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B'day spl: 80-90 के दशक के जवान दिलन के चाँदनी आ सुंदरता के देवी रहली श्रीदेवी

यश चोपड़ा के निर्देशित फिल्म चाँदनी में श्रीदेवी के टाइटल रोल एतना पसंद कइल गइल कि ओमें पहिनल उनके सलवार कमीज अउरी दुपट्टा के डिजाइन के एतना क्रेज बढ़ल कि देश के हर छोट-बड़ शहर में चाँदनी नाम से ओकर कॉपी बेचाए लागल.

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हिन्दी सिनेमा में एक से एक सुंदर अउरी प्रतिभावान अभिनेत्री के राज रहल बा. देविका रानी से लेके एह बेरा के नयका अभिनेत्रियन ले बहुते सुपरस्टार हीरोइन भइली. बाकिर श्रीदेवी के साथे सफल अभिनेत्री भइला के अलावा एगो अउरी तमगा बा, पहिला महिला सुपरस्टार होखला के. श्रीदेवी 80 और 90 के दशक के सबसे ज्यादा फीस लेबे वाली अउरी अपना नाम पर सिनेमाहॉल हाउसफुल करावे वाली हीरोइन रहली. यश चोपड़ा के निर्देशित फिल्म चाँदनी में श्रीदेवी के टाइटल रोल एतना पसंद कइल गइल कि ओमें पहिनल उनके सलवार कमीज अउरी दुपट्टा के डिजाइन के एतना क्रेज बढ़ल कि देश के हर छोट-बड़ शहर में चाँदनी नाम से ओकर कॉपी बेचाए लागल. श्रीदेवी के लोकप्रियता के चलते लोग उनके प्रथम फ़ीमेल सुपरस्टार के टाइटल दिहल. बाकिर दर्शक त उनका के चाँदनी नाम से ही ज्यादा जाने लें. चाँदनी के टाइटल ट्रैक ‘ओ मेरी चाँदनी’ आजुओ लोग के जुबान पर बा.

श्रीदेवी के जन्म 13 अगस्त 1963 के तमिलनाडु के शिवकाशी के नजदीक एगो गाँव में भइल रहे. उनके पिता जी वकील रहलें. हालांकि उनके पढ़ाई कम उमिर में ही छूट गइल आ उ हीरोइन बन गइली. फिल्म इंडस्ट्री में गइला के बाद उनके पढ़ाई करे के मौका ना मिलल. पहिले बाल कलाकार आ ओकरा बाद सीधे हीरोइन श्रीदेवी अपना 54 बरिस के जिनगी में 300 फिलिम कइली. उनके पहिला डैब्यू फिल्म तमिल में रहे ‘कंदन करुणाई’. 4 साल के श्रीदेवी एह पौराणिक फिल्म में बाल कलाकार रहली. एह फिल्म के बाद लगातार उनके फिलिम मिले लागल आ उ तेलुगु अउरी मलयालम के भी फिल्म करे लगली. उनके बचपने में मलयालम फिल्म ‘पूमपट्टा’ के रोल खातिर केरल राज्य फिल्म पुरस्कार मिल गइल. तब उ सात साल के रहली. श्रीदेवी 1972 में हिन्दी फिल्मन में फिल्म ‘रानी मेरा नाम’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत कइली. उनके 1975 ले बाल कलाकार के भूमिका में ही फिल्म आइल.

फेर 1976 में अचानके श्रीदेवी 13 बरिस के छोट उमीर में सीधे हीरोइन बन गइली. अपना प्रयोगवादी सिनेमा खातिर जानल जाए वाला तमिल फिल्मकार अउरी नाटककार के. बालाचंदर उनके ‘मूँदरू मदिचू’ में मुख्य भूमिका देहलें. ई ड्रामा फिल्म रहे अउरी कलाकार से बहुत सधल अभिनय के मांग करत रहे. श्रीदेवी 13 बरीस के उमीर में 18 साल के सेल्वी के रोल कइली जेके अपना पड़ोसी से प्यार हो जाता. पड़ोसी बालाजी के रोल में कमल हासन आ उनके साथ रहे वाला दोस्त प्रशांत के रोल में रजनीकान्त रहलें. फिल्म में अइसन घटनाक्रम होता कि सेल्वी प्रशांत के घर में नौकरानी बन के रहे लागत बिया अउरी बाद में प्रशांत के पिता से शादी करके मालकिन बन जात बिया. प्रशांत जे सेल्वी के पहिला प्यार बालाजी के मौत के जिम्मेदार बा, ओकरा से मानसिक रूप में बदला ले तिया. फिल्म बहुत जटिल मानवीय रिश्ता के आधार लेके बनावल गइल रहे आ दर्शक बहुत पसंद कइलें. इहें से श्रीदेवी के हीरोइन के रूप में रोल मिलल चालू भइल.

श्रीदेवी हिन्दी फिल्म में हीरोइन के 1979 के फिल्म सोलवा सावन से डैब्यू कइली. आ संजोग के बात देखीं कि एही साल उ 16 के भइली भी. अबले श्रीदेवी दक्षिण के सिनेमा में बड़ नाम बना लेहले रहली अउरी उनके जोड़ी तबके सिनेमा के बड़ नाम कमल हासन, एन. टी. रामा राव के साथे स्क्रीन पर लउकल रहे. सोलवा सावन में श्रीदेवी के आपोजिट अमोल पालेकर रहलें. ई फिलिम निर्देशक भारतीराजा के ही तमिल फिल्म के रीमेक रहे. तमिल में सफल भइल फिल्म हिन्दी में फ्लॉप हो गइल. एकरा बाद श्रीदेवी अपना दक्षिण भारत के सफल फिल्म करियर में बिजी हो गइली. 4 साल बाद 1983 में जितेंद्र के साथे फिल्म ‘हिम्मतवाला’ में उ लउकली अउरी इहाँ से हिन्दी सिनेमा में भी जानल जाये लगली. ई फिल्म के गाना ‘नैनों में सपना’ त आजुओ फेमस बा ओहमें जितेंद्र अउरी श्रीदेवी के डांस स्टेप त पूछीं मत. श्री अउरी जितेंद्र साथ में 16 गो फिल्म कइल लोग जवना में 13 गो सुपरहिट फिल्म भइली सन. उनके 1984 में आइल फिल्म तोहफा साल के सबसे ज्यादा कमाई करे वाला फिल्म रहे अउरी श्रीदेवी के हिन्दी के रानी बना देहलस.

श्रीदेवी के फिल्म चाँदनी, सदमा, चालबाज़ अउरी मिस्टर इंडिया ई अइसन फिल्म रहे कि जेकरा चलते उनके ना ही खाली कमाऊ हीरोइन के बाकिर उम्दा अउरी प्रतिभावान अभिनेत्री के रूप में लोकप्रियता भइल. श्रीदेवी के अमिताभ बच्चन के साथे 1992 के फिल्म ‘खुदा गवाह’ बहुते सफल फिल्म भइल आ विदेश में भी खूब चलल. श्रीदेवी बाद के साल में लम्हे, गुमराह, लाडला आ जुदाई जइसन फिल्म में नजर अइली. 1996 में उ फिल्म निर्माता बोनी कपूर से बियाह कर लेहली. आ फिर फिल्म से दूर हो गइली. फेर बाद में 2004 में टीवी शो मालिनी अय्यर में लउकली. आगे के कुछ बरिस तक उ कहीं कहीं लउकत रहली आ फेर बढ़िया से डैब्यू कइली 2012 के फिल्म इंग्लिश विंगलिश से. ई फिल्म सुपर-डुपर हिट भइल आ बुझाइल कि श्रीदेवी के जादू फेर लौट आइल. उ 2015 में विजय के तमिल फिल्म पुली में महत्वपूर्ण भूमिका में रहली. 2017 में उ हिन्दी फिल्म मॉम में एगो सशक्त माई के भूमिका में लउकली आ इहे उनके अंतिम फिल्म रहे अउरी 300वां फिल्म भी.

एगो रिश्तेदार के शादी में परिवार के साथे दुबई गइल श्रीदेवी अपना होटल रूम में दुर्भाग्य से बाथटब में डूब के मर गइली. आ एही के साथे एगो खूबसूरती अउरी प्रतिभा के प्रतिमूर्ति के भौतिक अउरी कला जीवन के अंत हो गइल.

(मनोज भावुक सिनेमा और साहित्य के जानकार हैं. ये लेखक के निजी विचार हैं.)

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