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Bhojpuri: मुकेश सहनी के पटना टू बनारस उड़ान, का फूलन देवी के नांव पs मिली पहचान ?

फूलन देवी के नांव पs घमासान में अब बिहार के निषाद नेता मुकेश सहनी भी कूद गइले. चर्चा बा कि फूलन देवी के बहिन मुन्नी देवी शेर सिंह राणा (फूलन के हत्या के आरोपी) के पाटी के चुनाव लड़िहें. निषाद पाटी के नेता संजय निषाद अभी भाजपा के साथे तs बाड़े लेकिन खींचतान चल रहल बा. अखिलेश जादव भी निषाद समाज के साधे में जुटल बाड़े. अब अतना धक्कमधक्का में बिहार के मुकेश सहनी के कहां जगह मिली ?

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उमाशंकर जब बनारस के बाबतपुर हवाई अड्डा पर उतरले तs उहां अफरा तफरी मचल रहे. पता चलल कि पुलिस कवनो नेता के हवाई अड्डा से बहरी जाये पs रोक लगा देले रहे. उमाशंकर हल्ला हंगामा पs धेयान ना देके आगा बढ़ गइले. उनकर संघतिया कार्तिक गाड़ी ले के आइल रहन. कार्तिक के घरे पहुंचला के बाद उमाशंकर नहा धोआ के तइयार हो गइले. आज सावन के पहिला दिन रहे. बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बिचार भइल. लेकिन कोरोना के चलते अबकी बेर बहुत नया नियम लाग गइल रहे. पूजा-अर्चना के बाद उमाशंकर अउर कार्तिक कचौड़ी गली देने निकल गइले. उमाशंकर, कार्तिक से पूछले, हवाई अड्डा पs काहे खातिर भीड़ लगल रहे ? कार्तिक कहले, फूलन देवी के नांव पs पहिलहीं से यूपी के राजनीत में घमासान रहे, अब बिहार के निषाद नेता मुकेश सहनी भी एकरा में कूद गइले. चुनाव जे ना करावे. आज फुलन देवी के पुण्यतिथि रहे. एक मौका पs मुकेश सहनी कार्जकर्म करे बनारस आइल रहन. लेकिन पुलिस हवाई अड्डा से निकले ना देलस.

मुकेश सहनी : पटना टू बनारस
कार्तिक कहले, पता ना राजनीत में जात के महिमा कहिया ले रही ? 2020 के बिहार बिधानसभा में मुकेश सहनी के पाटी जइसे तइसे एनडीए में आइल अउर चार सीट जीत गइल. मुकेश सहनी खुद चुनाव हार गइले लेकिन नीतीश सरकार में मंतरी बन गइले. खुद के निषाद समुदय के नेता माने वला मुकेश सहनी अब यूपी में जगह बनावल चाहत बाड़े. अगिला साल चुनाव बा, एह से ऊ अबहिएं से माहौल बना रहल बड़े. चुनाव आइल तs मुकेश सहनी के स्वजातीय फूलन देवी के इयाद आइल. फूलन देवी के एक बहिन रामकली देवी गरीबी से लड़ते-लड़ते 2018 में मर गइली. उनकर बूढ़ माई मूला देवी आजो जालौन के शेखपुर गुढ़ा गांव में बेहाल जिनगी जी रहल बाड़ी. फूलन देवी के माई के खेत गोतिया दखल कर लेले. लेकिन कौनो निषाद नेता, ई लोग के मदद खातिर ईमानदारी से आगा न अइल. जेकरा फूलन देवी के परिवार के कवनो फिकिर नइखे उहो फूलन देवी क नांव पs राजनीत कर रहल बा.

निषाद पाटी कइले रहे उलटफेर
उमाशंकर पूछले, का यूपी में निषाद नेता लोग के भीड़ में बिहार के मुकेश सहनी जगह बना पइहें ? कार्तिक कहले, बसपा के नेता रहल संजय निषाद 2016 में निषाद (निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल) पाटी के नांव से नाया दल बनवले रहन. 2017 के बिधानसभा चुनाव में निषाद पाटी 60 सीट पs चुनाव लड़ल रहे. लेकिन एक्के सीट (विजय मिश्र, ज्ञानपुर) पs जीत मिलल रहे. जब जोगी आदित्यनाथ यूपी के मुखमंतरी बने खातिर गोरखपुर के सांसदी छोड़ देले तs 2018 में उहां उपचुनाव भइल. गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पाटी, संजय निषाद के लइका प्रवीण निषाद के खड़ा कइलस. अइसना में सपा अउर निषाद पाटी चुनाव में पूरा ताकत लगवलस. जोगी आदित्यनाथ के पावर में रहला के बादो भाजपा के ई चुनाव में हार हो गइल रहे. गोरखपुर में निषाद समुदाय के करीब साढ़े तीन लाख भोट बा. जब सपा के साथे ई भोट जुट गइल तs भाजपा के हार हो गइल. लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रवीण निषाद एनडीए में आ गइले अउर संत कबीर नगर से सांसद बन गइले. 2022 के यूपी बिधानसभा चुनाव में का होई ? केहू ना बता सके. काहे से कि संजय निषाद भाजपा से डिप्टी सीएम पोस्ट के मांग कर देले बाड़े.

समाजवादी पाटी भी गोलबंदी के कोशिश में
कार्तिक अउर उमाशंकर कचौड़ी गली में बतियावत-बतियावत राजबंधु मिठाई दोकान तक पहुंच गइले. कार्तिक उमाशंकर देने देख के कहले, आवs आज तहरा के अइसन मिठाई खिआवत बानी कि तूं हरमेसा इयाद रखब. अइसन मिठाई बंगलोर में ना मिली. राजबंधु दोकान में दूना जना हेल गइले. कार्तिक कहले, एहिजा के बनल परवर के मिठाई खा के देखs ओकरा बाद बताव. उमाशंकर मिठाई के बड़ाई करत-करत न थकले. ऊहां से निकलला के बाद उमाशंकर फेन राजनीत के बात उसका देले. पूछले, निषाद भोट खातिर समाजवादी पाटी भी तs जोर लगाइबे करी ? काहे से कि मोलायम सिंह जादव ही फूलन देवी के पूर्व डकैत से सांसद बनवले रहन. कार्तिक कहले, इहो कवनो पूछे के बात बा ? तीन दिन पहिले के बात हs. अखिलेश जादव उन्नांव में निषाद समाज के नामी नेता मनोहर लाल के जयंती मनवले रहन. उनकर मूरती के भी अनावरन भइल रहे. मनोहर लाल निषाद, मल्लाह, बिंद, कश्यप जाति के एकजुट कइले रहन. 1993 में ऊ मोलायम सिंह के सरकार में मंतरी भी रहन. जब फूलन देवी जेल में बंद रही तs मनोहर लाल उनकर रिहाई खारित अपने सरकार के खिलाफ धरना पs बइठ गइल रहन. अब मनोहर लाल के राजनीतिक बिरासत उनकर लइका राम कुमार अउर भतीजा अभिवन सम्हार रहल बाड़े.

फूलन देवी के बिरासत खातिर घमासान
फूलन देवी के विरासत के असली वारिस के होई ? अभी एकरा खातिर परिवारे में लड़ाई चल रहल बा. फूलन देवी के जब सम्पत्ति खातिर झगरा शुरू भइल रहे तs उनकर तीन पति दावेदार हो गइल रहन. पहिला पति पुत्तीलाल के सतवले के चलते फूलन देवी के अत्याचार झेले के पड़ल रहे. लेकिन जब फूलन देवी के हत्या भइल तs पुत्तीलाल भी सम्पति में हिस्सा मांगे खातिर कोट कचहरी करे लगले. पूर्व डाकू मानसिंह यादव के कहनाम रहे कि जब ऊ फूलन देवी के साथे जेल में बंद रहन तs ओही घरी बियाह कर लेले रहन. जेल से रिहा भइला के बाद फूलन देवी उम्मेद सिंह निषाद से शादी कर ले ले रही. उम्मेद सिंह कांग्रेस अउर बसपा के टिकट पs चुनाव लड़ चुकल बाड़े लेकिन जीत ना पवले. अब उम्मेद सिंह के नजर 2022 के विधानसभा चुनाव पs गड़ल बा. उम्मेद सिंह के अगुआइ में जलवंशी मोर्चा बन रहल बा जवना में निषाद समुदाय के अगल अलग संगठन शामिल हो रहल बा.

फूलन देवी के बहिन भी अलग दल से लड़िहें चुनाव !
फूलन देवी के बहिन मुन्नी देवी के शेर सिंह राणा के पाटी से चुनाव लड़े के चर्चा हो रहल बा. शेर सिंह राणा पs ही फूलन देवी के हत्या के आरोप लागल रहे. इहे मुन्नी देवी के एफआइआर पs शेर सिंह राणा के फूलन हत्याकांड में आरोपी बनावल गइल रहे. लेकिन राजनीत के कवनो ओर-छोर नइखे. बाद में मुन्नी देवी शेर सिंह राणा के बेकसूर बता देली अउर सारा दोस फूलन देवी के तीसरा पति उम्मेद सिंह पs मढ़ देली. अगर मुन्नी देवी शेर सिंह राणा के पाटी से चुनाव लड़िहें तs ई अचरजे कहाई. एक समय बसपा के भी निषाद समुदाय में बहुत पैठ रहे. मायावती भी ई छिटकल भोट बेंक के पावे खातिर कोशिश कर रहल बाड़ी. ईहां तक कि प्रियंका गांधी भी निषाद भोट खातिर गोलबंदी कर रहल बाड़ी. एतना नेता के भीड़ में बिहार के मुकेश सहनी के कहां तक दाल गली, कहल मोसकिल बा. उमाशंकर अउर कार्तिक बतियावते-बतियावते घरे पहुंच गइले. (अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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