी डोलावे अ कहले, मुखिया जी, ई रउवा  का कहत बानी ? बिहार में बसपा के जवन जीत मिलल रहे का उ मायावती के चलते मिलल रहे ? 1995 में महाबली सिंह बसपा विधायक दल के नेता रहन. महाबली सिंह दबंग रहन अउर पाटी से अधिका अपना बल पs चुनाव जीतल रहन. उहे महाबली सिंह जब बसपा छोड़ देले तs चैनपुर से हाथी के खूंटा कबर गइल. आज उहे महाबली सिंह जदयू के सांसद बाड़न. बसपा के जवन भी जीत मिलल बा उ यूपी से सटल इलाका में. रामचंद्र सिंह यादवो बसपा के विधायक रहन. उ 2005 में भभुआ से जीतल रहन. उ बसपा छोड़ के राजद में चल गइले तs भभुआ से बसपा के किला कबर गइल. अगर मायावती के अतने असर बा त उ काहे ना फेन ओहिजा से आपन कंडिडेट जिता पवली ? भाग भरोसे अगर जीत मिल गइल तs ओकरा से बसपा के बिहार में बरियार ना मानल जा सकेला. बिहार में नीतीश कुमार अ लालू जादो के आंगा केहू दोसरा के राजनीत जमावल मोसकिल बा.



उपेनदर कुशवाहा के का होई?
हम कहनी, देखs चनरमा, कब-कबो आगा बढ़े खातिर लीक तूर के चले पड़ेला. अब उपेनदर का करिते. महागठबंधन में उनकर घनघोर बैइजती होत रहे. नीतीश से झगरा के चलते उ एनडीए में जा ना सकत रहन. तs काहां जइते ? तनी इ सोच कि कम से कम मायावती तs उनका के मुखमंतरी बनावे के राजी हो गइली. आज ले तs बिहार में कवनो पाटी उनका के एतना इज्जत ना देले रहे. उ हारस भा जीतस, कम से कम अब आगा तs उ सीएम कंडिडेट जरूरे कहइएं. उ लव-कुश (कोइरी-कुर्मी) के मजगूती खातिर बहुत मेहनत कइले बाड़े. 2015 के विधानसभा चुनाव में अउर 2019 के लोकसभा चुनाव में लव-कुश उनकर साथ ना दिहले. लेकिन इहो तs हो सकेला कि 2020 में लोग के मन बदल जाए. राजनीत में दिन बदलत देर ना लागे. सभी इहे कहेला कि बिहार में कांगरेस खतम हो गइल. लेकिन 2015 में देखs कि ओकर 27 विधायक जीत गइले. एकरा में नीतीश-लालू के सहजोग रहे लेकिन कांगरेस जितल तs सही. संजोग जुट जाइ तो केहू जीत सकेला. ऐह से मायावती-कुशवाहा के मेल के अबर ना कहल जा सकेला.

कइसे जितिहें उपेनदर?
चनरमा हमरा बात से उबिया के कहले, आच्छा, ई बताईं मुखिया जी कि उपेनदर जितिहें कइसे ? पिछिला चुनाव में उ 23 सीट पर लड़ले तs दुए गो जितले. अब उ सै-सवा सै सीट पs लड़िहें तs का हाल होई ? अगर उपनेदर अउर मायावती के पिछिला वोट शेयर जोड़ल जाव तs आंकड़ा 4.7 प्रतिशते तक पहुंचत बा. अइसे में इ गठबंधन कइसे चुनाव जीती ? बसपा से मेल के बाद उपनेदर के मनमोताबिक सीट पs तs लड़े के मौका मिल गइल. लेकिन एकरा से का फैदा मिली. अगर मान लिहल जाव कि उ सौ सीट पर चुनाव लड़त बाड़े तs का उनका सै गो जितनहार कंडिडेट मिल जइहें ? खाली कंडिडेटे खाड़ा कइला से का होई, जितहूं के तs चाहीं. रालसपा के केतना लमहर संगठन बा, ई सब केहू के मालूम बा. अगर दू चार नेता के छोड़ दिहल जाव तs रालसोपा के केतना नेता के लोग जानत बाड़े ? बसपा तs दू बेर से 243 सीट पर चुनाव लड़ रहल बा. एह से का हो गइल. हार के सिवा तs अउर कुछुओ ना मिलल. हमार तs कहनाम ईहे बा कि बीसे तीस पर लड़ीं लेकिन जीते खातिर लड़ीं. चनरमा के बात सुन के हम चुप लगा गइनी. एह बात के हमरा भिरी कवनो जबाब ना रहे.
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