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Bhojpuri Spl: बंगाल में कांग्रेसी आजो लगावें लं वंदेमातरम् क नारा

आजादी मिलला तक इ नारा आजादी क आंदोलन क हिस्सा रहे. 1947 में आजादी मिलला के बाद भी कांग्रेसी कई साल तक वंदेमातरम् क नारा लागवत रहें. आज भी कांग्रेस सेवादल का नारा वंदेमातरम् ही ह. एकरा अलावा बंगाल में आजो कांग्रेस क नारा वंदेमातरम हव.

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बंगाली लेखक अउर कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय क गीत बंदेमातरम्, जउन बाद में राष्ट्रीय गीत के रूप में जाने जाए लगल के लेके देश भर में कई सालन से बहस चलत है कि एके मुस्लिम समाज काहे न गावे ला. कई सालन से भाजपा इ सवाल उठावत ह. लेकिन मजे क बात ई ह कि भाजपा बा आरएसएस में वंदेमातरम् गीत क कउनो वजूद ना रहे नाही आज ह. एकर उलट आजादी से पहले ही वंदेमातरम गीत कांग्रेस क स्वदेसी आंदोलन माने आजादी क आंदोलन क अभिन्न अंग बन गइल रहे. उ आंदोलन में कांग्रेसी वंदेमातरम् का नारा भी लगावत रहलें.
आजादी मिलला तक इ नारा आजादी क आंदोलन क हिस्सा रहे. 1947 में आजादी मिलला के बाद भी कांग्रेसी कई साल तक वंदेमातरम् क नारा लागवत रहें. आज भी कांग्रेस सेवादल का नारा वंदेमातरम् ही ह. एकरा अलावा बंगाल में आजो कांग्रेस क नारा वंदेमातरम हव. बंगाल में कांग्रेस क छात्र संगठन हो बा युवा अउर मूल संगठन क लोग आपन सभा जलूसन में आजो इ नारा बुलंद करेलें. जबकि आरएसएस अउर भाजपा के लोग भारत माता की जय नारा जरूर लगावें लं. दूनो क माने चाहे एके हो लेकिन दूनों संगठन में वंदेमातरम् का नारा लगावे क चलन ना हव. एतना जरूर ह कि आरएसएस – भाजापा क नेता- कार्यकर्ता मौका बे मौका पर वंदेमातरम बोलत जरूर देखाई देहलें. कुछ साल पहिले जब दिल्ली में भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना आंदोलन चलत रहे त ओकर समर्थन में आरएसएस के लोग वंदेमातरम् का नारा लगावत रहलें. एकरा अलावे भाजपा क कई नेता भी कबो कबार ई नारा लगा लेलन. 2019 में लोकसभा क स्पीकर ओम बिड़ला भी आपन शपथ लेबे क समय वंदेमातरम् बोललें. बावजूद एकरा आजादी क आंदोलन क इ नारा कबो आरएसएस भाजपा स्थायी नारा नाही बन पाइल. इ दूनों संगठन क स्थायी नारा भारत माता की जय ह अउर ओकरा साथे जय श्रीराम क नारा भी जुड़ गइल हव.

बंगाल में विधानसभा क चुनाव होवे वाला ह. हर चुनाव में हर दल क आपन नारा होला… एगो होला सब पार्टी क स्थायी नारा अउर एगो होला चुनाव खास क चुनावी नारा. बंगाल क चुनाव में तृणमूल कांग्रेस आपन पुरान नारा मां माटी मानूस के साथे उतरी त भाजपा जय श्रीराम अउर भारत माता की जय के साथे. एकरा अलावा कांग्रेस क स्थायी नारा वंदेमातरम् अउर वामपंथी दलन क स्थायी नारा इंकलाब जिंदाबाद क गूंज भी इ चुनाव में चहू ओर सुनाई पड़ी. मजे क बात इ ह कि दस साल पहिले तक दूनों दल एक दोसरा के विरोध में इंकलाब जिंदाबाद अउर वंदेमातरम नारा लगावत रहें. लेकिन 2016 में होइल पिछला चुनाव में वामपंथी दलन अउर कांग्रेस क महाजोट बनल तब जाके एक सभा एक मंच से इ दूनो नारा साथे सुनाई देवे लगल. इ साल क चुनाव में भी इ दूनों नारा एक साथे सुनाई देही… काहे से कि अबकी बार फेरो कांग्रेस अउर वामपंथी दलन क महाजोट चुनावी मैदान में ह. आजादी क आंदोलन मेहू इहे दूनों नारा सबका ले अधिक चर्चा में रहे. कांग्रेसी वंदेमातरम् का नारा लगावें त भगत सिंह, चंद्रेशेखर आजाद जइसन आजादी क सिपाही लोग इंकलाब जिंदाबाद क नारा लगावें.

दोसरा ओर कांग्रेस में चाहे नरम दल हो चाहे गरम दल सबहीं वंदेमातरम् बोलत रहलें. लेकिन 1905 में बंग विभाजन के बाद शुरू होइल स्वदेसी आंदोलन के कांग्रेस क गरम दल क लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक अउर बिपिनचंद्र पाल समूचा देस में चलावल चाहत रहें. जबकि नरम दल क नेता एके बंगाल तक ही सीमित रखल चाहत रहें. स्वदेसी आंदोलन में ब्रिटिश सामान क बहिष्कार अउर स्वदेसी सामान के उपयोग के बढ़ावा देबे पर जोर रहे. गरम अउर नरम दलन में मतभेद के चलता राष्ट्रगान परो विवाद हो गइल. गरम दल बंदेमातरम् के राष्ट्रगान बनावल चाहत रहें त नरम दल जन मन गण के. लेकिन ई मतभेद के चलता आजादी क आंदोलन में न त वंदेमातरम् नारा क महातम कम होइल अउर ना त वंदेमातरम गीत क. उ आंदोलन में वंदेमातरम का महातम एतना रहे कि 1896 क कांग्रेस अधिवेशन में कवि गुरु रवींद्रनाथ ठाकुर वंदेमातरम गीत गउलें रहे. एकरा बाद आजादी मिलला तक कांग्रेस के लगभग हर अधिवेशन में वंदेमातरम गीत गावल जात रहे. ई अलग बात ह कि आजादी के बाद संविधान सभा में जन गण मन के राष्ट्रगान अउर वंदेमातरम् के राष्ट्रगीत के तौर पर अपनावल गइल.

एगो नारा के रूप में वंदेमातरम् कांग्रेस क हिस्सा बनल रहल. आजो कांग्रेस सेवा दल का नारा वंदेमातरम् ही ह. जबकि बंगाल में कांग्रेस छात्र संगठन से लगा के मूल संगठन तक क मुख्य स्लोगन वंदेमातरम् ही ह. एकर मुख्य कारण शायद इहे ह कि आजादी क लड़ाई में बंगाल क जेतना भी सिपाही रहलें चाहे उ खुदीराम बोस होखें चाहे बिनय- बादल- दिनेश आ चाहे बाघा जतिन बा मातंगिनी हाजरा सबकर नारा वंदेमातरम ही रहे. आजादी क सिपाहियन क नारा बंगाल कांग्रेस में आजो सम्मान क रूप में लिहल जाला. बंगाल में जब कांग्रेस से अलग होके ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस बनावली त कई साल तक उनकर दल क भी मुख्य स्लोगन वंदेमातरम् ही रहे. 2011 के चुनाव में जब कांग्रेस साथे मिल कर चुनाव लड़लीं त मां माटी मानूष उन कर चुनावी स्लोगन बनल. अब त तृणमूल कांग्रेस जय हिंद अउर जय बांगला क भी नारा लगावे लगल ह. (लेखक सुशील कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं.)

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