Home /News /bhojpuri-news /

Bhojpuri: उपचुनाव में कन्हैया के जादू चली कि तेजस्वी के?

Bhojpuri: उपचुनाव में कन्हैया के जादू चली कि तेजस्वी के?

.

.

नीरज नयन के मन में कई सवाल तूफान जोतले रहे। राजकमल सामने मिल गइले तs ऊ सवाल के झड़ी लगा देले। का कांग्रेस अब बिहार में अकेले चुनाव लड़ी ? का कन्हैया अउर जिग्नेस बिहार में कांग्रेस के पारी जमा दिहें ? अगर कांग्रेस कुशेश्वरस्थान में जीत जाई तs का होई ? जदयू अउर राजद के राजनीत पs का असर पड़ी ?

अधिक पढ़ें ...

चिराग पासवान के कंडिडेट के चलते अगर जदयू के फेन हार हो जाई तs का सरकार पs कवनो संकट भी आ सकेला ? एक साथ अतना सवाल सुन के राजकमल, नीरज नयन के मुंह ताके लगले। कहले, अरे भई, अतना टेंशन में काहे बाड़s ? जनता के मन के थाह लगावल का अतना आसान काम बा ? अभी तs चुनाव में करीब दस दिन बाकी बा। कुछुओ हो सकेला। अंतिम गेंदा पs छक्का भी लाग सकेला चाहे बिकेट भी गिर सकेला। लेकिन एक बात जरूर बा, ई उपचुनाव में कांग्रेस खातिर करो या मरो के लड़ाई बा। जीत मिली तs पौ बारह, हार मिली तs पूंजी साफ।

राजा से रंक होखे के दुख

अतना बात सुन के जब नीरज नयन के संतोख ना भइल तs राजकमल उनकर सवाल के जबाब देवे लगले। कांग्रेस कबो बिहार में राजा रहे। लेकिन अब रंक के हालत बा। पुरनका दिन इयाद कर के कांग्रेस के मन कचोटत रहे ला कि अब ओकरा राजद के सहारा पs चले के पड़ रहल बा। कांग्रेस के मन बहुत दिन से अकेले चुनाव लड़े खातिर कुलबुलात रहे। जब कन्हैया के कांग्रेस में इंट्री भइल तs ओकर सोच बदल गइल। तेजस्वी के जबाब देवे खातिर कन्हैया जइसन मजबूत नेता मिल गइले। तेजस्वी के मन में भी डर हो गइल कि कन्हैया उनकर राजनीतिक खेल बिगाड़ सके ले। एह से ऊ कुशेश्वरस्थान के बहाने आपन राह अलग कर लेले। कांग्रेस के वजूद के सवाल रहे। मोनासिब मौका देख के उहो ताल ठोक देलस। कुशेश्वरस्थान अउर तारापुर उपचुनाव अब कांग्रेस खातिर जीवन मरन के सवाल बा। जीत खातिर नाया मोर्चाबंदी कइल गइल बा। कन्हैया, जिग्नेश अउर हार्दिक 22 अक्टूबर के बिहार आ राहल बाड़े। ई तीनों महारथी 23 से 28 अक्टूबर तक दूनो जगह चुनाव परचार करिहें।

कांग्रेस अब अकेले लड़ी चुनाव !

राजकमल के बात जारी रहे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा अउर एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा के बेयान लागत बा कि अब पाटी अलग राह पs चले खातिर तइयार बिया। दूनो जना कुशेश्वरस्तान में कांग्रेस के जीत खातिर डेरा जमा देले बाड़े। प्रेमचंद मिश्रा कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) उपचुनाव के बड़ा मौका के रूप में देख रहल बाड़े। ईहां जीत हासिल कर कांग्रेस मिथिलांचल में फेन आधार मजबूत कर सकेले। उपचुनाव में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ रहल बिया। अगर जीत मिल जाई तs भविष्य में भी पाटी बिहार में अकेले ही चुनाव लड़ी । मतलब ई कि उपचुनाव से ही कांग्रेस के भावी राजनीत तय होखे वला बा। अगर कांग्रेस के जीत होई तs जाहिर बा राजद के नोकसान होई। विपक्ष के राजनीत में राजद के साख कमजोर हो जाई। ओकर छवि गठबंधन तूरे वला दल के रूप में बन जाई। कुशेश्वरस्थान अउर तारापुर, दूनो जदयू के सीट हs। अगर दूनो सीट पर पs जदयू के हार हो जाई तs ओकर बिधायक के संख्याबल कम हो जाई। तब 74 विधायक वली भाजपा जदयू पs राजनीतिक दबाव बढ़ा सके ले। अगर उपचुनाव में जदयू के हार हो जात बा तs दल के अंदरुनी कलह भी तेज हो सकेला। मतलब ई कि एह उपचुनाव से कांग्रेस, राजद और जदयू के राजनीत पs निर्णायक असर पड़े वला बा।

उपचुनाव अउर जेनरल अलेक्शन के पैटर्न में अंतर बा

नीरज नयन कहले, का कन्हैया, जिग्नेश अउर हार्दिक बिहार में कास्ट पोलटिक्स से पार पा सकिहें ? राजकमल जवाब देले, 2 सीट के चुनाव अउर 243 सीट के चुनाव में बहुत अंतर बा। उपचुनाव में राजनीति के प्रचलित मान्यता फेल भी हो सकेला। कवनो नाया मुद्दा चुनाव के नैरेटिव चेंज कर देला। जइसे 2009 में भइल रहे। शिबू सोरेन झारखंड के मुखमंतरी रहन लेकिन बिधायक ना रहन। जनवरी 2009 में तमाड़ विधानसभा सीट पs उपचुनाव रहे। शिबू सोरेन सीएम रहते उपचुनाव में खाड़ा भइले। आदिवासी समाज उनका के दिशोम गुरु कहत रहे। झारखंड राज्य बनावे में उनकर बहुत बड़ जोगदान रहे। लेकिन राजा पीटर जइसन एक साधारण नेता उपचुनाव में शिबू सोरेन के हरा देले। एह से उपचुनाव के तुलना जेनरल अलेक्शन से ना कइल जा सके। उपचुनाव में कुछउओ हो सकेला। 2019 में दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में जदयू आपन जीतल सीट हार गइल रहे। कहे के मतलब ई कि उपचुनाव जेनरल अलेक्शन के पैटर्न पा ना लड़ल जाय। एकरा में नाया प्रयोग के हरमेसा गुंजाइश रहे ला। कन्हैया, जिग्नेश अउर हार्दिक जइसन युवा नेता बिहार उपचुनाव के सीन बदल सकेले।

तेजस्वी बनाम कन्हैया के लड़ाई

नीरज के सवाल के जबाब में राजकमल कहले, ई उपचुनाव से फैसला हो जाई कि बिहार में कन्हैया के जादू चली कि तेजस्वी के। जिग्नेश अउर हार्दिक तs गुजरात के हवें लेकिन कन्हैया तs खांटी बिहारी हउवें। अब बिहार में कन्हैया बनाम तेजस्वी के लड़ाई राजनीत के नाया पहचान बन जाई। कन्हैया,जिग्नेश अउर हार्दिक 23,25, 25 अक्टूबर के तारापुर में परचार करिहें। एकरा बाद ई लोग 26 अक्टूबर को कुशेश्वरस्थान में खूंटा गाड़ दिहें। 2020 में ई सीट पर कांग्रेस के कुल्लम सात हजार भोट से ही हार भइल रहे। एह से अबकी बेर कांग्रेस ईहां सबसे अधिक जोर लगवले बिया। 26, 27 अउर 28 अक्टूबर के कुशेश्वर स्थान में हाईभोल्टेज पोलिटिकल ड्रामा होई। कांग्रेस के आरोप बा कि उपचुनाव में तेजस्वी धोखा देले बाड़े। अब देखे के होई कि कन्हैया, जिग्नेश अउर हार्दिक कइसे तेजस्वी के धोखा पs जबाबी हमला बोलिहें। अभी तक कन्हैया अउर तेजस्वी में आमने-सामने के लड़ाई नइखे भइल। लेकिन 23 से अक्टूबर से एकर शुरुआत हो जाई। तेजस्वी अउर कन्हैया के चुनावी जंग, पोलटिक्स से सबसे हौट टौपिक रही।

(अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Bhojpuri Articles, Bhojpuri News, Bihar news election 2020

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर