Bihar Election 2020 के रंग- बिधायक जी भोटो चाहीं, फिलिम में रौलो चाहीं!

बिहार चुनाव परचार में फिलिमी लोग बहुत कामे आवता
बिहार चुनाव परचार में फिलिमी लोग बहुत कामे आवता

अइसे त देश भर में चुनाव में फिलिम के लोग लागि जुटेला, बिहार में भी लागल बा लोग. इहां तक कि साइड रोल करे वाला कलाकार भी परचार के हीरो बनल बाने. फिलिम से जुड़ल लोगन के चुनाव परचार पर लेखक अपना नजरिया से देखत हवें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 12:53 PM IST
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भोजपुरिया कलामंच के मय मंडली बइठल रहे. अबकी छठ में नाटक होई कि ना, एह बात पs सोच-बिचार चलत रहे. दशहरा में नाटक ना भइला से सभके मन उदास रहे. मंडली के मेठ रामबरन कहले, चुनाव के परचार में भीड़ जुटला से कवनो दिक्कत नइखे लेकिन दशहरा के मेला पs रोक लगा दिहल गइल. चुनाव के रैली में देखत बाड़s नू कि केतना भीड़ हो रहल बा ? केहू मानत बा नियम कैदा ? अब देखे के बा कि चुनाव के बाद का होता. बिमल भइया तs नाटक लिख के तैयार बाड़े. महेनदर मंडली के मेन कलाकर रहन. कइअकगो भोजपुरी सिनेमा में साइड रौल भी कइले बाड़े एह से उनकर बड़ा धाक रहे. महेनदर कहले, ई चुनाव का आइल, भोजपुरिया कलाकार में बांट-बखरा लाग गइल. रविकिशन, दिनेश लाल निरहुआ अउर मनोज तिवारी भाजपा के परचार करत बाड़े तs खेसारी लाल जादव राजद के. खेसारी लाल के रैली में तेज-तेजस्व के जयकारा लाग रहल बा तs रविकिशन, निरहुआ अउर मनोज तिवारी भाजपा-जदयू के जितावे खातिर पसेना बहा रहल बाड़े.

रविकशन त सांसद हइए हवें
महेनदर कहले, गोरखपुर से सांसद रविकिशन भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़का हीरो हवें. उनकर एक सिनेमा के फीस 50 लाख रोपेया बा. भोजपुरी, हिन्दी, तमिल,तेलगू अउर अंगरेजियो सिनेमा में उ काम करेले. एह से उनकर चाहे वला के तादाद बहुत अधिका बा. एही के वजह से उ गोरखपुर में तीन लाख से बेसिये भोट से जीतल रहन. बिहार चुनाव में रविकिशन के रैली में अनठेकान भीड़ जुट रहल बा. रविकिशन तs सांसद हवें भाजपा के लेकिन उ नीतीश कुमार के सबसे बड़का ढाल बन गइल बाड़े. उनका जइसन तs नीतीश के पक्ष में जदयू के नेता भी नइखन खाड़ा.

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जब चिराग पासवान नल जल जोजना में घपला के जांच करा के नीतीश कुमार के जेल भेजे के बात कहले तs रविकिशन सबसे पहिले जबाब देले. रविकिशन कहले, इ गलतबयानी खातिर चिराग के नीतीश कुमार से तुरंते माफी मांगे के चाहीं. नीतीश कुमार पs 15 साल में एक्को दाग नइखे लागल. ईमानदारी से नेतागिरी कइले. नशाबंदी से नौजवानन के बचावले. फेर काहे नीतीश कुमार जेल भेजल जइहें ? मुखमंतरी पs अइसन आरोप गलत बात बा. रविकिशन जब बड़हरिया में जदयू के कंडिडेट सामबहादुर सिंह के परचार करे गइल रहन तs उहां अजबे बात हो गइल. नाच-गान के सौखिन बिधायक सामबहादुर सिंह मंचे पs रविकिशन से भोजपुरी फिलिम में रौल मांग लेहले. एकरा पs रविक्शन चुटकी लेले, बिधायक जी कलाप्रमी हऊवें, इनका कमर में बहुतो लचक बा. कवनो अचरज ना कि कहियो बिधायक जी भोजपुरी सिनेमा में कामो करत लउक जास. मनोज तिवारी अउर निरहुआ भी एनडीए को घनघोर परचार कर रहल बाड़े.



खेसारी कर रहल बाड़े राजद के परचार
लेखक बिमल बिदरोही कहले, खेसारी लाल जादो 2020 में राजद के परचार कर रहल बाड़े. मढ़ौरा में उनकर रोड शो में बड़ा भीड़ जुटल रहे. उनका रैली में गाना गवाता, शिक्षा अउर रोजी-रोजगार चाहिए, बिहार में तेजस्वी सरकार चाहिए. खेसारी फेन ललटेन बारे के बात कर रहल बाड़े. उ कहले, लालू चचा हमनी के गारजियन हईं. उ जवन हमनी के इज्जत देनी, केहू दोसर नेता ना देले. छपरा के मढ़ौरा में खेसारी लाल के देखे-सुने खातिर अदिमी पs अदिमी लदा गइले. बिमल बोलते रहन कि रामबरन टोकले, समय समय के बात हs. आज खेसारी लालू-तेजस्वी के गुनगान कर रहल बाड़े लेकिन एक साल पहिले उ खिलाफ में का -का ना कहले रहन.

लोकसभा चुनाव के समय खेसारी कहले रहन, तेजस्वी हरमेसा हमरा साथे गलत कइले. लालू परिवार कबो हमरा साथे आच्छा सलूक ना कइलस. तेजस्वी कबो हमरा के आपन भाई ना समझले. जब उ हमरा का आपन ना समझले तs हम कइसे समझीं. जात-पात के जहर से बिहार के बरबाद कर देलस लोग. ओह घरी खेसारी सवाल पूछले रहन कि यूपी में मोलायम सिंह और अउर बिहार में लालू जादव के बेटा आखिर काहे मुखमंतरी बने खातिर आगा रहे ले ? अउर कवनो गरीब के बेटा एह लायक नइखे? लेकिन अब उहे खेसारी लालू जी के आपन गारजियन बता रहल बाड़े, तेजस्वी के जीता रहल बाड़े.

का खेसारियो नेता बनिहें ?
बिमल बिदरोही पूछले, खेसारियो लाल नेता बनिहें का ? तs महेनदर कहले, 2018 में खेसारी लाल छपरा के छपिया लाइन होटल में पतरकार लोगन के चाह पाटी देले रहन. ह मौका पs उ 2019 में महाराजगंज से लोकसभा चुनाव लड़े के एलान कइले रहन. ओह घरी खेसारी कहले रहन कि टिकट खातिर राजद में बात चल रहल बा. अगर टिकट ना मिली तs निरदलीयो चुनाव लड़ब. लेकिन जब चुनाव के समय आइल तs राजद से उनका टिकट ना मिलल. कहल जाला कि प्रभुनाथ सिंह के परिवार के विरोध के चलते खेसारी के महाराजगंज से टिकट ना मिलल रहे. लालू जादव खेसारी लाल के मानत-जानत रहन. लेकिन तबहुओं बात ना बनल. एकरा बाद खेसारी चुनाव लड़े बिचारे छोड़ देले. कहल जाला कि एहि बात से अनराज हो के खेसारी भाजपा के परचार कइले रहन. जुलाई 2020 में खेसारी राजनीत में आवे के बात से इंकार कइले रहन. उ फिलिमिये दुनिया में खुश रहे के बात कहले रहन.
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