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Bhojpuri में पढ़ें- मैत्री से विस्तार करे वाला बौद्ध धर्म के सीख भी मैत्री ही बा

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इसिपतत्तनम यानी काशी के सारनाथ से महात्मा बुद्ध के सिखावन के आजु भी खास महत्व बा. मध्यप्रतिपदा-मध्यम मार्ग- मतलब जीवन में हर तरह के अतिवाद से परहेज. दुनिया में अबतक धर्म के नाम पर जतना खूनखराबा भईल बा शायद कवनों अउर मुद्दा के लेकें न भईल होखें.

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बौद्ध धर्म चाहें -भारतीय मूल के अउर धर्म भी दुनिया के दूसरा हिस्सा में तलवार के बल पर नइखें गईल. सुपरिचित अफ्रीकी नेता डेसमंड टूटू एक बार मजाक में ईसाई धर्म के बारे में कह दिया कि- उनके पास बाइबिल थी. हमारे पास जमीन. उन्होंने ने कहा आओ मिलकर प्रार्थना करें. हम आँखे मुद कर प्रार्थना करने लगे. इसके बाद हमारे हाथ में बाइबिल आ गई. हमारी जमीन पर वे काबिज हो गये. मकबूल शायर अल्मा इकबाल भी ईसायत के प्रचार-प्रसार के तौर-तरीका के अपना मन के आँख से देख लेले रहलन. एगो उम्दा शेर में कहत बाड़न-
जिसने सूरज की शुआओं को गिरफ्तार किया.
जिंदगी की शबे तारीक सेहर कर न सके ..( जिन्होंने सूरज की रोशनी को कैद कर लिया हैं, वे जिंदगी की अंधेरी रात को सवेरा नहीं दे सके.)

एक समय दुनिया के लगभग दो तिहाई आबादी के अपना व्यवहारिक सिखावन-नैतिकता ,मैत्री-करुणा,अहिंसा -प्राणियों के प्रति दया भावना, प्राणी जगत-जीव जगत के प्रति परोपकार के भावना अउर सबके खातिर सुलभ निर्वाण-बोधिसत्व के राह बतावें अउर उपलब्ध करवाएं महात्मा बुद्ध के बड़ा योगदान रहल. आत्म दीपो भव- अपना रास्ता खुद चुनो के राय, दुनिया में व्याप्त दुःख के कारण -निवारण के उपाय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंचशील के सिद्धान्त के सुझाव अउर दुनिया के ई बात बतावल कि-मैत्री-संवाद से हर समस्या के निदान खोजल जा सकेला. आजु हर देश आ हर अतिवादी समूह- इहे कहत-चाहत बा कि-हम जवन कहत बानीं ओकरा अलावा अउर कवनों बात सच ना हो सकें. रूस-यूक्रेन के ताजा प्रसंग अभी सामने बा. दूसरा विश्वयुद्ध के बाद- कोरोना के कहर के बाद आजु पूरा दुनिया हाहाकारी परिस्थिति के दौर से गुज़र रहल बा. शीत युद्ध के समय भी अइसने स्थित पैदा भईल रहल. क्यूबा में रूसी मिसाइल के तैनाती के लेकर. अमरीकी सैन्य कमांडर के राय रहल कि अगर अमरीका पहिले पहल करीं के आपन मिसाइल ना दागी-तब अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरा ना टालल जा सकें. तब के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी सैनिक जनरल कमाण्डर के बात ना मनलें. फोन उठा के निकिता ख्रुश्चेव से बात कइलें. अमरीक-रूस के बीच भयावह परमाणु युद्ध टल गईल. आजु राष्ट्रपति पुतिन आ अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपना जिद आ कूटनीति के आगे केहू के बात सुनें के तैयार नइखन. दूनों देशन के बीच युद्ध के कारण पूरा दुनिया के सामने आजु अनाज-पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के संकट पैदा हो गईल बा. ई बात समझे के चाहीं कि-युद्ध में बर्बादी के अलावा जीत केहू के ना हासिल होई. मध्यम मार्ग नामक अपना एगो लेख में महात्मा बुद्ध के व्यवहारिक शिक्षा के बारे में बतावत पूज्य आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी के कहनाम बा- वही सुखी है जो जय पराजय की भावना का त्याग करता है. जय की भावना से वैर उत्पन्न होता है. पराजय से दुःख उत्पन्न होता है. अतः दोनों का परित्याग कर सुख का आसेवन करना चाहिए. आगे उहां के बतावत बानीं-राग के समान कोई अग्नि नहीं, द्वेष के समान कोई कलि नहीं और शांति के समान कोई सुख नहीं. राग-द्वेष और मोह तीनों में से कोई भी एक है, वहां कुशल नहीं होता.

मैत्री- करुणा महात्मा बुद्ध के शिक्षा के अइसन सिखावन बा कि ओकर महत्व कबो कम ना होई. मैत्रभाव सुत में मैत्री के महिमा के बारे में बतावल बा- जितनी प्रणय की क्रियाएं हैं वे सब मिलकर मैत्रीभाव की सोलहवीं कला के बराबर नहीं होती. एह तरह से देखल जाय त – महात्मा बुद्ध काया क्लेश-भोगमय जीवन के बजाय संयमित जीवन, मैत्री भाव, व्यवहारिक नैतिकता के आचरण पर जोर सीख दिहले बानीं. तृष्णा-कामना के सब दुखन के मूल बतवले बानीं. ज्ञान-इच्छा-कर्म के एह त्रिपुटी जगत में बौद्ध धर्म के आचार्य नागसेन मिनांडर के संगे बातचीत में इहो बतवलें बानीं कि- गृहस्थ जीवन में भी निर्वाण के प्राप्ति असम्भव नइखें.

पूर्णिमा के महात्मा बुद्ध के जीवन में विशेष महत्व बा. वैशाख पूर्णिमा के जनम. गया के बोधि वृक्ष के नीचे पूर्णिमा के दिने ज्ञान प्राप्ति. कुशीनगर में पूर्णिमा के दिने महापरिनिर्वाण. महात्मा बुद्ध बौद्ध विहारों के भिक्षुओं के जीवनचर्या देखि के अपना प्रिय शिष्य आनन्द से एह बात के घोषणा कइलें बानीं कि-अब ई धर्म एह जमीन पर पाँच सौ साल से ज्यादा ना टिक पाई. बाकि काम सनातन धर्म के तेजस्वी सन्यासी शंकराचार्य जी कर देनीं. एह से कुछ विचारक शंकराचार्य के प्रच्छन्न बौद्ध के संज्ञा से भी नवजलें बा. बुद्ध पूर्णिमा पर अइसन युग पुरूष के शत शत नमन.

(मोहन सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

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