Bhojpuri: बंगाल में नाही मनावल जाला चइत नवरातर

उत्तर भारत में बा देश भर में रहे वाला उत्तर भारत के लोग चइत के पहिला दिन ही होली मनावे ला. अउर विक्रम संवत के हिसाब से एही दिन से हिंदू कलंडर क नया साल शुरू हो जाला. मजे क बात इ ह कि बंगाल में रहे वाला उत्तरी भारत के लोग भलेहू चइत क पहिला दिने होली मनावत होखे लेकिन बंगाली हिंदू समाज फागुन पूर्णिमा के होली मनावे ला.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 4:27 PM IST
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समूचा देश में चइत नवरातर मनावल जात ह. बिशेष करके विक्रम संवत के हिसाब से हिंदू कलंडर के माने वाला देश क उत्तरी हिस्सा में रहे वाला लोग ही खूबे चाव से चइत नवरातर मनावे ला. लेकिन शक्ति माने दुर्गा के पूजे वाला बंगाल क हिंदू बंगाली समाज में चइत नवरातर क महातम एकदमे ना ह. एसे कि जे दिन से चइत नवरातर शुरू ओही दिने बा ओकरा दोसरा बा तीसरे दिने ही बंगला नया बरिस पहिला बइसाख से शुरू होला हर साल. कहे क माने इ कि चइत नवरातर में ही बंगला कलंडर के हिसाब से बइसाख क महीन शुरू होला. उ हिसाब से भी चइत नवरातर क महातम बंगाली हिंदू समाज में नहिए के बराबर ह बलुक इ कहल जाओ कि एकदमे नाही ह त अधिका ठीक होई.

ए साल बंगाली नया बरिस माने पहिला बइसाख 15 अप्रैल के पड़ल अउर चइत नवरातर 13 अप्रैले के ही शुरू हो गइल रहे. हिंदू कलंडर के हिसाब से ओकर हर महीना शुकुल पक्ष प्रतिपदा माने शुकुल पक्ष के पहिला दिन से शुरू होला. अउर हर महिना क समापन पूर्णिमा के दिने होला. उ हिसाब से ए साल फागुन पूर्णिमा 28 मार्च के रहे अउर ओकरा दोसरा दिन चइत महिना शुरू हो गइल. उत्तर भारत में बा देश भर में रहे वाला उत्तर भारत के लोग चइत के पहिला दिन ही होली मनावे ला. अउर विक्रम संवत के हिसाब से एही दिन से हिंदू कलंडर क नया साल शुरू हो जाला. मजे क बात इ ह कि बंगाल में रहे वाला उत्तरी भारत के लोग भलेहू चइत क पहिला दिने होली मनावत होखे लेकिन बंगाली हिंदू समाज फागुन पूर्णिमा के होली मनावे ला. बंगाले अइसन परदेस ह जहां होली दू दिन मनावल जाला. फागुन महीना के आखिरी दिन बंगाली समाज मनावे ला त चइत महीना के पहिला दिने गैर बंगाली समाज मनावे ला होली. होली बितला के एतना दिन बादो होली क बात एसे कइल जात ह कि हिंदू कलंडर के हिसाब से अभिओ होली वाला महीना ही चलत ह माने चइत.

अब फेरो लौटल जाओ चइत नवरातर पर. चइत नवरातर के नौवा दिन रामनवमी भी मनावल जाला अउर एकरा पांच छौ दिन बाद चइत महीना खतम हो जाई. एकरा बाद शुरू होई हिंदू कलंडर क बइसाख महीना. बइसाख शुरू होते ही उत्तर भारत क हिंदू समाज में शादी बियाह क मौसम भलेहू शुरू हो जाए लेकिन बंगाली कलंडर के हिसाब से पड़े वाला पोएला बोइशाख माने पहिला बइसाख क बंगाल में जऔन महातम उ अंग्रेजी क नया साल एक जनवरी के ही देखे के मिलेला अउर कहीं नाही. बंगाली समाज पोएला बोइशाख बहुते उत्साह अउर चाव से मनावे ला. एक दोसरा से मिलला पर बंगाली लोग ए दिन... शुभो नबोबरसों ... बोल के शुभकामना देला जइसन अंग्रेजी क नया साल पर लोग एक दोसरा के शुभाकामना संदेस देला बा भेजेला. एकरा अलावे ए दिने नया कपड़ा पहिन के छोट बड़ सबही मंदिर में देबी दर्शन करे क जरूर परयास करेला.

बंगाल क कारोबारी समाज खातिर भी पोएला बोइशाख क महातम अलगे ह. ए दिना से बंगाल क छोट बड़ सबही कारोबारी आपन नया बही खाता खोलेला जेके हाल खाता कहल जाला. कई दोकानदार अपना ग्राहकन के न्योता देके दोकान पर बोलावे लं अउर मीठा क जलपान करावे लं. ग्राहक भी अपना क्षमता के हिसाब से नया बही खाता में अपना नाम से कुछ रकम जमा करवा देले. फिर साल भर लेन देन क हिसाब किताब चलते रहेला ग्राहक अउर दोकानदार के बीचे. बंगाली कारोबारी नया साल से पहिले आपन पुरान मालन क सेल भी लगावें लं. सेल माने माल क पुरान स्टाक हटावे खातिर कम दाम में बेच देहल. पोएला बोइशाख से पहले बंगाल में कपड़ा लत्ता क सेल क अच्छा कारोबार होला काहे से कि बंगाली नया साल पर हर बंगाली नया कपड़ा पहिनल चाहेला. एसे साफ होला कि जब देश क उत्तरी हिस्सा क लोग ए समय चइत नवरातर मनावे ल शारदीय नवरातर बहुते श्रद्धा से मनावे वाला बंगाल आपन अलगे परब मनावे ला.
लेकिन एकर माने नाही ह कि बंगाले में चइत नवरातर एकदमे ना मनावल जाला. बंगाल में रहे वाला अंदाजन दस फीसदी गैर बंगाली हिंदू समाज में चइत नवरातर मनावे क चलन ह. लेकिन उ तरह से नाही जइसन बंगाल में कुंआर महीना में शारदीय नवरातर मनावल जाला. शारदीय नवरातर में जगहे जगहे देबी दुर्गा क मूर्ति पंडालन में बइठा के श्रद्धा भाव से उनके पूजल जाला अउर दसमी के दिने मूर्ति के नदी में परवाहित कर देहल जाला. लेकिन चइत नवरातर में एगो दूगो जगह के छोड़ि के कहिंओ पंडालन में देबी क मूर्ति बइठावे क चलन ना ह. बंगाल क कल कारखाने में काम करे वाला बिहारी पूर्वांचली समाज के इलाके क भाई लोग कहीं कहीं शारदीय नवरातर जइसने चइत नवरातर भी मनावे लं लेकिन नाम बराबर जगहें पर अइसन होला. बाकी भाई अपना घरे में चंडी पाठ करे बा करावें लं. बंगाल के पंजाबी समाज में कई जगह दिल्ली पंजाब जइसन माता क जगराता क आयोजन भी होला. चइत नवरातर के नौवां दिने रामनवमीं भी पड़ेला. रामनवमी माने श्रीराम क जन्मदिन. बंगाल क गैर बंगाली समाज रामनवमी भी खूबे धूमधाम से मनावे ला जगहे जगहे राम जानकी झांकी निकाल के. (लेखक सुशील कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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